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मैं देती रही हिम्मत.. हेमेंद्र छोड़ गए साथ
Updated Mon, 01 Oct 2018 01:52 AM IST
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मुरादाबाद।
ढाई माह का समय हेमेंद्र का तबादला हुए बीत गया है। जब भी फोन पर बात होती तो वह बस अपने तबादले से परेशान होने की बात करते थे। मैं उनको हिम्मत देती थी कि कोई नहीं, आप अपना ख्याल रखिए। मेरी और बेटे की चिंता छोड़ दीजिए। मैं बेटे को संभाल लूंगी लेकिन वो हिम्मत हार गए और हमारा साथ छोड़ गए। एसडीएम हेमेंद्र की पत्नी पिंकी रो-रोकर यह बातें उन्हें सांत्वना देने आई महिलाओं से कह रहीं थीं। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पिंकी के दुख को देख सांत्वना देने आई महिलाएं भी भावुक हो गईं।
पति की मौत के बाद पिंकी को यह समझ नहीं आ रहा है कि वह दोनों बच्चों की परवरिश कैसे कर सकेंगी। वह कह रही थीं कि बेटी घर आएगी तो उसे क्या बताऊंगी। उनका कहना था कि हम लोग कितने अभागी हैं कि बेटे का ठीक से इलाज भी नहीं करवा पा रहे हैं, जबकि पति एक प्रशासनिक अधिकारी हैं। तबादला न होने की वजह से पति को आत्महत्या करनी पड़ी है। उच्चाधिकारियों ने उनके पति की मांग को अनसुना कर दिया, इस वजह से उनको जान देनी पड़ी।
उम्मीद थी कि करवाचौथ पर पति
आएंगे घर, अब शव का इंतजार
मुरादाबाद। टीडीआई सिटी में रहने वाली पिंकी को उम्मीद थी कि उनके पति एसडीएम हेमेंद्र कुमार करवाचौथ पर घर आएंगे। वह उनके लिए व्रत रखकर दीर्घायु की कामना करेंगी। लेकिन रविवार को जब पति की मौत की खबर मिली तो मानो कि उनके प्राण ही सूख गए। जुबां कुछ पल के लिए खामोश हो गई, इसके बाद आंखों से आंसू निकलने शुरू हुए जो कि अब थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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पिंकी ने बताया कि काम का बोझ होने के कारण हेमेंद्र ने बता दिया था कि दिवाली पर भी मुश्किल ही है कि उनको छुट्टी मिल सके। लेकिन पिंकी ने पति से कहा कि अब आप करवाचौथ पर छुट्टी लेकर घर आ जाइएगा। हेमेंद्र ने कहा था कि प्रयास करूंगा। करवा चौथ पर पूरा परिवार एक साथ होगा लेकिन करवाचौथ आने से पहले ही पति की मौत की खबर आई है। जिसने एक पल में ही पिंकी की सारी उम्मीदों को तोड़ दिया। अब इंतजार है तो घर पर हेमेंद्र के शव के पहुंचने का। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार को जानकारी दी है कि सोमवार को हेमेंद्र का शव घर आ सकेगा। हेमेंद्र की मौत की सूचना के बाद लखनऊ के पूर्वांचल नगर से पिंकी के मायके वाले भी मुरादाबाद आ रहे हैं।
पिता का श्राद्ध था रविवार को
मुरादाबाद। एसडीएम ने मौत के लिए अपने पिता के श्राद्ध का दिन चुना। उनकी पत्नी ने बताया कि वह पिता को श्राद्ध देने के लिए भी घर नहीं आ सके। परिवार वालों ने बताया कि हेमेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई देवेंद्र नैनीताल बैंक में महाप्रबंधक उनसे छोटे अजय पंजाब नेशनल बैंक में अधिकारी हैं।
पिता की मौत से बेटा अंजान
मुरादाबाद। पिता की मौत से बेटा तनमय अंजान है। जब घर पर पिता की मौत की सूचना आई तो तनमय सो रहा था। बाहर बरामदे में ही हेमेंद्र की पत्नी पिंकी रुक गईं। उन्होंने बेटे को पति हेमेंद्र की मौत की सूचना नहीं दी। वह मां को रोेने की आवाज सुनकर बाहर आया तो लोगों ने उसे वापस कमरे में भेज दिया।
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ढाई माह का समय हेमेंद्र का तबादला हुए बीत गया है। जब भी फोन पर बात होती तो वह बस अपने तबादले से परेशान होने की बात करते थे। मैं उनको हिम्मत देती थी कि कोई नहीं, आप अपना ख्याल रखिए। मेरी और बेटे की चिंता छोड़ दीजिए। मैं बेटे को संभाल लूंगी लेकिन वो हिम्मत हार गए और हमारा साथ छोड़ गए। एसडीएम हेमेंद्र की पत्नी पिंकी रो-रोकर यह बातें उन्हें सांत्वना देने आई महिलाओं से कह रहीं थीं। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पिंकी के दुख को देख सांत्वना देने आई महिलाएं भी भावुक हो गईं।
पति की मौत के बाद पिंकी को यह समझ नहीं आ रहा है कि वह दोनों बच्चों की परवरिश कैसे कर सकेंगी। वह कह रही थीं कि बेटी घर आएगी तो उसे क्या बताऊंगी। उनका कहना था कि हम लोग कितने अभागी हैं कि बेटे का ठीक से इलाज भी नहीं करवा पा रहे हैं, जबकि पति एक प्रशासनिक अधिकारी हैं। तबादला न होने की वजह से पति को आत्महत्या करनी पड़ी है। उच्चाधिकारियों ने उनके पति की मांग को अनसुना कर दिया, इस वजह से उनको जान देनी पड़ी।
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उम्मीद थी कि करवाचौथ पर पति
आएंगे घर, अब शव का इंतजार
मुरादाबाद। टीडीआई सिटी में रहने वाली पिंकी को उम्मीद थी कि उनके पति एसडीएम हेमेंद्र कुमार करवाचौथ पर घर आएंगे। वह उनके लिए व्रत रखकर दीर्घायु की कामना करेंगी। लेकिन रविवार को जब पति की मौत की खबर मिली तो मानो कि उनके प्राण ही सूख गए। जुबां कुछ पल के लिए खामोश हो गई, इसके बाद आंखों से आंसू निकलने शुरू हुए जो कि अब थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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पिंकी ने बताया कि काम का बोझ होने के कारण हेमेंद्र ने बता दिया था कि दिवाली पर भी मुश्किल ही है कि उनको छुट्टी मिल सके। लेकिन पिंकी ने पति से कहा कि अब आप करवाचौथ पर छुट्टी लेकर घर आ जाइएगा। हेमेंद्र ने कहा था कि प्रयास करूंगा। करवा चौथ पर पूरा परिवार एक साथ होगा लेकिन करवाचौथ आने से पहले ही पति की मौत की खबर आई है। जिसने एक पल में ही पिंकी की सारी उम्मीदों को तोड़ दिया। अब इंतजार है तो घर पर हेमेंद्र के शव के पहुंचने का। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार को जानकारी दी है कि सोमवार को हेमेंद्र का शव घर आ सकेगा। हेमेंद्र की मौत की सूचना के बाद लखनऊ के पूर्वांचल नगर से पिंकी के मायके वाले भी मुरादाबाद आ रहे हैं।
पिता का श्राद्ध था रविवार को
मुरादाबाद। एसडीएम ने मौत के लिए अपने पिता के श्राद्ध का दिन चुना। उनकी पत्नी ने बताया कि वह पिता को श्राद्ध देने के लिए भी घर नहीं आ सके। परिवार वालों ने बताया कि हेमेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई देवेंद्र नैनीताल बैंक में महाप्रबंधक उनसे छोटे अजय पंजाब नेशनल बैंक में अधिकारी हैं।
पिता की मौत से बेटा अंजान
मुरादाबाद। पिता की मौत से बेटा तनमय अंजान है। जब घर पर पिता की मौत की सूचना आई तो तनमय सो रहा था। बाहर बरामदे में ही हेमेंद्र की पत्नी पिंकी रुक गईं। उन्होंने बेटे को पति हेमेंद्र की मौत की सूचना नहीं दी। वह मां को रोेने की आवाज सुनकर बाहर आया तो लोगों ने उसे वापस कमरे में भेज दिया।