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चुनावी मुद्दा - कपूर कंपनी पुल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 20 Mar 2019 02:03 AM IST
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चुनावी मुद्दा - कपूर कंपनी पुल
मुरादाबाद। लाइनपार की पांच लाख आबादी को मुख्य शहर से जोड़ने वाला चालीस साल पुराना कपूर कंपनी पुल अपनी उम्र पूरी कर चुका है। पुल के नीचे लगे लोहे के गार्डर अपनी जगह छोड़ने लगे है। जर्जर होते पुल को नीचे से ईट और लकड़ी के लट्ठे लगाकर सपोर्ट देने की कोशिश हुई है। लाइनपार के लोगों की माने तो लोकसभा चुनाव की मुरादाबाद संसदीय सीट पर वहीं सिरमौर होगा जो कपूर कंपनी पुल यानी की लाइफलाइन को नया रूप देगा।
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लोकसभा चुनाव से पहले अप्रैल 2018 को सांसद सर्वेश सिंह ने कपूर कंपनी पुल का निरीक्षण किया था। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने पुल के चौड़ीकरण और विस्तार करने पर रजामंदी दी थी। रेलवे को बिना अतिक्रमण हटाए ही कपूर कंपनी पुल के नये एफओबी का नक्शा तैयार करना था। यह भी तय हुआ कि नये पुल को हाईवे पर सीधे न उतारकर हैलेट रोड पर उतारा जाएगा। रेलवे को नये पुल का स्टीमेट बनाकर नगर निगम को सौंपना था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पांच महीने पहले रेलवे ने पुल की मरम्मत के लिए एक महीने तक पुल को बंद कराया था।
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रेलवे की लापरवाही में लोकोशेड पुल करा रहा इंतजार
लोकोशेड पुल का निर्माण तीन साल में पूरा नहीं हो सका। रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण पुल निर्माण आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश ब्रिज कार्पोरेशन न अपने हिस्से का 80 प्रतिशत से ज्यादा कार्य कर लिया। बाकी 20 प्रतिशत कार्य रेलवे की वजह से ही रुका हुआ है। अब लोकोशेड पुल का निर्माण होली पर मजदूरों के लिए घर चले जाने से रूक गया है।
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तीस साल पहले हुआ था भीषण हादसा
दशहरे के त्योहार पर तीस साल पहले कपूर कंपनी पुल पर भगदड़ मचने के बाद कई लोगों की मौत हो गई थी। आज भी लोग उस हादसे को याद करके सिहर जाते हैं।

लोगों से बातचीत :
जर्जर पुल कांपता हुआ महसूस होता है। बहुत मजबूरी में लोग इस पुल का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। राजनीतिक पार्टियों के एजेंडे में यह पुल होना चाहिए। - नीरज सक्सेना, टाउन हॉल

पुल से नहीं जाए तो चौधरी चरण सिंह चौराहा होकर पूरा घूमकर जाना पड़ता है। इस रास्ते पर भी हम लोको पुल पर जाकर फंसते हैं। सांसद और विधायकों से ही उम्मीद है। - राजेंद्र कुमार, मझोला

आपने जर्जर पुल देखा। मैं नीचे से पैदल जाना पसंद करती हूं। मैं और मेरा परिवार पुल के ऊपर से नहीं जाता है। क्या पता कब गिर जाए। लोगों में पुल से गुजरने के दौरान खौफ रहता है। - अंशु सिंह, प्रेमनगर

लाइनपार के लोगों को शहर से जोड़ने वाला एकमात्र पुल ही जर्जर है। सोचिए यह कितनी गंभीर बात है। हादसा होने का इंतजार किया जा रहा है। अभी मुंबई में पुल गिरने के बाद कितना हल्ला हुआ। - सीमा सक्सेना, लाइनपार


हमारी प्राथमिकता में लोकोशेड पुल को जल्दी तैयार कराना है। यह पुल शुरू होने के बाद कपूर कंपनी पुल का बोझ कम हो जाएगा। पुल के प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है। - अजय कुमार सिंघल, डीआरएम, मुरादाबाद मंडल
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