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भाजपा कार्यकर्ता के हत्यारे को आजीवन कारावास
Updated Tue, 10 Oct 2017 02:27 AM IST
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चिकन पैक कराने विवाद में 15 साल पहले हुई थी शम्मी की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
शहर के बहुचर्चित शम्मी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके गौतम की अदालत ने हत्यारोपी आलोक तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पंद्रह साल चले इस केस के फैसले को सुनने के लिए अदालत के बाद काफी भीड़ जुट रही। अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कु मार सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने बहस की।
कोतवाली क्षेत्र के पटपट सराय निवासी शैलेंद्र सिंह उर्फ शम्मी चौधरी 24/25 फरवरी 2002 की रात सवा बजे रोडवेज बस अड्डे के सामने पहलवान के होटल से चिकन पैक करा रहे थे। इसी दौरान वहां कटघर थानाक्षेत्र के उड़पुरा निवासी आलोक तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी पहुंच गया। पहले चिकन पैक कराने के विवाद में आलोक तिवारी ने शैलेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शैलेंद्र सिंह के पिता राजेंद्र सिंह ने आलोक तिवारी के खिलाफ गलशहीद थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। केस की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके गौतम की अदालत में चली। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद हत्यारोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा और पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने आदेश दिए हैं कि अर्थदंड की धनराशि से आधी रकम वादी को दी जाएगी। फैसला सुनने के बाद हत्यारे आलोक तिवारी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
शहर के बहुचर्चित शम्मी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके गौतम की अदालत ने हत्यारोपी आलोक तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पंद्रह साल चले इस केस के फैसले को सुनने के लिए अदालत के बाद काफी भीड़ जुट रही। अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कु मार सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने बहस की।
कोतवाली क्षेत्र के पटपट सराय निवासी शैलेंद्र सिंह उर्फ शम्मी चौधरी 24/25 फरवरी 2002 की रात सवा बजे रोडवेज बस अड्डे के सामने पहलवान के होटल से चिकन पैक करा रहे थे। इसी दौरान वहां कटघर थानाक्षेत्र के उड़पुरा निवासी आलोक तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी पहुंच गया। पहले चिकन पैक कराने के विवाद में आलोक तिवारी ने शैलेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शैलेंद्र सिंह के पिता राजेंद्र सिंह ने आलोक तिवारी के खिलाफ गलशहीद थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। केस की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके गौतम की अदालत में चली। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद हत्यारोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा और पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने आदेश दिए हैं कि अर्थदंड की धनराशि से आधी रकम वादी को दी जाएगी। फैसला सुनने के बाद हत्यारे आलोक तिवारी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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