{"_id":"5bb13096867a550139684e60","slug":"171538338966-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोलिया दवा में वायरस से बाल संरक्षण आयोग में खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोलिया दवा में वायरस से बाल संरक्षण आयोग में खलबली
Updated Mon, 01 Oct 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
बायोमेड कंपनी की पोलियो वैक्सीन में टाइप-2 वायरस (एंटीजन) पाए जाने पर राज्य बाल संरक्षण आयोग में भी खलबली मची है। आयोग अध्यक्ष ने इसे गंभीर और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल में कितने बच्चों को पोलियो वैक्सीन दी गई है, मंडलायुक्त से सोमवार को इसकी जानकारी ली जाएगी। आयोग की टीमें भी जिलेवार जांच के लिए भेजी जाएंगी।
गाजियाबाद की दवा कंपनी बायोमेड की पोलियो वैक्सीन में टाइप-2 वायरस मिला है। हिमाचल स्थित लैब में वायरस की पुष्टि हुई है। वैक्सीन की आपूर्ति मुरादाबाद समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुई है। इससे विश्व स्वास्थ्य संगठन और राज्य बाल संरक्षण आयोग से लेकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने अलर्ट जारी करते हुए कंपनी की दवाओं को सील करवा दिया है। जिलों से पोलियो की दवा के सैंपल भी लिए गए हैं। जिन बच्चों ने दवा पी है उनकी निगरानी हो रही है। गाजियाबाद में कंपनी सील कर उसके एमडी और अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने कहा कि मामला बेहद ही गंभीर है। बच्चे देश का भविष्य हैं। बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का मतलब देश से अपाहिज बनाना है। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश से जिलेवार इसकी रिपोर्ट मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल में कंपनी की संबंधित बैच की दवा की सप्लाई कब से हो रही और कितने बच्चों ने दवा पी है, सोमवार को मंडलायुक्त से इसकी रिपोर्ट मांगी जाएगी। दवा पीने वाले बच्चों की क्या स्थिति है इसका भी अपडेट मांगा जाएगा। प्रशासन से रिपोर्ट तलब करने के साथ आयोग की टीमें जिलेवार पहुंचकर जांच करेंगी। मालूम हो कि पोलियो टाइप-2 वायरस दशकों पूर्व खत्म हो चुका है। टीकाकरण अभियान में टाइप-1 और टाइप-3 की मिक्चर वैक्सीन दी जाती है, ताकि बच्चों में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
बायोमेड कंपनी की पोलियो वैक्सीन में टाइप-2 वायरस (एंटीजन) पाए जाने पर राज्य बाल संरक्षण आयोग में भी खलबली मची है। आयोग अध्यक्ष ने इसे गंभीर और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल में कितने बच्चों को पोलियो वैक्सीन दी गई है, मंडलायुक्त से सोमवार को इसकी जानकारी ली जाएगी। आयोग की टीमें भी जिलेवार जांच के लिए भेजी जाएंगी।
गाजियाबाद की दवा कंपनी बायोमेड की पोलियो वैक्सीन में टाइप-2 वायरस मिला है। हिमाचल स्थित लैब में वायरस की पुष्टि हुई है। वैक्सीन की आपूर्ति मुरादाबाद समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुई है। इससे विश्व स्वास्थ्य संगठन और राज्य बाल संरक्षण आयोग से लेकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने अलर्ट जारी करते हुए कंपनी की दवाओं को सील करवा दिया है। जिलों से पोलियो की दवा के सैंपल भी लिए गए हैं। जिन बच्चों ने दवा पी है उनकी निगरानी हो रही है। गाजियाबाद में कंपनी सील कर उसके एमडी और अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
विज्ञापन
राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने कहा कि मामला बेहद ही गंभीर है। बच्चे देश का भविष्य हैं। बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का मतलब देश से अपाहिज बनाना है। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश से जिलेवार इसकी रिपोर्ट मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल में कंपनी की संबंधित बैच की दवा की सप्लाई कब से हो रही और कितने बच्चों ने दवा पी है, सोमवार को मंडलायुक्त से इसकी रिपोर्ट मांगी जाएगी। दवा पीने वाले बच्चों की क्या स्थिति है इसका भी अपडेट मांगा जाएगा। प्रशासन से रिपोर्ट तलब करने के साथ आयोग की टीमें जिलेवार पहुंचकर जांच करेंगी। मालूम हो कि पोलियो टाइप-2 वायरस दशकों पूर्व खत्म हो चुका है। टीकाकरण अभियान में टाइप-1 और टाइप-3 की मिक्चर वैक्सीन दी जाती है, ताकि बच्चों में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।
विज्ञापन