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फरवरी-मार्च का मानसून कर रहा हैरान, परेशान, नुकसान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 02:03 AM IST
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फरवरी-मार्च का मानसून कर रहा हैरान, परेशान, नुकसान
मुरादाबाद।
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फरवरी माह बीत गया है, लेकिन अभी तक मौसम स्थिर नहीं हुआ है। फरवरी और मार्च का मानसून वैज्ञानिकों को हैरान कर रहा है। उनका कहना है कि सामान्य तौर पर चार से पांच पश्चिमी विक्षोभ आते हैं, लेकिन अब तक दस पश्चिमी विक्षोभ आ चुके हैं। उन्होंने सरसों की फसल में नुकसान होने की बात कही है। मार्च माह में एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना व्यक्त की है।

मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। पूरे फरवरी माह में प्रत्येक चार-पांच दिन पर बारिश होती रही है। दो दिन की धूप के बाद शनिवार को सुबह से ही आसमान में काले घने बादल छाए हुए थे। इससे एक बार फिर लोगों को ठंड का अहसास बढ़ गया। दिनभर काली घटाओं के बाद शाम को रिमझिम बारिश शुरू हो गई। कार्यालयों से घर जाने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वह भीगते हुए घर पहुंचे। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और न्यूनतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बादलों की वजह से मौसम में नमी बनी हुई थी। सुबह के समय आर्द्रता 89 फीसदी और शाम की 80 फीसदी रही। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की संख्या के साथ बरसात के दिनों की संख्या भी बढ़ रही है। तापमान में गिरावट बनी हुई है। गेहूं, जौ आदि की फसलों को बहुत लाभ हो रहा है। तापमान कम होने से कीड़े, बीमारियां नहीं लग रही हैं। साथ ही किसानों को सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं हो रही है। अभी तक गेहूं की फसल में तीन से चार बार सिंचाई हो जाती थी, लेकिन किसानों को एक बार ही सिंचाई करनी पड़ी है। पानी और रुपयों की बचत हो रही है। हालांकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ था। सरसों की फसल पक गई है, लेकिन बारिश की वजह से कटाई नहीं होने की वजह से नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि करीब छह-सात साल के बाद फरवरी-मार्च माह में नियमित तौर पर बारिश हुई है। सामान्यतौर पर 15 फरवरी तक ही सर्दी रहती थी, लेकिन इस वर्ष बारिश की वजह से 20 मार्च तक सर्दी के दिन रहने की संभावना है। इससे गर्मियों के दिनों की संख्या में कमी आएगी।
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