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अगवानपुर मिल प्रबंधन पर भड़के किसान-अफसर

Wed, 28 Nov 2018 02:31 AM IST
Updated Wed, 28 Nov 2018 02:31 AM IST
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अगवानपुर मिल प्रबंधन पर भड़के किसान-अफसर
मुरादाबाद।
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कमिश्नर और डीएम की अध्यक्षता में अलग-अलग आयोजित किसान दिवस में किसान बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर अड़ गए हैं। मिलें भुगतान के लिए दिसंबर तक की मोहलत मांग रही हैं तो किसानों ने हर हाल में नवंबर में भी भुगतान की मांग की है। किसानों के अड़ जाने पर अफसरों ने मिल प्रबंधनों को चेतावनी दी है कि यदि 30 नवंबर तक किसानों को उनका पूरा बकाया नहीं दिया गया तो वह मुकदमा झेलने के लिए तैयार रहें। भुगतान नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ एक दिसंबर को मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।
शासन ने चीनी मिलों को हर हाल में 30 नवंबर तक गन्ने का समस्त बकाया भुगतान करने के आदेश दिए थे। इसके लिए शासन से आसान ब्याज पर कर्ज देने का एलान भी किया गया था। अफसरों की कागजी औपचारिकता में फंसी कार्रवाई के चलते मंडल की एक भी मिल को शासन की कर्ज योजना का लाभ अभी तक नहीं मिला है। किसानों का एक हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान बकाया है। किसान नेता ऋषिपाल सिंह ने कहा कि सबसे कम भुगतान अगवानपुर शुगर मिल ने किया है। मिल प्रबंधन की नीयत भुगतान करने की नहीं है। इस पर किसानों और अधिकारियों ने मिल प्रबंधन पर नाराजगी जताई। अधिकारियों ने सभी मिलों के प्रतिनिधियों को चेतावनी दी कि 30 नवंबर तक भुगतान न कराने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उसके बाद ही किसान शांत हुए। बैठक में भाकियू नेता आनंद चौधरी, ऋषिपाल सिंह, डा. नौ सिंह, टीटू चौहान, भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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30 तक नहीं किया भुगतान, तो होगा लाखों का नुकसान
शासन द्वारा मिलों को साढ़े चार रुपये क्विंटल की सहायता राशि दी जा रही है। अब तक बकाया धनराशि पर इसका भुगतान कर दिया गया है। यदि मिल 30 नवंबर तक समस्त भुगतान नहीं करा पाती है तो शासन बकाया बची धनराशि का भुगतान नहीं करेगा। इससे प्रत्येक मिल को लाखों रुपये का नुकसान होगा।
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मिलों के नियम तोड़ने के आग्रह पर अफसरों की मौन स्वीकृति
ज्यादातर मिल प्रबंधन ने बिना किसी अतिरिक्त सहायता के 30 नवंबर तक बकाया भुगतान करने में असमर्थता दिखाई। मिल प्रबंधन का तर्क था कि हमको समस्त चीनी के भुगतान की अनुमति दी जाए। केंद्र सरकार ने चीनी बिक्री पर राशनिंग की हुई है। इस दौरान किसानों ने पूरी चीनी बेचने की मांग की। इस पर मिल प्रबंधन ने सहमति जताई। केंद्र सरकार के इस नियम तोड़ने के मामले पर अफसरों ने मौन साध लिया। उनका मिशन किसी भी हाल में समस्त भुगतान कराना है।

मिलीभगत का किया जाएगा खुलासा
भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल ने कहा कि अफसर पहले दो बार अगवानपुर चीनी मिल प्रबंधन पर रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं। किसी में भी कार्रवाई नहीं हुई है। अब तीसरी बार रिपोर्ट की बात कह रहे हैं। हल इसका खुलासा करेंगे कि मिल प्रबंधन और अफसरों में मिलीभगत है।

बकाया के बराबर रखी है चीनी
हमारे पास किसानों के बकाया के बराबर चीनी का स्टाक रखा है। उसकी बिक्री होते ही भुगतान करा दिया जाएगा। एक साथ चीनी बिकती है तो प्रशासन को दिसंबर तक का समय देना पड़ेगा। - चौधरी गजेंद्र सिंह, जीएम अगवानपुर शुगर मिल।


दर्ज होगी रिपोर्ट
हर हाल में 30 नवंबर तक गन्ना बकाया का समस्त भुगतान कराना होगा। जो मिल ण्ेसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। गन्ना बकाया में मनमानी नहीं चलेगी। - राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी।
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