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1.71 लाख नए आवासों से वसूला जाएगा 26 करोड़ टैक्स
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मुरादाबाद। नगर निगम क्षेत्र में अपना आशियाना बनाने के बावजूद टैक्स अदा नहीं कर रहे नागरिक अब निगम के रडार पर आ गए हैं। ऐसे लगभग पौने दो लाख आवास हैं जिन पर निगम टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही सर्वे शुरू होगा। इसके लिए बाकायदा सर्वे टीम का गठन कर दिया गया है
महानगर का विस्तार पांच सालों में बहुत तेजी से हुआ। दिल्ली, कांठ हाईवे और लाइनपार एरिया में नई कॉलोनियां विकसित हुईं। इसमें हजारों नए परिवारों ने अपना बसेरा बनाया। लेकिन नगर निगम के रिकार्ड में सिर्फ 1.29 लाख भवन स्वामी ही भवन कर अदा करते आ रहे हैं। नगर आयुक्त के मुताबिक सिर्फ आधे भवन स्वामी ही निगम को कर अदा करते हैं। बाकी भवन स्वामियों को कर के दायरे में लाने के लिए एमडीए के साथ मिलकर नगर निगम ने साझा अभियान शुरू किया है। इसमें करीब 1.71 लाख नए आवासों से भवन कर वसूला जाएगा।
यह है आबादी
निगम अधिकारियों के मुताबिक नगर निगम परिसीमन की आबादी 2011 के सेंसेक्स में 10 लाख थी जो 2019 में बढ़कर करीब 15 लाख हो गई है। रिकार्ड के मुताबिक परिसीमन में करीब 3 लाख भवन हैं। इनमें सिर्फ 1.29 लाख से ही कर वसूला जाता है। निगम के मुताबिक करीब 1.71 लाख नए आवासों को कर के दायरे में लेकर आना है।
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16 अधिकारी करेंगे सर्वे
नगर निगम के टैक्स विभाग के 16 अधिकारियों को नई बसी कॉलोनियों के सर्वे का काम सौंपा गया है। डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। मुहिम है कि राजस्व वसूली में इजाफा किया जा सके। इसके लिए नगर निगम के अफसरों ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से पांच साल में विकसित हुई नई कॉलोनी का ब्यौरा मांगा है।
पिछले साल हुआ था 8 करोड़ का इजाफा
वित्तीय वर्ष 2017-18 में 11.58 करोड़ का राजस्व वसूला गया था। वित्तीय वर्ष 2018-19 में टैक्स विभाग ऑनलाइन होने के बाद 19.64 करोड़ का राजस्व वसूला जा सका। अब वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 19.64 करोड़ की वसूली ही प्रस्तावित की गई है। यह दीगर है कि नगर आयुक्त खुद नई कॉलोनियों का असेस्मेंट करा रहे हैं।
तीन तरह के मकान आएंगे दायरे में :
- आवास विकास, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की विकसित की गई कालोनियां
- नई आबादी में ऐसे मकान जिनके नक्शा पास हैं, लेकिन टैक्स नहीं भरते हैं
- हाईवे किनारे विकसित नई कालोनियों में बिना नक्शा पास बने नए मकान
नए करदाताओं को शामिल करने के लिए मुहिम चलाई जानी है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से ब्योरा मांगा है। राजस्व बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाए जा रहे हैं। - संजय चौहान, नगर आयुक्त
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महानगर का विस्तार पांच सालों में बहुत तेजी से हुआ। दिल्ली, कांठ हाईवे और लाइनपार एरिया में नई कॉलोनियां विकसित हुईं। इसमें हजारों नए परिवारों ने अपना बसेरा बनाया। लेकिन नगर निगम के रिकार्ड में सिर्फ 1.29 लाख भवन स्वामी ही भवन कर अदा करते आ रहे हैं। नगर आयुक्त के मुताबिक सिर्फ आधे भवन स्वामी ही निगम को कर अदा करते हैं। बाकी भवन स्वामियों को कर के दायरे में लाने के लिए एमडीए के साथ मिलकर नगर निगम ने साझा अभियान शुरू किया है। इसमें करीब 1.71 लाख नए आवासों से भवन कर वसूला जाएगा।
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यह है आबादी
निगम अधिकारियों के मुताबिक नगर निगम परिसीमन की आबादी 2011 के सेंसेक्स में 10 लाख थी जो 2019 में बढ़कर करीब 15 लाख हो गई है। रिकार्ड के मुताबिक परिसीमन में करीब 3 लाख भवन हैं। इनमें सिर्फ 1.29 लाख से ही कर वसूला जाता है। निगम के मुताबिक करीब 1.71 लाख नए आवासों को कर के दायरे में लेकर आना है।
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16 अधिकारी करेंगे सर्वे
नगर निगम के टैक्स विभाग के 16 अधिकारियों को नई बसी कॉलोनियों के सर्वे का काम सौंपा गया है। डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। मुहिम है कि राजस्व वसूली में इजाफा किया जा सके। इसके लिए नगर निगम के अफसरों ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से पांच साल में विकसित हुई नई कॉलोनी का ब्यौरा मांगा है।
पिछले साल हुआ था 8 करोड़ का इजाफा
वित्तीय वर्ष 2017-18 में 11.58 करोड़ का राजस्व वसूला गया था। वित्तीय वर्ष 2018-19 में टैक्स विभाग ऑनलाइन होने के बाद 19.64 करोड़ का राजस्व वसूला जा सका। अब वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 19.64 करोड़ की वसूली ही प्रस्तावित की गई है। यह दीगर है कि नगर आयुक्त खुद नई कॉलोनियों का असेस्मेंट करा रहे हैं।
तीन तरह के मकान आएंगे दायरे में :
- आवास विकास, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की विकसित की गई कालोनियां
- नई आबादी में ऐसे मकान जिनके नक्शा पास हैं, लेकिन टैक्स नहीं भरते हैं
- हाईवे किनारे विकसित नई कालोनियों में बिना नक्शा पास बने नए मकान
नए करदाताओं को शामिल करने के लिए मुहिम चलाई जानी है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से ब्योरा मांगा है। राजस्व बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाए जा रहे हैं। - संजय चौहान, नगर आयुक्त