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प्रशासन की आड़ में लोगों की जेब पर डाका
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मुरादाबाद। जिला कृषि विकास एवं सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित मुरादाबाद महोत्सव में लोगों की जेब पर डाका पड़ रहा है। पुलिस एवं प्रशासन की आड़ में महोत्सव में वाहन पार्किंग के लिए मनमानी वसूली हो रही है। वाहनों की पार्किंग के लिए सार्वजनिक सड़क को लाखों रुपये में नीलाम किया गया है। अधिकृत ठेकेदार के कर्मचारी वाहन स्वामियों से निर्धारित शुल्क से दोगुनी रकम वसूल रहे हैं। पार्किंग शुल्क की मनमानी की शिकायत पर प्रशासन चुप्पी साधे है। सोशल मीडिया पर पार्किंग शुल्क वसूली का मुद्दा वायरल होने के बाद एसएसपी कार्यालय ने सिविल लाइन पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।
मुरादाबाद महोत्सव में पंचायत भवन जिगर मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन चल रहा है। पंचायत भवन के बाहर ही सड़क पर मेला लगा है। इसमें सैकड़ों स्टॉल लगे हैं। आरएन इंटर के आगे और सेंट मैरी के सामने वाली सड़क पर वाहनों की पार्किंग हो रही है। जबकि आयोजन समिति एवं अधिकारियों के वाहनों की पार्किंग पंचायत भवन परिसर में बनी है। आयोजकों ने सार्वजनिक सड़कों पर वाहन पार्किंग का ठेका छोड़ा है। ठेका लाखों रुपये का है। आयोजकों ने पार्किंग शुल्क के साथ वाहन खड़े करने की समय अवधि भी निर्धारित की है। इसमें 12 घंटे के लिए दोपहिया वाहन का 10 रुपये और 36 घंटे से कम 15 रुपये निर्धारित किया है। कार पार्किंग के लिए 12 घंटे का 25 रुपये और 36 घंटे से कम 35 रुपये तय किया है। आयोजकों ने बकायदा ठेकेदार की ओर से छपवाई पार्किंग पर्चियों का सत्यापन भी किया है, ताकि लोगों से मनमानी वसूली न हो सके।
ठेकेदार के कर्मचारी नीलामी शर्तों को धता बताते हुए मनमानी वसूली कर रहे हैं। पार्किंग पर्ची पर शुल्क और समय अवधि पर सफेदा लगाकर वाहन खड़ा करने की अवधि आधी और शुल्क दोगुना कर दिया है। मनमानी का विरोध करने पर कर्मचारी अभद्रता कर रहे हैं और वाहन खड़े नहीं होने दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन ने ही ठेका दिया है। मजबूरी में लोग मनमानी शुल्क दे रहे हैं। कर्मचारियों की शिकायत पर जिला प्रशासन ने वसूली की जांच भी की है। लेकिन कार्यवाही नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर पुलिस एवं प्रशासन की आड़ में पार्किंग की मनमानी वसूली की पोस्ट और वीडियो वायरल होने पर एसएसपी के पीआरओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
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- मनमानी शुल्क वसूली की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर जांच की गई। जांच में प्रथम दृष्टया शिकायतें सही पाई गई। ठेकेदार की ओर से शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट की आख्या जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। - वीके त्रिपाठी, अपर नगर मजिस्ट्रेट
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मुरादाबाद महोत्सव में पंचायत भवन जिगर मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन चल रहा है। पंचायत भवन के बाहर ही सड़क पर मेला लगा है। इसमें सैकड़ों स्टॉल लगे हैं। आरएन इंटर के आगे और सेंट मैरी के सामने वाली सड़क पर वाहनों की पार्किंग हो रही है। जबकि आयोजन समिति एवं अधिकारियों के वाहनों की पार्किंग पंचायत भवन परिसर में बनी है। आयोजकों ने सार्वजनिक सड़कों पर वाहन पार्किंग का ठेका छोड़ा है। ठेका लाखों रुपये का है। आयोजकों ने पार्किंग शुल्क के साथ वाहन खड़े करने की समय अवधि भी निर्धारित की है। इसमें 12 घंटे के लिए दोपहिया वाहन का 10 रुपये और 36 घंटे से कम 15 रुपये निर्धारित किया है। कार पार्किंग के लिए 12 घंटे का 25 रुपये और 36 घंटे से कम 35 रुपये तय किया है। आयोजकों ने बकायदा ठेकेदार की ओर से छपवाई पार्किंग पर्चियों का सत्यापन भी किया है, ताकि लोगों से मनमानी वसूली न हो सके।
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ठेकेदार के कर्मचारी नीलामी शर्तों को धता बताते हुए मनमानी वसूली कर रहे हैं। पार्किंग पर्ची पर शुल्क और समय अवधि पर सफेदा लगाकर वाहन खड़ा करने की अवधि आधी और शुल्क दोगुना कर दिया है। मनमानी का विरोध करने पर कर्मचारी अभद्रता कर रहे हैं और वाहन खड़े नहीं होने दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन ने ही ठेका दिया है। मजबूरी में लोग मनमानी शुल्क दे रहे हैं। कर्मचारियों की शिकायत पर जिला प्रशासन ने वसूली की जांच भी की है। लेकिन कार्यवाही नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर पुलिस एवं प्रशासन की आड़ में पार्किंग की मनमानी वसूली की पोस्ट और वीडियो वायरल होने पर एसएसपी के पीआरओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
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- मनमानी शुल्क वसूली की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर जांच की गई। जांच में प्रथम दृष्टया शिकायतें सही पाई गई। ठेकेदार की ओर से शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट की आख्या जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। - वीके त्रिपाठी, अपर नगर मजिस्ट्रेट