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बोर्ड मीटिंग : मिनी संसद में सभासदों का हंगामा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jun 2019 02:08 AM IST
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बोर्ड मीटिंग : मिनी संसद में सभासदों का हंगामा
मुरादाबाद। मिनी संसद में विकास की चर्चा के बीच कभी कांग्रेस के सभासदों को बात कहने का मौका नहीं मिलने पर हंगामा हुआ। कभी जलकल के बाबू के सभासद इकबाल को कोर्ट का नोटिस जारी होने पर सभासद लामबंद नजर आए। सुबह 11 बजे से टाउन हॉल कार्यालय में शुरू हुई बोर्ड बैठक में शाम छह बजे तक जोरदार हंगामे चलते रहे। सभासदों की मांगों को तवज्जों मिलने के बाद उन्होंने मेयर विनोद अग्रवाल को गोद में भी उठाया।
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जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र आवेदन के 21 दिन में बनता है। सभासद के लेटरपैड होने के बावजूद लापरवाही का मुद्दा अनुभव महरोत्रा के उठाने के बाद हंगामा शुरू हो गया। सभासदों के मुताबिक कर्मचारी प्रमाणपत्र के आवेदन की जांच ही 21 दिन बाद शुरू करते हैं। इस मुद्दे पर नदीम समेत सभी सभासद पटल तक आ गए और हंगामा शुरू हो गया। नगर आयुक्त ने सभी सभासदों को आश्वस्त किया कि प्रमाणपत्र बनाने में अब कोई विलंब नहीं होगा। इसके बाद सभासद शांत होकर अपनी सीटों पर बैठ गए।
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मेयर साहब.. भाजपा-सपा की सेटिंग है
कुछ देर मिनी संसद की कार्रवाई चलने के बाद कांग्रेस के सभासदों ने फिर हंगामा शुरू किया। उनके आरोप थे कि मेयर साहब की सेटिंग है। भाजपा और सपा के सभासदों को ही बोलने का मौका दिया जा रहा है। एक बार फिर कांग्रेस के सभासद पटल पर आ गए और आरोप प्रत्यारोप लगने लगे। भाजपा के सभासदों ने कांग्रेस के सभासदों को हटाने का प्रयास किया तो उनके बीच भी नोकझोक हुई। मेयर विनोद अग्रवाल के सदन स्थगित करने की धमकी के बाद सभी सभासद शांत हुए।
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निंदा प्रस्ताव के बाद हटेगा जलकल से बाबू
जलकल विभाग के बाबू कमल सक्सेना सभासद इकबाल को कोर्ट की नोटिस देने के मुद्दे पर सभी सभासद लामबंद हो गए। इसके बाद भाजपा, कांग्रेस और सपा के सभासद पटल पर आकर कार्रवाई की मांग करने लगे। हंगामे के बीच सभासदों ने बाबू कमल सक्सेना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। सभासद इकबाल के मुताबिक जलकल में गड़बड़ियों के बाद बाबू कमल सक्सेना को अकाउंट में अटैच किया गया था। उस दौरान उस पर एफआईआर भी हुई थी। सभासद ने कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद कमल के जलकल में दोबारा तैनाती पर सवाल उठाए थे। इसपर कमल ने इकबाल को कोर्ट का मानहानि का नोटिस जारी कर दिया था। अब निंदा प्रस्ताव के बाद कमल सक्सेना को जलकल विभाग से हटाया जाएगा।




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