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आखिर कहां गए चार लाख रुपये
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मुरादाबाद।
बेसिक शिक्षा निदेशालय ने केरला के बाढ़ पीड़ितों की आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाने वाले जिलों की सूची जारी कर दी है। सूची से मुरादाबाद जिला गायब है। जबकि मुरादाबाद जिले से केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए चार लाख रुपये की आर्थिक मदद जुटाई गई थी। सूची में नाम शामिल नहीं होने से विभागीय कर्मचारियों से लेकर शिक्षकों की जुबान पर यही बात है आखिर पैसे कहां गए।
केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देशभर से हाथ बढ़े थे। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों से आर्थिक मदद जुटाने का आह्वान किया था। केंद्र सरकार ने आर्थिक मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए आयकर छूट देने की घोषणा की थी। मुरादाबाद जिले में भी दूसरे जिलों की तरह शिक्षक हाथ बढ़ाने के लिए आगे आए। ब्लाकवार शिक्षकों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए धनराशि एकत्र की और बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला प्रशासन को ड्राफ्ट सौंपा गया। बीएसए कार्यालय के मुताबिक करीब चार लाख रुपये की धनराशि एकत्र की गई थी। अपर शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप ने शिक्षा विभाग की जिलेवार सूची जारी कर दी है। सूची में प्रदेश के 56 जिले शामिल हैं। इन जिलों से 71227345 रुपये बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजा गया है। सूची के साथ आयकर छूट के लिए एक फार्म भी भेजा गया है। जिसे बीएसए की ओर से प्रमाणित किया जाना है।
सूची से मुरादाबाद जिला गायब है। जबकि मुरादाबाद मंडल में बिजनौर से 101000 रुपये, रामपुर से 223201 रुपये, संभल से 859308 रुपये और अमरोहा से 491500 रुपये बाढ़ पीड़ितों को भेजने का जिक्र है। मुरादाबाद का नाम सूची में नहीं होने से शिक्षक एवं कर्मचारी हैरान हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने आर्थिक मदद दी है। आयकर छूट कैसे मिलेगी, इसको लेकर असमंजस में हैं।
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- केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए शिक्षकों ने आर्थिक मदद जुटाई थी। इसका ड्राफ्ट जिलाधिकारी के माध्यम से केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजा गया था। ड्राफ्ट की फोटो कापी निदेशालय को भेजी गई थी। सूची में मुरादाबाद का नाम क्यों शामिल नहीं हुआ निदेशालय से इसकी जानकारी ली जाएगी।
योगेंद्र कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बेसिक शिक्षा निदेशालय ने केरला के बाढ़ पीड़ितों की आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाने वाले जिलों की सूची जारी कर दी है। सूची से मुरादाबाद जिला गायब है। जबकि मुरादाबाद जिले से केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए चार लाख रुपये की आर्थिक मदद जुटाई गई थी। सूची में नाम शामिल नहीं होने से विभागीय कर्मचारियों से लेकर शिक्षकों की जुबान पर यही बात है आखिर पैसे कहां गए।
केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देशभर से हाथ बढ़े थे। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों से आर्थिक मदद जुटाने का आह्वान किया था। केंद्र सरकार ने आर्थिक मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए आयकर छूट देने की घोषणा की थी। मुरादाबाद जिले में भी दूसरे जिलों की तरह शिक्षक हाथ बढ़ाने के लिए आगे आए। ब्लाकवार शिक्षकों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए धनराशि एकत्र की और बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला प्रशासन को ड्राफ्ट सौंपा गया। बीएसए कार्यालय के मुताबिक करीब चार लाख रुपये की धनराशि एकत्र की गई थी। अपर शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप ने शिक्षा विभाग की जिलेवार सूची जारी कर दी है। सूची में प्रदेश के 56 जिले शामिल हैं। इन जिलों से 71227345 रुपये बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजा गया है। सूची के साथ आयकर छूट के लिए एक फार्म भी भेजा गया है। जिसे बीएसए की ओर से प्रमाणित किया जाना है।
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सूची से मुरादाबाद जिला गायब है। जबकि मुरादाबाद मंडल में बिजनौर से 101000 रुपये, रामपुर से 223201 रुपये, संभल से 859308 रुपये और अमरोहा से 491500 रुपये बाढ़ पीड़ितों को भेजने का जिक्र है। मुरादाबाद का नाम सूची में नहीं होने से शिक्षक एवं कर्मचारी हैरान हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने आर्थिक मदद दी है। आयकर छूट कैसे मिलेगी, इसको लेकर असमंजस में हैं।
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- केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए शिक्षकों ने आर्थिक मदद जुटाई थी। इसका ड्राफ्ट जिलाधिकारी के माध्यम से केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजा गया था। ड्राफ्ट की फोटो कापी निदेशालय को भेजी गई थी। सूची में मुरादाबाद का नाम क्यों शामिल नहीं हुआ निदेशालय से इसकी जानकारी ली जाएगी।
योगेंद्र कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी