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दिल्ली: अब छात्राएं-महिलाएं थाने जाए बगैर क्यूआर कोड स्कैन कर दे सकेंगी शिकायत, ई-निर्भीक सिस्टम आज से शुरू
Fri, 06 Nov 2026 03:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 06 Nov 2026 03:06 AM IST
सार
डिजिटल सशक्तिकरण के तहत पीड़ित छात्राएं ई-निर्भीक सिस्टम के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे पुलिस को अपनी शिकायत भेज सकेंगी। शिकायत मिलने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
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सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्कूली छात्राओं और महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए अब किसी पुलिस स्टेशन या अधिकारी के पास जाने की जरूरत नहीं। डिजिटल सशक्तिकरण के तहत पीड़ित छात्राएं ई-निर्भीक सिस्टम के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे पुलिस को अपनी शिकायत भेज सकेंगी। शिकायत मिलने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
दिल्ली पुलिस का बाहरी-उत्तरी जिला स्कूलों और कॉलेजों के पास ई-शिकायत बॉक्स लगवाने जा रहा है। इसके अलावा, बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिले में तैनात सभी बीट अफसरों को सरकारी मोबाइल नंबर आवंटित किए हैं। अब डीसीपी और थानाध्यक्ष की तरह बीट अफसरों के पास भी सरकारी मोबाइल नंबर होंगे।
बाहरी-उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त शोभित डी. सक्सेना ने बताया कि पिछले कुछ समय से जिले की परिवर्तन और शिष्टाचार महिला पुलिस टीमें स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्राओं से संवाद कर रही थीं। इस दौरान छात्राओं ने बताया कि स्कूलों के बाहर कुछ शरारती युवक उनके साथ बदतमीजी करते हैं और आपत्तिजनक बातें कहते हैं।
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जब पुलिस टीमों ने छात्राओं से पूछा कि वे इसकी शिकायत पुलिस से क्यों नहीं करतीं, तो उन्होंने बताया कि उन्हें थाने जाने में शर्म और झिझक महसूस होती है। साथ ही, शिकायत करने के लिए समूह में जाने पर अन्य छात्राएं उनका मजाक उड़ाती हैं और हंसी उड़ाती हैं। पुलिस उपायुक्त सक्सेना ने बताया कि छात्राओं को बिना किसी झिझक के शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्कूलों के पास ई-निर्भीक बॉक्स लगाए जा रहे हैं। इन बॉक्स पर क्यूआर कोड लगा होगा।
शिकायत दर्ज कराने के लिए छात्राओं को क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद एक वेब पेज खुलेगा, जहां वे अपनी शिकायत लिखकर सीधे पुलिस को भेज सकेंगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी शिकायत पेटियां लगाई गई थीं, लेकिन छात्राएं उनमें शिकायत डालने से झिझकती थीं। हालांकि, पुलिस इन शिकायत पेटियों को नियमित रूप से चेक कर रही है।
20 फीसदी कम हुईं पीसीआर कॉल
पुलिस उपायुक्त शोभित डी. सक्सेना ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस ने सभी बीट अफसरों को सरकारी मोबाइल नंबर दिए हैं। अब प्रत्येक बीट का एक स्थायी मोबाइल नंबर होगा। बीट अफसर के बदलने पर भी उस बीट का मोबाइल नंबर नहीं बदलेगा। स्थायी नंबर होने से स्थानीय लोगों के लिए बीट अफसरों से संपर्क करना आसान हो गया है। अब लोग छोटी-मोटी समस्याओं के लिए सीधे बीट अफसरों को फोन कर रहे हैं। इससे जिले में प्रतिदिन आने वाली पीसीआर कॉल में करीब 20 फीसदी की कमी आई है।
स्थायी नंबर से नए प्रहरियों को भी जोड़ा जाएगा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीट अफसरों के स्थायी मोबाइल नंबर होने से इलाके में तैनात सुरक्षा गार्ड, आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी और अन्य प्रहरी सीधे बीट अफसरों के संपर्क में रह सकेंगे। इसके लिए बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस सुरक्षा एजेंसियों से भी संपर्क कर रही है, ताकि इलाके में ड्यूटी करने वाले सुरक्षा गार्डों को संबंधित बीट अफसर का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जा सके।
विशेष पुलिस आयुक्त करेंगे ई-निर्भीक सिस्टम की शुरुआत
जिले में ई-निर्भीक सिस्टम की शुरुआत शुक्रवार से की जाएगी। यह पहल डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था, जोन-1) देवेश चंद्र श्रीवास्तव इस पहल का उद्घाटन करेंगे। इसके तहत आत्मरक्षा कार्यक्रम, ऑपरेशन मिलाप, ऑपरेशन प्रहरी और शिष्टाचार सहित कई विशेष कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
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दिल्ली पुलिस का बाहरी-उत्तरी जिला स्कूलों और कॉलेजों के पास ई-शिकायत बॉक्स लगवाने जा रहा है। इसके अलावा, बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिले में तैनात सभी बीट अफसरों को सरकारी मोबाइल नंबर आवंटित किए हैं। अब डीसीपी और थानाध्यक्ष की तरह बीट अफसरों के पास भी सरकारी मोबाइल नंबर होंगे।
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बाहरी-उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त शोभित डी. सक्सेना ने बताया कि पिछले कुछ समय से जिले की परिवर्तन और शिष्टाचार महिला पुलिस टीमें स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्राओं से संवाद कर रही थीं। इस दौरान छात्राओं ने बताया कि स्कूलों के बाहर कुछ शरारती युवक उनके साथ बदतमीजी करते हैं और आपत्तिजनक बातें कहते हैं।
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जब पुलिस टीमों ने छात्राओं से पूछा कि वे इसकी शिकायत पुलिस से क्यों नहीं करतीं, तो उन्होंने बताया कि उन्हें थाने जाने में शर्म और झिझक महसूस होती है। साथ ही, शिकायत करने के लिए समूह में जाने पर अन्य छात्राएं उनका मजाक उड़ाती हैं और हंसी उड़ाती हैं। पुलिस उपायुक्त सक्सेना ने बताया कि छात्राओं को बिना किसी झिझक के शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्कूलों के पास ई-निर्भीक बॉक्स लगाए जा रहे हैं। इन बॉक्स पर क्यूआर कोड लगा होगा।
शिकायत दर्ज कराने के लिए छात्राओं को क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद एक वेब पेज खुलेगा, जहां वे अपनी शिकायत लिखकर सीधे पुलिस को भेज सकेंगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी शिकायत पेटियां लगाई गई थीं, लेकिन छात्राएं उनमें शिकायत डालने से झिझकती थीं। हालांकि, पुलिस इन शिकायत पेटियों को नियमित रूप से चेक कर रही है।
20 फीसदी कम हुईं पीसीआर कॉल
पुलिस उपायुक्त शोभित डी. सक्सेना ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस ने सभी बीट अफसरों को सरकारी मोबाइल नंबर दिए हैं। अब प्रत्येक बीट का एक स्थायी मोबाइल नंबर होगा। बीट अफसर के बदलने पर भी उस बीट का मोबाइल नंबर नहीं बदलेगा। स्थायी नंबर होने से स्थानीय लोगों के लिए बीट अफसरों से संपर्क करना आसान हो गया है। अब लोग छोटी-मोटी समस्याओं के लिए सीधे बीट अफसरों को फोन कर रहे हैं। इससे जिले में प्रतिदिन आने वाली पीसीआर कॉल में करीब 20 फीसदी की कमी आई है।
स्थायी नंबर से नए प्रहरियों को भी जोड़ा जाएगा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीट अफसरों के स्थायी मोबाइल नंबर होने से इलाके में तैनात सुरक्षा गार्ड, आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी और अन्य प्रहरी सीधे बीट अफसरों के संपर्क में रह सकेंगे। इसके लिए बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस सुरक्षा एजेंसियों से भी संपर्क कर रही है, ताकि इलाके में ड्यूटी करने वाले सुरक्षा गार्डों को संबंधित बीट अफसर का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जा सके।
विशेष पुलिस आयुक्त करेंगे ई-निर्भीक सिस्टम की शुरुआत
जिले में ई-निर्भीक सिस्टम की शुरुआत शुक्रवार से की जाएगी। यह पहल डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था, जोन-1) देवेश चंद्र श्रीवास्तव इस पहल का उद्घाटन करेंगे। इसके तहत आत्मरक्षा कार्यक्रम, ऑपरेशन मिलाप, ऑपरेशन प्रहरी और शिष्टाचार सहित कई विशेष कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।