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बुखार से बच्ची की मौत
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद।
मूंढ़ापांडे ब्लाक के हृदयपुर गांव में बुखार से एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। गांव में दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के गांवों में शिविर नहीं लगाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
जानकारी के मुताबिक हृदयपुर गांव निवासी विपिन कुमार की बेटी अंशुल (10) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। अंशुल को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। अंशुल के स्वास्थ्य में सुधार आने के बाद परिजन उसे घर ले गए। कुछ दिन बाद अंशुल को फिर बुखार आ गया। परिजन अंशुल का घरेलू इलाज करने लगे। रविवार को अंशुल की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक मूंढ़ापांडे ब्लाक रामगंगा की बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित रहा। पानी उतरने के बाद गांवों में गंदगी से संक्रामक बीमारियां फैली हैं। बुखार और एलर्जी से सबसे अधिक लोग पीड़ित हैं। मच्छरों से मलेरिया फैल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं पहुंची हैं। जिससे लोगों में आक्रोश है। ग्राम प्रधान ने गांव में चिकित्सा शिविर लगाने की गुहार लगाई है।
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मूंढ़ापांडे ब्लाक के हृदयपुर गांव में बुखार से एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। गांव में दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के गांवों में शिविर नहीं लगाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
जानकारी के मुताबिक हृदयपुर गांव निवासी विपिन कुमार की बेटी अंशुल (10) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। अंशुल को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। अंशुल के स्वास्थ्य में सुधार आने के बाद परिजन उसे घर ले गए। कुछ दिन बाद अंशुल को फिर बुखार आ गया। परिजन अंशुल का घरेलू इलाज करने लगे। रविवार को अंशुल की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक मूंढ़ापांडे ब्लाक रामगंगा की बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित रहा। पानी उतरने के बाद गांवों में गंदगी से संक्रामक बीमारियां फैली हैं। बुखार और एलर्जी से सबसे अधिक लोग पीड़ित हैं। मच्छरों से मलेरिया फैल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं पहुंची हैं। जिससे लोगों में आक्रोश है। ग्राम प्रधान ने गांव में चिकित्सा शिविर लगाने की गुहार लगाई है।
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