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साढ़े सात सौ गांवों में अंधेरा कायम
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
चार दिन पहले आई आंधी तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही ग्रामीण क्षेत्र में मचाई थी। बिजली व्यवस्था तो पूरी तरह से चौपट ही कर दी थी। चार दिन बाद भी बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। जनपद में अभी भी साढ़े सात सौ गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। विद्युत विभाग के स्टोर में खंभे और तार खत्म हो गए हैं। लाइन बिछाने के लिए लेबर भी नहीं मिल पा रही है। कम सामान और लेबर की कमी के कारण बिजली सुधार में बाधा बनती जा रही है। तो वहीं लोग परेशान हैं।
शुक्रवार रात आंधी तूफान ने जनपद में भारी तबाही मचाई थी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक हजारों पेड़ टूटकर गिर गए थे। जिससे बिजली के खंभे और तार टूट गए। आंधी में सबसे ज्यादा नुकसान बिजली विभाग को ही उठाना था। 800 से ज्यादा खंभे उखड़ गए थे। जिसमें 200 खंभे शहर में गिरे हैं। चौबीस घंटे तक शहर के कई मोहल्लों ने बिजली संकट झेला। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तो अभी बिजली संकट बरकरार है। ग्रामीण क्षेत्र के कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी बिजली घरों से जुड़े करीब साढ़े सात सौ गांवों में अभी भी बिजली संकट बरकरार है। एक साथ आठ सौ से ज्यादा पोल टूट जाने के कारण स्टोर में भी सामान खत्म हो गया है। जबकि कुछ दिन पहले ही पांच सौ से ज्यादा पोल टूट गए थे। इतनी बड़ी संख्या में पोल टूट जाने के कारण स्टोर में जितना सामान था सब खत्म हो चुका है। अब मेरठ से जितना सामान भेजा जा रहा है। उसे तुरंत ही साइडों पर भिजवा कर कार्य कराया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण संजय कुमार गर्ग ने बताया कि स्टोर में सामान खत्म हो गया है। जिस कारण बिजली सुधार में व्यवधान उत्पंन हो रहा है। जितना सामान मिल जा रहा है। उसे लगाकर बिजली सप्लाई दी जा रही है। लेबर भी नहीं मिल पा रही है। अभी पूरी तरह से बिजली व्यवस्था सुधार में समय लगेगा।
मौसम विभाग के अलर्ट से ढीला पड़ा बिजली सुधार कार्य
मुरादाबाद। आंधी तूफान से मुरादाबाद में दो बार बिजली विभाग को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। पहले आये तूफान से 500 पोल टूट गए थे। जिसमें 50 लाख से ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ा था। शुक्रवार को फिर से तूफान ने तबाही मचाई थी। जिसमें 800 पोल टूट गए। जबकि डेढ़ करोड़ के नुकसान का आंकलन किया गया है। सूत्रों की माने तो मौसम विभाग के अलर्ट के बाद बिजली विभाग ने नये पोल लगाने में ढील डाल दी है। माना जा रहा है कि तीसरे बार तूफान आया तो फिर से विभाग को नुकसान का झेलना पडे़गा। इस लिए अगर तूफान आये तो उसके बाद ही बिजली सुधार में तेजी लाई जाएगी।
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चार दिन पहले आई आंधी तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही ग्रामीण क्षेत्र में मचाई थी। बिजली व्यवस्था तो पूरी तरह से चौपट ही कर दी थी। चार दिन बाद भी बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। जनपद में अभी भी साढ़े सात सौ गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। विद्युत विभाग के स्टोर में खंभे और तार खत्म हो गए हैं। लाइन बिछाने के लिए लेबर भी नहीं मिल पा रही है। कम सामान और लेबर की कमी के कारण बिजली सुधार में बाधा बनती जा रही है। तो वहीं लोग परेशान हैं।
शुक्रवार रात आंधी तूफान ने जनपद में भारी तबाही मचाई थी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक हजारों पेड़ टूटकर गिर गए थे। जिससे बिजली के खंभे और तार टूट गए। आंधी में सबसे ज्यादा नुकसान बिजली विभाग को ही उठाना था। 800 से ज्यादा खंभे उखड़ गए थे। जिसमें 200 खंभे शहर में गिरे हैं। चौबीस घंटे तक शहर के कई मोहल्लों ने बिजली संकट झेला। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तो अभी बिजली संकट बरकरार है। ग्रामीण क्षेत्र के कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी बिजली घरों से जुड़े करीब साढ़े सात सौ गांवों में अभी भी बिजली संकट बरकरार है। एक साथ आठ सौ से ज्यादा पोल टूट जाने के कारण स्टोर में भी सामान खत्म हो गया है। जबकि कुछ दिन पहले ही पांच सौ से ज्यादा पोल टूट गए थे। इतनी बड़ी संख्या में पोल टूट जाने के कारण स्टोर में जितना सामान था सब खत्म हो चुका है। अब मेरठ से जितना सामान भेजा जा रहा है। उसे तुरंत ही साइडों पर भिजवा कर कार्य कराया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण संजय कुमार गर्ग ने बताया कि स्टोर में सामान खत्म हो गया है। जिस कारण बिजली सुधार में व्यवधान उत्पंन हो रहा है। जितना सामान मिल जा रहा है। उसे लगाकर बिजली सप्लाई दी जा रही है। लेबर भी नहीं मिल पा रही है। अभी पूरी तरह से बिजली व्यवस्था सुधार में समय लगेगा।
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मौसम विभाग के अलर्ट से ढीला पड़ा बिजली सुधार कार्य
मुरादाबाद। आंधी तूफान से मुरादाबाद में दो बार बिजली विभाग को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। पहले आये तूफान से 500 पोल टूट गए थे। जिसमें 50 लाख से ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ा था। शुक्रवार को फिर से तूफान ने तबाही मचाई थी। जिसमें 800 पोल टूट गए। जबकि डेढ़ करोड़ के नुकसान का आंकलन किया गया है। सूत्रों की माने तो मौसम विभाग के अलर्ट के बाद बिजली विभाग ने नये पोल लगाने में ढील डाल दी है। माना जा रहा है कि तीसरे बार तूफान आया तो फिर से विभाग को नुकसान का झेलना पडे़गा। इस लिए अगर तूफान आये तो उसके बाद ही बिजली सुधार में तेजी लाई जाएगी।
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