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आर्टिजन पार्क को झटका
Updated Thu, 24 May 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद
जिले केकरीब एक लाख हस्तशिल्पियों के लिए प्रस्तावित आर्टिजन पार्क के निर्माण को झटका लगा है। जमीन परीक्षण के लिए बनाई गई कमेटी ने नगर निगम की ओर से राम गंगा किनारे प्रस्तावित की गई 70 एकड़ जमीन को बाढ़ग्रस्त घोषित कर दिया है। अधिशासी अभियंता सिंचाई ने यह रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी है।
हस्तशिल्पियों की आर्थिक एवं सामाजिक दशा सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने सितंबर 2016 मेें आर्टिजन पार्क मंजूर करते हुए डीएम को जमीन उपलब्ध कराने केनिर्देश दिए थे। जनवरी 2018 को नगर निगम ने राम गंगा किनारे 70 एकड़ जमीन देने पर सहमति दे दी थी। उसी के बाद निर्माण की प्रक्रिया तेजी से शुरू की गई। जमीन की उपयोगिता के लिए बनाई गई कमेटी ने प्रस्तावित जमीन का परीक्षण किया तो यह जमीन बाढ़ ग्रस्त निकली। इस जमीन पर आठ साल पहले यानी कि 2010 में बाढ़ के कारण कई फीट तक जल भराव हो गया था। इस वजह से सिंचाई के अलावा उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित आधा दर्जन विभागों ने इस स्थान पर आर्टिजन पार्क बनाने की सहमति देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को यह रिपोर्ट कमिश्नर राजेश कुमार सिंह के समक्ष पेश की गई।
पार्क में ये होंगी सुविधाएं
हस्तशिल्पी शहर की तंग गलियों से निकलकर अच्छे माहौल में काम कर सकेंगे। उनके लिए काम करने के स्थान के साथ-साथ रहने की व्यवस्था होगी। कामन फैसेलिटी सेंटर, बच्चों के लिए स्कूल, खेल मैदान, अस्पताल और उनके लिए पार्क बनेंगे। इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार आर्थिक मदद भी करेगी। कुछ अंश चयनित हस्तशिल्पियों से लेकर उनको रहने और काम करने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
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कमिश्नर खुद देखेंगे विवादित जमीन
मुरादाबाद।
कमिश्नर राजेश कुमार सिंह का कहना है कि समिति की रिपोर्ट में आर्टिजन पार्क के लिए प्रस्तावित जमीन ड़ूबा क्षेत्र बताई गई है। अभी इस रिपोर्ट पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं खुद इस जमीन को देख लूं। उसी केबाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। यह जमीन उपयुक्त नहीं होगी तो दूसरी जमीन के लिए प्रयास किए जाएंगे।
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जिले केकरीब एक लाख हस्तशिल्पियों के लिए प्रस्तावित आर्टिजन पार्क के निर्माण को झटका लगा है। जमीन परीक्षण के लिए बनाई गई कमेटी ने नगर निगम की ओर से राम गंगा किनारे प्रस्तावित की गई 70 एकड़ जमीन को बाढ़ग्रस्त घोषित कर दिया है। अधिशासी अभियंता सिंचाई ने यह रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी है।
हस्तशिल्पियों की आर्थिक एवं सामाजिक दशा सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने सितंबर 2016 मेें आर्टिजन पार्क मंजूर करते हुए डीएम को जमीन उपलब्ध कराने केनिर्देश दिए थे। जनवरी 2018 को नगर निगम ने राम गंगा किनारे 70 एकड़ जमीन देने पर सहमति दे दी थी। उसी के बाद निर्माण की प्रक्रिया तेजी से शुरू की गई। जमीन की उपयोगिता के लिए बनाई गई कमेटी ने प्रस्तावित जमीन का परीक्षण किया तो यह जमीन बाढ़ ग्रस्त निकली। इस जमीन पर आठ साल पहले यानी कि 2010 में बाढ़ के कारण कई फीट तक जल भराव हो गया था। इस वजह से सिंचाई के अलावा उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित आधा दर्जन विभागों ने इस स्थान पर आर्टिजन पार्क बनाने की सहमति देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को यह रिपोर्ट कमिश्नर राजेश कुमार सिंह के समक्ष पेश की गई।
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पार्क में ये होंगी सुविधाएं
हस्तशिल्पी शहर की तंग गलियों से निकलकर अच्छे माहौल में काम कर सकेंगे। उनके लिए काम करने के स्थान के साथ-साथ रहने की व्यवस्था होगी। कामन फैसेलिटी सेंटर, बच्चों के लिए स्कूल, खेल मैदान, अस्पताल और उनके लिए पार्क बनेंगे। इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार आर्थिक मदद भी करेगी। कुछ अंश चयनित हस्तशिल्पियों से लेकर उनको रहने और काम करने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
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कमिश्नर खुद देखेंगे विवादित जमीन
मुरादाबाद।
कमिश्नर राजेश कुमार सिंह का कहना है कि समिति की रिपोर्ट में आर्टिजन पार्क के लिए प्रस्तावित जमीन ड़ूबा क्षेत्र बताई गई है। अभी इस रिपोर्ट पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं खुद इस जमीन को देख लूं। उसी केबाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। यह जमीन उपयुक्त नहीं होगी तो दूसरी जमीन के लिए प्रयास किए जाएंगे।