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मिलक सीएचसी अधीक्षक की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी सेवा ठप,स्टाफ नदारद
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:33 AM IST
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मिलक सीएचसी अधीक्षक की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी सेवा ठप,स्टाफ नदारद
मिलक (रामपुर)। सीएचसी पर चिकित्सकों की मनमानी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। विभागीय अफसरों की अनदेखी के कारण सीएचसी पर तैंनात दो डाक्टर बिना बताए गायब हैं। अधीक्षक की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी सेवा ठप हो गईं। सीएमओ के आदेश को डाक्टरों ने हवा में उड़ा दिया है।
नगर की सीएचसी पर करीब एक माह से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। डाक्टरों की कमी से जूझने वाली सीएचसी पर यहां पर तैंनात चार डाक्टर डयूटी पर नहीं हैं। जिस कारण सीएचसी अधीक्षक डा. दशरथ सिंह ही महीने भर से ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं करने को मजबूर हैं। सीएचसी पर तैंनात डा.राणा करीब डेढ़ माह से बिना बताए सीएचसी से गायब हो गए हैं। जबकि डा. निहाल सिंह एक माह से बिना बताए डयूटी से गायब हो हैं। यहां पर तैंनात डा.असलम को हज यात्रियों के साथ डयूटी पर लगा दिया है। जबकि यहां पर तैंनात बाल रोग विशेषज्ञ डा.राजीव अग्रवाल को जिला अस्पताल में अटैचमेंट कर रखा है। जिस कारण सीएचसी की व्यवस्था केंद्र अधीक्षक और महिला डाक्टर के अलावा संविदा स्टाफ के सहारे चल रहा था। सोमवार को देर शाम केंद्र अधीक्षक डा. दशरथ सिंह को तेज बुखार आने के कारण हालत बिगड गई। जिस कारण सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा ठप हो गई है। घायल महिला और हादसे में घायल बालक मेडिकल कराने को बैठे हुए हैं। यहां पर फार्मिस्ट से लेकर वार्ड व्याय तक कोई स्टाफ नहीं है। संविदा कर्मी एक वार्ड व्याय सीएचसी पर देर रात दिखाई दिया। वहीं दूसरी ओर केंद्र अधीक्षक ने सीएमओ को पिछले दिनों रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर धमोरा से डा.राजेश उपाध्याय, बराखास से डा. आफताव, रजपुरा से डा. सुरेंद्र कुमार, डा. लखवीर सिंह की अतिरिक्त तैनाती ओपीडी में की थी ,लेकिन सीएमओ के आदेश पर किसी ने अमल नहीं किया और आदेश अमल होने से पहले ही सीएमओ का आदेश संशोधित हो गया। जिस पर भी आदेश अमल न होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं।
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मिलक (रामपुर)। सीएचसी पर चिकित्सकों की मनमानी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। विभागीय अफसरों की अनदेखी के कारण सीएचसी पर तैंनात दो डाक्टर बिना बताए गायब हैं। अधीक्षक की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी सेवा ठप हो गईं। सीएमओ के आदेश को डाक्टरों ने हवा में उड़ा दिया है।
नगर की सीएचसी पर करीब एक माह से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। डाक्टरों की कमी से जूझने वाली सीएचसी पर यहां पर तैंनात चार डाक्टर डयूटी पर नहीं हैं। जिस कारण सीएचसी अधीक्षक डा. दशरथ सिंह ही महीने भर से ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं करने को मजबूर हैं। सीएचसी पर तैंनात डा.राणा करीब डेढ़ माह से बिना बताए सीएचसी से गायब हो गए हैं। जबकि डा. निहाल सिंह एक माह से बिना बताए डयूटी से गायब हो हैं। यहां पर तैंनात डा.असलम को हज यात्रियों के साथ डयूटी पर लगा दिया है। जबकि यहां पर तैंनात बाल रोग विशेषज्ञ डा.राजीव अग्रवाल को जिला अस्पताल में अटैचमेंट कर रखा है। जिस कारण सीएचसी की व्यवस्था केंद्र अधीक्षक और महिला डाक्टर के अलावा संविदा स्टाफ के सहारे चल रहा था। सोमवार को देर शाम केंद्र अधीक्षक डा. दशरथ सिंह को तेज बुखार आने के कारण हालत बिगड गई। जिस कारण सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा ठप हो गई है। घायल महिला और हादसे में घायल बालक मेडिकल कराने को बैठे हुए हैं। यहां पर फार्मिस्ट से लेकर वार्ड व्याय तक कोई स्टाफ नहीं है। संविदा कर्मी एक वार्ड व्याय सीएचसी पर देर रात दिखाई दिया। वहीं दूसरी ओर केंद्र अधीक्षक ने सीएमओ को पिछले दिनों रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर धमोरा से डा.राजेश उपाध्याय, बराखास से डा. आफताव, रजपुरा से डा. सुरेंद्र कुमार, डा. लखवीर सिंह की अतिरिक्त तैनाती ओपीडी में की थी ,लेकिन सीएमओ के आदेश पर किसी ने अमल नहीं किया और आदेश अमल होने से पहले ही सीएमओ का आदेश संशोधित हो गया। जिस पर भी आदेश अमल न होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं।
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