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एसआईबी की छापेमारी से मची खलबली, 1.46 लाख का जुर्माना वसूला
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:33 AM IST
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चंदौसी। वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी की टीम ने एक पाइप विक्रेता की फर्म पर छापेमारी करके रिकार्ड खंगाला। यहां रजिस्टर में अंकित माल और मौके पर मिले माल में अंतर पाए जाने के बाद 1.46 लाख रुपये का जुर्माना मौके पर जमा कराया गया है।
वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम ने गुरुवार को चंदौसी के हुसैनी बाजार स्थित पाइप व पंपसेट बेचने वाली फर्म विकास एग्रीकल्चर स्टोर पर छापेमारी की गई। उनकी गोदाम की भी चेकिंग की गई। जिससे बाजार में खलबली मच गई। बताते हैकि डिप्टी कमिश्नर (एसआईबी) एसके प्रसाद की अगुवाई में चंदौसी खंड के डिप्टी कमिश्नर आरके मिश्रा, असिस्टेंट कमिश्नर सौम्य शील, मुकेश रस्तोगी आदि के साथ छापेमारी की ग्रई।
विकास एग्रीक्लर का पिछले दो सालों में टर्नओवर कम था लेकिन जीएसटी लगने के बाद अचानक काफी बढ़ गया। जिससे यह फर्म शक के दायरे में आ गई। चंदौसी खंड के डिप्टी कमिश्नर आरके मिश्रा ने बताया कि चेकिंग के दौरान पाया गया कि जो रजिस्टर में माल अंकित किया गया था और मौके पर जो उपलब्ध मिला, उसमें अंतर पाया गया है। कुछ और भी खामियां मिली हैं। जिसके आधार पर 1.46 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिसे फर्म स्वामी ने मौके पर जमा कर दिया है, जिसकी रसीद दे दी गई है। इसके अलावा अभिलेखों की जांच की जा रही है।
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वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम ने गुरुवार को चंदौसी के हुसैनी बाजार स्थित पाइप व पंपसेट बेचने वाली फर्म विकास एग्रीकल्चर स्टोर पर छापेमारी की गई। उनकी गोदाम की भी चेकिंग की गई। जिससे बाजार में खलबली मच गई। बताते हैकि डिप्टी कमिश्नर (एसआईबी) एसके प्रसाद की अगुवाई में चंदौसी खंड के डिप्टी कमिश्नर आरके मिश्रा, असिस्टेंट कमिश्नर सौम्य शील, मुकेश रस्तोगी आदि के साथ छापेमारी की ग्रई।
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विकास एग्रीक्लर का पिछले दो सालों में टर्नओवर कम था लेकिन जीएसटी लगने के बाद अचानक काफी बढ़ गया। जिससे यह फर्म शक के दायरे में आ गई। चंदौसी खंड के डिप्टी कमिश्नर आरके मिश्रा ने बताया कि चेकिंग के दौरान पाया गया कि जो रजिस्टर में माल अंकित किया गया था और मौके पर जो उपलब्ध मिला, उसमें अंतर पाया गया है। कुछ और भी खामियां मिली हैं। जिसके आधार पर 1.46 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिसे फर्म स्वामी ने मौके पर जमा कर दिया है, जिसकी रसीद दे दी गई है। इसके अलावा अभिलेखों की जांच की जा रही है।
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