मुरादाबाद: राजबब्बर के चुनाव मैदान में कूदने से बदले सियासी समीकरण
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के चुनाव मैदान में कूदने से मुरादाबाद के सियासी समीकरण बदल गए हैं। राजबब्बर ने भाजपा और गठबंधन के संभावित प्रबल दावेदार ही नहीं बल्कि पार्टियों की परेशानी बढ़ा दी है। भाजपा अपनी सीट बचाने और गठबंधन जीत दर्ज करने के लिए हैवी वेट प्रत्याशी मैदान में उतार सकते हैं। सियासी जानकारों के मुताबिक भाजपा और गठबंधन में हैवी वेट प्रत्याशी चयन को लेकर नए सिरे में मंथन शुरू हो गया है। राज्यसभा सदस्य अमर सिंह का नाम भी इन्हीं चर्चाओं में आहर आया है। अमर सिंह के भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ने की अटकलों से भाजपा ही नहीं बल्कि दूसरे दलों की भी बेचैनी बढ़ गई है।
कांग्रेस ने मुरादाबाद से प्रत्याशी घोषित कर भाजपा और गठबंधन को मुश्किल में डाल दिया है। राजबब्बर न केवल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हैं, बल्कि सेलिब्रिटी हैं। राजनीतिक समर्थकों के साथ आम वोटर उनके प्रशंसक हैं। ऐसे में भाजपा और गठबंधन ने कांग्रेस को टक्कर देने के लिए हैवी वेट प्रत्याशी चयन को लेकर उधेड़बुन शुरू कर दी है। सियासी जानकारों का मानना है कि राजबब्बर की घोषणा से पूर्व कांग्रेस हाशिये पर आंकी जा रही थी। लेकिन राजबब्बर के मैदान में कूदने से समीकरण बदल गए हैं। मौजूदा सांसद भाजपा से हैं। जबकि सपा, बसपा और लोकदल के हाथ मिलाने से गठबंधन ताकत के रूप में उभरा है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय है।
चुनाव जीतने के लिए भाजपा और गठबंधन अपने प्रत्याशी चयन में किसी तरह की चूक नहीं करना चाहते हैं। भाजपा और गठबंधन में फिलहाल स्थानीय स्तर पर वेट एंड वॉच की स्थिति बनी है। दावेदारों से लेकर बड़े नेता टिप्पणी करने से बच रहे हैं। प्रबल दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली में हाईकमान की परिक्रमा में लगे हैं। स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता भी खामोश हैं। गठबंधन प्रत्याशी की होली से पहले घोषणा होने की संभावना है। जबकि भाजपा में राज्य सभा सदस्य अमर सिंह के नाम की चर्चा ने खलबली मचाई है।