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टीबी रोगी खोजने जनता द्वार जाएगा अस्पताल
Updated Sat, 13 Oct 2018 02:12 AM IST
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मुरादाबाद।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अगले चरण में स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा मोबाइल वैन अब जनता द्वार जाएगी। लोगों की स्क्रीनिंग कर टीबी के संदिग्ध रोगियों की मौके पर ही सीबी नेट मशीन से जांच होगी। जांच रिपोर्ट में टीबी की पुष्टि होने पर इलाज किया जाएगा। मुरादाबाद जिले में मोबाइल वैन 29 अक्तूबर से ब्लाकवार घूमेगी।
2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग हर तीन महीने में टीबी रोगियों को खोजने का अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में अब चिकित्सा मोबाइल वैन लोगों के घर-घर जाएगी। मोबाइल वैन अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगी। मोबाइल वैन में सीबी नेट मशीन होगी। संदिग्ध रोगी मिलने पर उसकी वैन में ही जांच होगी। डेढ़ घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. डीके प्रेमी के मुताबिक 29 अक्टूबर से वैन जिले में घूमेगी। दो नवंबर तक गांव एवं मोहल्लों में चलाई जाएगी। टीबी का रोगी या मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (एमडीआर) रोगी चिह्नित होने पर अगले दिन से उसका इलाज शुरू हो जाएगा।
इन तारीखों को यहां रहेगी वैन
पाकबड़ा से 29 अक्टूबर को चिकित्सा मोबाइल वैन की शुरुआत होगी। 30 अक्टूबर को बिलारी, 31 अक्टूबर को मूंढापांडे, एक नवंबर को भोजपुर और दो नवंबर को कांठ क्षेत्र में घूमेगी। जिन इलाकों में टीबी रोगियों की संख्या अधिक है वहां कैंप भी लाएगी।
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एचआईवी की जांच भी होगी
कार्यक्रम समन्वयक डा. मो जावेद के मुताबिक घनी आबादी क्षेत्र एवं मलिन बस्तियों में टीबी के मरीज अधिक हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी के चलते इलाज नहीं करवा पाते हैं। मोबाइल चिकित्सा वैन में टीबी के अलावा एचआईवी की जांच भी की जाएगी।
एमडीआर मरीजों की संख्या बढ़ी
वर्ष 2015 में 638 संदिग्ध रोगियों की जांच हुई, जिनमें 12 एमडीआर रोगी मिले। वर्ष 2016 में 1315 जांच में 123 एमडीआर रोगियों की पुष्टि हुई। वर्ष 2017 में 3048 जांच में 190 एमडीआर और वर्ष 2018 में अभी तक 5481 संदिग्ध रोगियों की जांच में 180 एमडीआर रोगी मिल चुके हैं।
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टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अगले चरण में स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा मोबाइल वैन अब जनता द्वार जाएगी। लोगों की स्क्रीनिंग कर टीबी के संदिग्ध रोगियों की मौके पर ही सीबी नेट मशीन से जांच होगी। जांच रिपोर्ट में टीबी की पुष्टि होने पर इलाज किया जाएगा। मुरादाबाद जिले में मोबाइल वैन 29 अक्तूबर से ब्लाकवार घूमेगी।
2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग हर तीन महीने में टीबी रोगियों को खोजने का अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में अब चिकित्सा मोबाइल वैन लोगों के घर-घर जाएगी। मोबाइल वैन अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगी। मोबाइल वैन में सीबी नेट मशीन होगी। संदिग्ध रोगी मिलने पर उसकी वैन में ही जांच होगी। डेढ़ घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. डीके प्रेमी के मुताबिक 29 अक्टूबर से वैन जिले में घूमेगी। दो नवंबर तक गांव एवं मोहल्लों में चलाई जाएगी। टीबी का रोगी या मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (एमडीआर) रोगी चिह्नित होने पर अगले दिन से उसका इलाज शुरू हो जाएगा।
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इन तारीखों को यहां रहेगी वैन
पाकबड़ा से 29 अक्टूबर को चिकित्सा मोबाइल वैन की शुरुआत होगी। 30 अक्टूबर को बिलारी, 31 अक्टूबर को मूंढापांडे, एक नवंबर को भोजपुर और दो नवंबर को कांठ क्षेत्र में घूमेगी। जिन इलाकों में टीबी रोगियों की संख्या अधिक है वहां कैंप भी लाएगी।
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एचआईवी की जांच भी होगी
कार्यक्रम समन्वयक डा. मो जावेद के मुताबिक घनी आबादी क्षेत्र एवं मलिन बस्तियों में टीबी के मरीज अधिक हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी के चलते इलाज नहीं करवा पाते हैं। मोबाइल चिकित्सा वैन में टीबी के अलावा एचआईवी की जांच भी की जाएगी।
एमडीआर मरीजों की संख्या बढ़ी
वर्ष 2015 में 638 संदिग्ध रोगियों की जांच हुई, जिनमें 12 एमडीआर रोगी मिले। वर्ष 2016 में 1315 जांच में 123 एमडीआर रोगियों की पुष्टि हुई। वर्ष 2017 में 3048 जांच में 190 एमडीआर और वर्ष 2018 में अभी तक 5481 संदिग्ध रोगियों की जांच में 180 एमडीआर रोगी मिल चुके हैं।