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शंखनाद से पहले ही मैदान छोड़ रहे कांग्रेसी कमांडर
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मुरादाबाद। पहले मुरादाबाद से राजबब्बर ने इंकार किया और अब राशिद अल्वी भी अमरोहा का चुनाव मैदान छोड़ गए। मंडल में कांग्रेस के दो दिग्गजों के चुनाव मैदान छोड़ देने से कांग्र्रेस पदाधिकारियों और निचले स्तर के कार्यकर्ताओं की स्थिति काफी असहज हो गई है। सोशल मीडिया पर विरोधियों के ताने झेल रहे कांग्रेस कार्यकर्ता बार - बार बदलते फैसलों से खफा हैं। चुनावी समर के आगाज से पहले ही अपने योद्धाओं के मैदान छोड़ जाने से कांग्रेस के अहम ओहदेदारों में भी उत्साह ठंडा पड़ा है।
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर सबसे पहले प्रत्याशी घोषित करते हुए कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष और फिल्म अभिनेता राजबब्बर के नाम का एलान किया था। राजबब्बर के नाम की घोषणा से कार्यकर्ताओं में इस कदर उत्साह भरा कि उत्साही कार्यकर्ता आचार संहिता की बंदिशें भूलकर जश्न मनाने सड़क पर उतर गए। नतीजतन पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कर लिया। राजबब्बर के रोड शो की तैयारियां शुरू हो गईं। पहले उन्हें 17 मार्च को आना था फिर 22 मार्च की तारीख तय हुई। राजबब्बर तो नहीं आए लेकिन उनके मुरादाबाद का चुनाव मैदान छोड़ने की खबर जरूर मुरादाबाद आ गई। प्रदेश अध्यक्ष के बैकफुट पर जाने से कार्यकर्ताओं में मायूसी फैल गई। पार्टी ने शायर इमरान प्रतापगढ़ी के रूप में नया प्रत्याशी दे दिया। लेकिन नाम के एलान के साथ ही पार्टी के स्थानीय अहम ओहदेदारों ने उनके नाम का विरोध शुरू कर दिया। अभी मुरादाबाद का असंतोष थमा भी नहीं था कि कांग्रेस ने अमरोहा से पार्टी प्रत्याशी बनाए गए पूर्व सांसद राशिद अल्वी ने भी हाथ जोड़कर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। चुनाव नहीं लड़ने के उन्हाेंने व्यक्तिगत कारण बताए हैं। उनके स्थान पर पार्टी ने स्थानीय नेता सचिन चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। एक सप्ताह के भीतर अपने दो दिग्गजों के मंडल के चुनावी संग्राम से हट जाने की वजह से कांग्रेस में उथलपुथल मची है। पदाधिकारी भी अभी ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं कि पब्लिक के बीच में जाकर कहें तो क्या कहें।
लोग कह रहे हैं कि हमारे नेता राजबब्बर और राशिद अल्वी डर कर मैदान छोड़ गए। सोशल मीडिया पर भी हमारी फजीहत हो रही है। हम क्या जवाब दें। कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास टूटा है। इससे तो पार्टी स्थानीय प्रत्याशी को उतारती तो बेहतर होता। - देशराज शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री, कांग्रेस।
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मुरादाबाद लोकसभा सीट पर सबसे पहले प्रत्याशी घोषित करते हुए कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष और फिल्म अभिनेता राजबब्बर के नाम का एलान किया था। राजबब्बर के नाम की घोषणा से कार्यकर्ताओं में इस कदर उत्साह भरा कि उत्साही कार्यकर्ता आचार संहिता की बंदिशें भूलकर जश्न मनाने सड़क पर उतर गए। नतीजतन पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कर लिया। राजबब्बर के रोड शो की तैयारियां शुरू हो गईं। पहले उन्हें 17 मार्च को आना था फिर 22 मार्च की तारीख तय हुई। राजबब्बर तो नहीं आए लेकिन उनके मुरादाबाद का चुनाव मैदान छोड़ने की खबर जरूर मुरादाबाद आ गई। प्रदेश अध्यक्ष के बैकफुट पर जाने से कार्यकर्ताओं में मायूसी फैल गई। पार्टी ने शायर इमरान प्रतापगढ़ी के रूप में नया प्रत्याशी दे दिया। लेकिन नाम के एलान के साथ ही पार्टी के स्थानीय अहम ओहदेदारों ने उनके नाम का विरोध शुरू कर दिया। अभी मुरादाबाद का असंतोष थमा भी नहीं था कि कांग्रेस ने अमरोहा से पार्टी प्रत्याशी बनाए गए पूर्व सांसद राशिद अल्वी ने भी हाथ जोड़कर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। चुनाव नहीं लड़ने के उन्हाेंने व्यक्तिगत कारण बताए हैं। उनके स्थान पर पार्टी ने स्थानीय नेता सचिन चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। एक सप्ताह के भीतर अपने दो दिग्गजों के मंडल के चुनावी संग्राम से हट जाने की वजह से कांग्रेस में उथलपुथल मची है। पदाधिकारी भी अभी ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं कि पब्लिक के बीच में जाकर कहें तो क्या कहें।
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लोग कह रहे हैं कि हमारे नेता राजबब्बर और राशिद अल्वी डर कर मैदान छोड़ गए। सोशल मीडिया पर भी हमारी फजीहत हो रही है। हम क्या जवाब दें। कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास टूटा है। इससे तो पार्टी स्थानीय प्रत्याशी को उतारती तो बेहतर होता। - देशराज शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री, कांग्रेस।
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