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हड़ताल पर डाक्टर, ओपीडी सेवाएं बंद
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:32 AM IST
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मुरादाबाद। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर डाक्टरों की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का मुरादाबाद में भी व्यापक असर रहा। मुरादाबाद में 80 फीसदी निजी अस्पताल और क्लीनिकों में ओपीडी, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाएं बंद रही। इससे मरीज परेशान होकर भटकते नजर आए। डाक्टरों ने जुलूस निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से बिल के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा।
कचहरी स्थित आईएमए भवन में सुबह 10 बजे कई चिकित्सक एकत्र हुए। आईएमए अध्यक्ष डा. बबीता गुप्ता और सचिव डा. मोहित टंडन के नेतृत्व में डाक्टर जुलूस लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। अध्यक्ष डा. बबीता ने कहा बिल अमीरों के हित में बनाया गया है। एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्र चिकित्सा आयोग का गठन अलोकतांत्रिक है। अध्यक्ष ने कहा कि इससे राज्य चिकित्सक का प्रतिनिधित्व पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बिल में तीन की जगह 10 सदस्यों के समूहबद्ध किए जाने की सिफारिश को भी अस्वीकार कर दिया है।
सचिव डा. मोहित टंडन ने कहा कि आर्थिक एवं पिछड़े वर्ग के छात्र चिकित्सा परिषद के साथ पंजीकृत नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय हड़ताल के बाद भी सरकार नहीं चेती तो निजी डाक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान डा. नीरज गुप्ता, डा. विजय गुप्ता, डा. रवि गंगल, डा. पायल पुरी, डा. रिचा गंगल, डा. एके गोयल, डा. राम मोहन, डा. मनोज सक्सेना और डा. सुधीर समेत दर्जनों डाक्टर मौजूद रहे।
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भटकते रहे मरीज, शाम को खुली ओपीडी
आईएमए ने सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक निजी अस्पताल और क्लीनिक बंदी का आह्वान किया था। मुरादाबाद में करीब 500 निजी अस्पताल एवं क्लीनिक हैं। सुबह से अस्पतालों और क्लीनिकों में ओपीडी के साथ पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाएं बंद रही। इससे ओपीडी पहुंचने वाले मरीज परेशान रहे।
- निजी अस्पतालों की इमरजेंसी को बंद से मुक्त रखा गया था। इमरजेंसी पहुंचने वाले मरीजों का इलाज किया गया। हड़ताल का असर ओपीडी, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाओं पर पड़ा। छह बाद बाद कई क्लीनिकों और अस्पतालों में ओपीडी चली। - डा. बबीता गुप्ता, अध्यक्ष आईएमए
सरकारी अस्पतालों में रहा मरीजों का दबाव
निजी अस्पतालों की हड़ताल के चलते जिला एवं महिला अस्पताल में मरीजों का दबाव अधिक रहा। बारिश के बाद भी सरकारी अस्पतालोें की ओपीडी में मरीज सुबह आठ बजे से पहुंचने लगे। दोपहर दो बजे तक ओपीडी चली। एमएस डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों की हड़ताल के मद्देनजर जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ अधिक होने पर निर्धारित दो बजे बाद भी मरीजों को देखने के निर्देश दिए थे। इमरजेंसी में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई थीं।
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कचहरी स्थित आईएमए भवन में सुबह 10 बजे कई चिकित्सक एकत्र हुए। आईएमए अध्यक्ष डा. बबीता गुप्ता और सचिव डा. मोहित टंडन के नेतृत्व में डाक्टर जुलूस लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। अध्यक्ष डा. बबीता ने कहा बिल अमीरों के हित में बनाया गया है। एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्र चिकित्सा आयोग का गठन अलोकतांत्रिक है। अध्यक्ष ने कहा कि इससे राज्य चिकित्सक का प्रतिनिधित्व पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बिल में तीन की जगह 10 सदस्यों के समूहबद्ध किए जाने की सिफारिश को भी अस्वीकार कर दिया है।
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सचिव डा. मोहित टंडन ने कहा कि आर्थिक एवं पिछड़े वर्ग के छात्र चिकित्सा परिषद के साथ पंजीकृत नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय हड़ताल के बाद भी सरकार नहीं चेती तो निजी डाक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान डा. नीरज गुप्ता, डा. विजय गुप्ता, डा. रवि गंगल, डा. पायल पुरी, डा. रिचा गंगल, डा. एके गोयल, डा. राम मोहन, डा. मनोज सक्सेना और डा. सुधीर समेत दर्जनों डाक्टर मौजूद रहे।
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भटकते रहे मरीज, शाम को खुली ओपीडी
आईएमए ने सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक निजी अस्पताल और क्लीनिक बंदी का आह्वान किया था। मुरादाबाद में करीब 500 निजी अस्पताल एवं क्लीनिक हैं। सुबह से अस्पतालों और क्लीनिकों में ओपीडी के साथ पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाएं बंद रही। इससे ओपीडी पहुंचने वाले मरीज परेशान रहे।
- निजी अस्पतालों की इमरजेंसी को बंद से मुक्त रखा गया था। इमरजेंसी पहुंचने वाले मरीजों का इलाज किया गया। हड़ताल का असर ओपीडी, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाओं पर पड़ा। छह बाद बाद कई क्लीनिकों और अस्पतालों में ओपीडी चली। - डा. बबीता गुप्ता, अध्यक्ष आईएमए
सरकारी अस्पतालों में रहा मरीजों का दबाव
निजी अस्पतालों की हड़ताल के चलते जिला एवं महिला अस्पताल में मरीजों का दबाव अधिक रहा। बारिश के बाद भी सरकारी अस्पतालोें की ओपीडी में मरीज सुबह आठ बजे से पहुंचने लगे। दोपहर दो बजे तक ओपीडी चली। एमएस डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों की हड़ताल के मद्देनजर जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ अधिक होने पर निर्धारित दो बजे बाद भी मरीजों को देखने के निर्देश दिए थे। इमरजेंसी में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई थीं।