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एमआर टीकाकरण में पिछड़े मुस्लिम इलाके
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:59 AM IST
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मुरादाबाद।
मीजल्स रुबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान मुरादाबाद जिले में तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। जिले में औसत टीकाकरण 60 फीसदी से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मुस्लिम इलाके अभियान में पिछड़ गए हैं। मुस्लिम इलाकों में 23 फीसदी टीकाकरण से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बाद भी अभिभावक बच्चों को टीका लगाने को तैयार नहीं हैं।
एमआर टीकाकरण के पांच दिन पूरे हो गए हैं। पहले चरण में दो सप्ताह तक 3250 प्राथमिक एवं जूनियर स्कूल, 430 इंटर कालेज और 980 मदरसों में 721410 बच्चों को टीका लगाया जाना है। जबकि जिले का लक्ष्य 1196345 बच्चों को टीका लगाने का है। अभियान के लिए जिले को आठ ब्लाक और सात जोन में बांटा गया है। शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीणों क्षेत्र में अभियान धीमा पड़ गया है। रोजाना के लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग की टीमें मात्र 60 फीसदी ही टीकाकरण करवा पा रही हैं।
मुस्लिम इलाकों में अधिकतर अभिभावक बच्चों को टीका लगाने से हाथ खींच रहे हैं। गहलशहीद इलाके में 23.8 फीसदी टीकाकरण होने से स्वास्थ्य विभाग एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन की नींद उड़ी है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 58.9 फीसदी टीकाकरण हुआ। इसमें शहरी क्षेत्र में 67.5 फीसदी और ग्रामीण इलाकों में 55.6 फीसदी टीके लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभिभावक टीकाकरण को लेकर जागरूक नहीं हैं। यही हाल रहा तो दो सप्ताह में टीकाकरण 60 फीसदी से अधिक नहीं पहुंच पाएगा। इसका दबाव आखिरी सप्ताह में पड़ेगा। आखिरी सप्ताह में छूटे हुए बच्चों को टीके लगाए जाएंगे।
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शहरी क्षेत्र में जोन
--------------
जोन एक में सिविल लाइन, जोन दो में बारादरी नागफनी क्षेत्र, जोन तीन में नवाबपुरा, जोन चार में मकबरा गटघर, जोन पांच में गलशहीद, जोन छह में लाइन पार और जोन सात में करुला क्षेत्र लिया गया है। सभी जोन में प्रतिदिन टीकाकरण का लक्ष्य जारी किया जा रहा है।
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मीजल्स रुबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान मुरादाबाद जिले में तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। जिले में औसत टीकाकरण 60 फीसदी से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मुस्लिम इलाके अभियान में पिछड़ गए हैं। मुस्लिम इलाकों में 23 फीसदी टीकाकरण से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बाद भी अभिभावक बच्चों को टीका लगाने को तैयार नहीं हैं।
एमआर टीकाकरण के पांच दिन पूरे हो गए हैं। पहले चरण में दो सप्ताह तक 3250 प्राथमिक एवं जूनियर स्कूल, 430 इंटर कालेज और 980 मदरसों में 721410 बच्चों को टीका लगाया जाना है। जबकि जिले का लक्ष्य 1196345 बच्चों को टीका लगाने का है। अभियान के लिए जिले को आठ ब्लाक और सात जोन में बांटा गया है। शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीणों क्षेत्र में अभियान धीमा पड़ गया है। रोजाना के लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग की टीमें मात्र 60 फीसदी ही टीकाकरण करवा पा रही हैं।
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मुस्लिम इलाकों में अधिकतर अभिभावक बच्चों को टीका लगाने से हाथ खींच रहे हैं। गहलशहीद इलाके में 23.8 फीसदी टीकाकरण होने से स्वास्थ्य विभाग एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन की नींद उड़ी है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 58.9 फीसदी टीकाकरण हुआ। इसमें शहरी क्षेत्र में 67.5 फीसदी और ग्रामीण इलाकों में 55.6 फीसदी टीके लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभिभावक टीकाकरण को लेकर जागरूक नहीं हैं। यही हाल रहा तो दो सप्ताह में टीकाकरण 60 फीसदी से अधिक नहीं पहुंच पाएगा। इसका दबाव आखिरी सप्ताह में पड़ेगा। आखिरी सप्ताह में छूटे हुए बच्चों को टीके लगाए जाएंगे।
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शहरी क्षेत्र में जोन
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जोन एक में सिविल लाइन, जोन दो में बारादरी नागफनी क्षेत्र, जोन तीन में नवाबपुरा, जोन चार में मकबरा गटघर, जोन पांच में गलशहीद, जोन छह में लाइन पार और जोन सात में करुला क्षेत्र लिया गया है। सभी जोन में प्रतिदिन टीकाकरण का लक्ष्य जारी किया जा रहा है।