फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   मंडल की 10 चीनी मिलों का कर्ज स्वीकृत

मुरादाबाद मंडल की 22 में से 10 चीनी मिलों का कर्ज स्वीकृत

Sun, 18 Nov 2018 08:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Sun, 18 Nov 2018 08:29 AM IST
विज्ञापन
मंडल की 10 चीनी मिलों का कर्ज स्वीकृत
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
किसानों को गन्ना बकाया मिलने की फिलहाल उम्मीद कम ही है। शासन के साफ्ट लोन के लिए 22 में से दस मिलों के आवेदन ही स्वीकार हुए हैं। अब इनको गन्ना विभाग के अफसरों की स्वीकृति के बाद लखनऊ भेजा जाएगा। कर्ज के लिए आवेदन न करने वाली मिलों के प्रबंधन का तर्क है कि किसानों के भुगतान के बराबर चीनी गोदामों में है। ऐसे में कर्ज लेकर बेवजह बैंकों को ब्याज क्यों दें? सरकार को चीनी की खुली बिक्री की अनुमति प्रदान कर देनी चाहिए।
विज्ञापन


मंडल की मिलों पर अभी 12 अरब का गन्ना भुगतान बकाया है। प्रशासन ने चीनी पर नियंत्रण किया हुआ है। हर महीने निर्धारित से ज्यादा चीनी नहीं बेची जा सकती है। किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए शासन से साफ्ट लोन दिया जा रहा है। मंडल में तीन कोआपरेटिव चीनी मिल हैं, उनको लोन लेना नहीं है।
विज्ञापन


उनके अलावा धामपुर, स्योहारा, बहादरपुर, बरकातपुर, बुंदकी, चंदनपुर, रानीनंगला, असमौली, राजपुरा और मिलक नरायनपुर मिलों ने अभी तक कर्ज के आवेदन किए हैं। इनके आवेदन स्वीकार हो चुके हैं। उसके बावजूद कर्ज मिलने की औपचारिकता पूरी होने में अभी वक्त लगेगा। जबकि अन्य मिलों के किसानों का भुगतान निर्धारित 30 नवंबर तक होने पर संशय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गन्ना उपायुक्त राजेश मिश्रा का कहना है कि कोआपरेटिव मिलों का भुगतान शासन से सीधे कर दिया जाएगा। कर्ज स्वीकृत वाली मिलों का प्रस्ताव जल्द से जल्द शासन को भेजा रहा है। हमारा प्रयास है कि निर्धारित तारीख तक हर हाल में बकाया भुगतान करा दिया जाए। चीनी बिक्री खुली करने पर मूल्य फिर से गिर जाएंगे। भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा का कहना है कि हमको 30 नवंबर तक समस्त बकाया चाहिए। किस तरह होता है, यह अफसर जानें।


वहीं अगवानपुर चीनी मिल के महाप्रबंधक चौधरी गजेंद्र सिंह का कहना है कि हमारे स्टाक में बकाया भुगतान के बराबर चीनी रखी हुई है। सरकार को हमें चीनी बिक्री की अनुमति देनी चाहिए। हम कर्ज लेकर उस पर ब्याज क्यों दें? चीनी के दाम भी गिर रहे हैं। किसान हित में चीनी की तत्काल बिक्री कराने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed