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वन्य जीव-
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:55 PM IST
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आवारा कुत्तों ने फिर एक काले हिरण को मार डाला
बनियाठेर थाना क्षेत्र के थरैसा जय सिंह गांव में मांसाहारी हो चुके आवारा कुत्तों ने एक और काले हिरण की जान ले ली। ग्रामीणों ने देखा को वन विभाग को जानकारी दी गई। इससे पहले 12 जुलाई को भी काले हिरण की इसी तरह हत्या कर दी गई थी। लेकिन वन विभाग ने इनकी सुरक्षा के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया है।
वन्य जीवों की संख्या लगातार घट रही है लेकिन वन विभाग को इनकी कोई फिक्र नहीं है। पंवासा, सौंधन, रजपुरा क्षेत्र में वन्य जीवों की शिकार की घटनाएं पिछले दिनों चर्चा में रहीं लेकिन पिछले करीब छह महीने से विभागीय सख्ती के बाद शिकार की घटनाओं में तो कमी आई लेकिन अब मांसाहारी कुत्ते हिरणों को शिकार बनाने लगे हैं। बताते हैंकि स्लाटर हाउस बंद होने के कारण चोरी छिपे जहां तक पशुओं का वध करके मीट सप्लाई किया जाता है, इसका अवशेष (मलबा) खेतों में ही फेंक दिया जाता है, जिसे खाकर कुत्ते मांसाहारी हो रहे हैं। अब वह जीवित वन्य जीवों पर भी हमला करने लगे है। शुक्रवार को भी थरैसा जय सिंह गांव के निकट काले हिरण को कुत्तों ने दौड़ाया था लेकिन ग्रामीणों ने शोर शराबा कर उसे बचा लिया था लेकिन शनिवार को फिर काले हिरण को दौड़ाकर नोंच लिया। अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। सूचना पर डिप्टी रेंजर डीसी पांडेय मौके पर पहुंचे। हिरण के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। डिप्टी रेंजर के अनुसार पोस्टमार्टम में अधिक रक्तस्राव होने, हार्ट प्रभावित होने के कारण उसकी मौत होने की पुष्टि हुई। 12 जुलाई को भी इसी तरह से एक और काले हिरण को कुत्तों ने दौड़ाया था। जिसकी थरेसा जय सिंह गांव में ही मौत हो गई थी।
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बनियाठेर थाना क्षेत्र के थरैसा जय सिंह गांव में मांसाहारी हो चुके आवारा कुत्तों ने एक और काले हिरण की जान ले ली। ग्रामीणों ने देखा को वन विभाग को जानकारी दी गई। इससे पहले 12 जुलाई को भी काले हिरण की इसी तरह हत्या कर दी गई थी। लेकिन वन विभाग ने इनकी सुरक्षा के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया है।
वन्य जीवों की संख्या लगातार घट रही है लेकिन वन विभाग को इनकी कोई फिक्र नहीं है। पंवासा, सौंधन, रजपुरा क्षेत्र में वन्य जीवों की शिकार की घटनाएं पिछले दिनों चर्चा में रहीं लेकिन पिछले करीब छह महीने से विभागीय सख्ती के बाद शिकार की घटनाओं में तो कमी आई लेकिन अब मांसाहारी कुत्ते हिरणों को शिकार बनाने लगे हैं। बताते हैंकि स्लाटर हाउस बंद होने के कारण चोरी छिपे जहां तक पशुओं का वध करके मीट सप्लाई किया जाता है, इसका अवशेष (मलबा) खेतों में ही फेंक दिया जाता है, जिसे खाकर कुत्ते मांसाहारी हो रहे हैं। अब वह जीवित वन्य जीवों पर भी हमला करने लगे है। शुक्रवार को भी थरैसा जय सिंह गांव के निकट काले हिरण को कुत्तों ने दौड़ाया था लेकिन ग्रामीणों ने शोर शराबा कर उसे बचा लिया था लेकिन शनिवार को फिर काले हिरण को दौड़ाकर नोंच लिया। अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। सूचना पर डिप्टी रेंजर डीसी पांडेय मौके पर पहुंचे। हिरण के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। डिप्टी रेंजर के अनुसार पोस्टमार्टम में अधिक रक्तस्राव होने, हार्ट प्रभावित होने के कारण उसकी मौत होने की पुष्टि हुई। 12 जुलाई को भी इसी तरह से एक और काले हिरण को कुत्तों ने दौड़ाया था। जिसकी थरेसा जय सिंह गांव में ही मौत हो गई थी।
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