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ट्रेनों की देरी से परेशान मुसाफिर रद्द करा रहे टिकट
Updated Tue, 22 May 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला जारी है। गर्मी में भूखे प्यासे मुसाफिर घंटों स्टेशन पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं। इन ट्रेनों की देरी की वजह से हर रोज डेढ़ सौ से पौने सौ यात्री अपने टिकट कैंसिल करा रहे हैं। यानी हर रोज रेलवे को 50 हजार से 80 हजार रुपये लौटाने पड़ रहे हैं। ट्रेनों के देरी से चलने से रेलवे को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पिछले पांच माह से ट्रेनों का समय लड़खड़ाया हुआ है। ट्रेनों घंटों देरी से चल रही है। जिस कारण ट्रेनें कैंसिल भी कि जा रही है। पिछले दस दिनों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि हर रोज यात्री टिकट रद्द करा रहे हैं। दस मई को 174, ग्यारह मई को 184, बारह मई को 156, 13 मई को 78, चौदह मई को 155, पंद्रह मई को 138, सोलह मई को 168, 17 मई को 143, 18 मई 145, 19 मई को 175 और बीस मई को 170 मुसाफिरों ने अपने टिकट रद्द करा हैं। 50 हजार से लेकर 80 और 90 हजार रुपये प्रति दिन रेलवे को वापस लौटाने पड़ रहे हैं। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि पटरियों पर चल रहे मरम्मत कार्य की वजह से ट्रेनें लेट चल रही है। जल्द ही ट्रैक पर चल रहा कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दौड़ने लगेंगीं।
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ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला जारी है। गर्मी में भूखे प्यासे मुसाफिर घंटों स्टेशन पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं। इन ट्रेनों की देरी की वजह से हर रोज डेढ़ सौ से पौने सौ यात्री अपने टिकट कैंसिल करा रहे हैं। यानी हर रोज रेलवे को 50 हजार से 80 हजार रुपये लौटाने पड़ रहे हैं। ट्रेनों के देरी से चलने से रेलवे को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पिछले पांच माह से ट्रेनों का समय लड़खड़ाया हुआ है। ट्रेनों घंटों देरी से चल रही है। जिस कारण ट्रेनें कैंसिल भी कि जा रही है। पिछले दस दिनों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि हर रोज यात्री टिकट रद्द करा रहे हैं। दस मई को 174, ग्यारह मई को 184, बारह मई को 156, 13 मई को 78, चौदह मई को 155, पंद्रह मई को 138, सोलह मई को 168, 17 मई को 143, 18 मई 145, 19 मई को 175 और बीस मई को 170 मुसाफिरों ने अपने टिकट रद्द करा हैं। 50 हजार से लेकर 80 और 90 हजार रुपये प्रति दिन रेलवे को वापस लौटाने पड़ रहे हैं। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि पटरियों पर चल रहे मरम्मत कार्य की वजह से ट्रेनें लेट चल रही है। जल्द ही ट्रैक पर चल रहा कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दौड़ने लगेंगीं।
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