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लोगो ने की अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती की मांग
Updated Thu, 26 Jul 2018 01:12 AM IST
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टांडा। नगर में सामुदायिक स्वास्थ्य में चिकित्सकों का भारी अभाव है। तहसील स्तर का अस्पताल होने के बाद भी इस अस्पताल में मात्र पांच चिकित्सक ही तैनाती हैं। वहीं उसमें से भी दो चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं रहते। इसके कारण मरीज अपनी जान जोखिम में डाल नगर के झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने को विवश हैं।
नगर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में असुविधाओं की मार झेल रहा है। अस्पताल में डॉक्टर की कमी और बेसिक दवाओं का भी अभाव है। मात्र पांच डॉक्टरों में से भी कभी कोई डॉक्टर बैठक में चले जाते हैं तो कभी उनकी ड्यूटी पोस्टमार्टम में लग जाती है। ऐसे में केवल दो डाक्टर ही सैकड़ों मरीजों को देखते हैं। इस स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता। डॉक्टरों तथा दवाओं की कमी के चलते मरीज मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाते हैं। जिसमें कई मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। नगर के मोहल्ला नीम निवासी तौसीफ आलम ने बताया कि नगर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर कि भारी कमी है। कोई भी इमरजेंसी के में जाता है तो उसे मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया जाता है। मोहल्ला भब्बलपुरी निवासी उस्मान सैफी का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाखों कि कीमत कि एक्सरे मशीन ऑपरेटर नहीं होने के कारण धूल चाट रही है और मरीज बाहर से एक्सरे कराने को विवश है। मोहल्ला नवाबपुरा निवासी अनिल कुमार का कहना है कि खांसी जुकाम के अलावा अन्य बीमारियों का लाइज नहीं होता। इमरजेंसी में मरीजों को मजबूरन प्राइवेट डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉक्टर रामजी लाल ने कहा कि उनके द्वारा डॉक्टरों की तैनाती के उच्च अधिकारियों को से कई बार मांग की गई। लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण डाक्टरों की तैनाती नहीं हो पा रही है।
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नगर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में असुविधाओं की मार झेल रहा है। अस्पताल में डॉक्टर की कमी और बेसिक दवाओं का भी अभाव है। मात्र पांच डॉक्टरों में से भी कभी कोई डॉक्टर बैठक में चले जाते हैं तो कभी उनकी ड्यूटी पोस्टमार्टम में लग जाती है। ऐसे में केवल दो डाक्टर ही सैकड़ों मरीजों को देखते हैं। इस स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता। डॉक्टरों तथा दवाओं की कमी के चलते मरीज मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाते हैं। जिसमें कई मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। नगर के मोहल्ला नीम निवासी तौसीफ आलम ने बताया कि नगर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर कि भारी कमी है। कोई भी इमरजेंसी के में जाता है तो उसे मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया जाता है। मोहल्ला भब्बलपुरी निवासी उस्मान सैफी का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाखों कि कीमत कि एक्सरे मशीन ऑपरेटर नहीं होने के कारण धूल चाट रही है और मरीज बाहर से एक्सरे कराने को विवश है। मोहल्ला नवाबपुरा निवासी अनिल कुमार का कहना है कि खांसी जुकाम के अलावा अन्य बीमारियों का लाइज नहीं होता। इमरजेंसी में मरीजों को मजबूरन प्राइवेट डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉक्टर रामजी लाल ने कहा कि उनके द्वारा डॉक्टरों की तैनाती के उच्च अधिकारियों को से कई बार मांग की गई। लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण डाक्टरों की तैनाती नहीं हो पा रही है।
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