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आग लगने से लगभग 125 बीघा गेंहू की फसल में लगी आग
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मुरादाबाद के ब्लॉक डिलारी क्षेत्र के महमूदपुर लाल व फरीदपुर कासम गांव के जंगल में गेहूं की फसल मे
- फोटो : THAKURDWARA
चिलचिलाती धूप के बीच क्षेत्र में बुधवार दोपहर दो बजे किसानों के खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने सैकड़ों बीघा जंगल को अपनी चपेट में ले लिया। आग से 25 किसानों की करीब 125 बीघा गेहूं की फसल जल गई। खेतों में आग की लपटें उठतीं देख कई गांवों में अफरा तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे किसानों ने दो घंटों की कड़ी मेहनत कर पानी की बौछारें डालकर आग पर काबू पाया। जली हुई आग की फसल का प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
यह घना महमूदपुर लाल व फरीदपुर कासम गांवों की है। महमूदपुर लाल गांव निवासी किसान जागन सिंह के खेत में खड़ी गेहूं की फसल से आग लगनी शुरू हुई। तेज हवा के साथ आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धुएं के गुबार के साथ आग की लपटों को देख फरीदपुर कासम व महमूदपुर लाल गांव के लोगों में अफरा तफरी मच गई। जिसके जो हाथ आया, वह उसी सामान को लेकर आग बुझाने के लिए दौड़ पड़ा। कुछ किसानों ने डंडों से पीट-पीट कर आग बुझाने की कोशिश की। एक तरफ आग बुझाते तो दूसरी ओर आग की लपटें उठने लगती थीं। आग ने कई घंटे तक किसानों की गेेहूं की फसल को अपनी चपेट में लिए रखा। जिससे जंगल में दूर-दूर तक आग की लपटें दिखाई दीं। किसानों का दावा है कि कई गांवों के करीब 25 किसानों की 125 बीघा गेहूं की फसल जल गई। किसानों को कई लाख का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने का कारण साफ नहीं हो पाया है। प्रशासन इसकी जांच कर रहा है।
वहीं आग लगने की सूचना के लगभग एक घंटे बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ी पहुंची। ग्रामीणों की मदद से अग्निशमन के कर्मचारियों ने किसी प्रकार लगभग दो घंटो मेें आग पर काबू पाया। घटना का निरीक्षण करने के लिए तहसीलदार रामवीर सिंह अपनी लेखपालों की टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसानों की सूचना तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने किसानों को मदद का भरोसा दिया है।
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आग बुझाते हुए लोगों के झुलसे पैर
डिलारी। थाना क्षेत्र के महमूदपुर लाल व फरीदपुर कासम गांव के जंगल में गेहूं की फसल में लगी आग को बुझाते हुए 10 से अधिक किसानों के पैर झुलस गए। लेकिन उन्होंने आग से अपनी फसलों को बचाने में जान की परवाह नहीं की और वह आग बुझाने में जुटे रहे। आग से खलील, वाहिद, कुलदीप, मोहसिन, साकिर, दानिश, शाहिद, साबिर, देवेंद्र समेत कई लोगों के पैर झुलस गए हैं। संवाद
इन किसानों की गेहूं की फसल जली
डिलारी। ठाकुरद्वारा के तहसीलदार रामवीर सिंह ने बताया है कि महमूदपुर लाल गांव निवासी निरंजन सिंह, तुंगल सिंह, राजू, दीपक, महेंद्र सिंह, विनेश रानी, ब्रह्मा देवी, गेंदा सिंह, विनय सिंह, रोहिताश, ओमशंकर, विक्रम सिंह, होराम सिंह, राकेश सिंह, किशन पाल, गेंदा सिंह, विजय पाल सिंह, विपिन, यादराम सिंह, अकील, नरेश सिंह, थान सिंह और शौकीन खां समेत 25 किसानों की फसल जल गई है। यह जांच की जाएगी, इनमें कोई नाम गलत तो नही है और किसका कितना नुकसान हुआ है। उसके बाद मुआवजे की सिफारिश की जाएगी। संवाद
बिजली के तारों से निकली चिंगारी से
20 बीघा गेहूं की फसल में लगी आग
कुंदरकी में हाईटेंशन लाइन के तारों से निकली चिंगारी से सात किसानों के खेतों में खड़ी 20 बीघा गेेहूं की फसल जल गई। किसानों ने पेड़ों की टहनियों से पीट-पीटकर आग पर काबू पाया गया है। हालांकि सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ी भी पहुंची, लेकिन जब बुझ आग चुकी थी। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
मैनाठेर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तख्तपुर अल्ला उर्फ नानकार की पश्चिमी दिशा में गेहूं के खेतों ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे में बिजली करंट प्रवाहित तारों में अचानक स्पार्किंग हो गई। किसानों का कहना है कि तारों से निकली चिंगारी से गेेहूं के खेतों में आग लग गई। हवा चलने की वजह से आग तेजी फैल गई तो ग्रामीणों में खलबली मच गई। आनन फानन गांव की मस्जिदों से एलान हुआ तब गांव से लोग दौड़कर खेेतों पर पहुंचे। इसके बाद पेड़ की टहनियों से पीट-पीटकर आग पर काबू पाने की प्रयास किया गया, लेकिन आग विकराल रूप लेती जा रही थी।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद में आग पर काबू पाया गया। बाद में आग बुझने पर दमकल की गाड़ी पहुंच पाई। सूचना मिलने पर मैनाठेर पुलिस ने भी मौका मुआयना कर आग से हुए किसानों की फसलों के नुकसान की जानकारी ली है। आग से किसान कामिल और उसके भाई आकिल, राबिल और आमिल का बारह बीघा, मोहम्मद असलम का चार बीघा, मोहम्मद आसिम साढ़े तीन बीघा और सिफ्ते का साढ़े तीन बीघा गेहूं की फसल जली है। पीड़ित किसानों के चेहरों पर शिकन नजर आई।
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यह घना महमूदपुर लाल व फरीदपुर कासम गांवों की है। महमूदपुर लाल गांव निवासी किसान जागन सिंह के खेत में खड़ी गेहूं की फसल से आग लगनी शुरू हुई। तेज हवा के साथ आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धुएं के गुबार के साथ आग की लपटों को देख फरीदपुर कासम व महमूदपुर लाल गांव के लोगों में अफरा तफरी मच गई। जिसके जो हाथ आया, वह उसी सामान को लेकर आग बुझाने के लिए दौड़ पड़ा। कुछ किसानों ने डंडों से पीट-पीट कर आग बुझाने की कोशिश की। एक तरफ आग बुझाते तो दूसरी ओर आग की लपटें उठने लगती थीं। आग ने कई घंटे तक किसानों की गेेहूं की फसल को अपनी चपेट में लिए रखा। जिससे जंगल में दूर-दूर तक आग की लपटें दिखाई दीं। किसानों का दावा है कि कई गांवों के करीब 25 किसानों की 125 बीघा गेहूं की फसल जल गई। किसानों को कई लाख का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने का कारण साफ नहीं हो पाया है। प्रशासन इसकी जांच कर रहा है।
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वहीं आग लगने की सूचना के लगभग एक घंटे बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ी पहुंची। ग्रामीणों की मदद से अग्निशमन के कर्मचारियों ने किसी प्रकार लगभग दो घंटो मेें आग पर काबू पाया। घटना का निरीक्षण करने के लिए तहसीलदार रामवीर सिंह अपनी लेखपालों की टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसानों की सूचना तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने किसानों को मदद का भरोसा दिया है।
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आग बुझाते हुए लोगों के झुलसे पैर
डिलारी। थाना क्षेत्र के महमूदपुर लाल व फरीदपुर कासम गांव के जंगल में गेहूं की फसल में लगी आग को बुझाते हुए 10 से अधिक किसानों के पैर झुलस गए। लेकिन उन्होंने आग से अपनी फसलों को बचाने में जान की परवाह नहीं की और वह आग बुझाने में जुटे रहे। आग से खलील, वाहिद, कुलदीप, मोहसिन, साकिर, दानिश, शाहिद, साबिर, देवेंद्र समेत कई लोगों के पैर झुलस गए हैं। संवाद
इन किसानों की गेहूं की फसल जली
डिलारी। ठाकुरद्वारा के तहसीलदार रामवीर सिंह ने बताया है कि महमूदपुर लाल गांव निवासी निरंजन सिंह, तुंगल सिंह, राजू, दीपक, महेंद्र सिंह, विनेश रानी, ब्रह्मा देवी, गेंदा सिंह, विनय सिंह, रोहिताश, ओमशंकर, विक्रम सिंह, होराम सिंह, राकेश सिंह, किशन पाल, गेंदा सिंह, विजय पाल सिंह, विपिन, यादराम सिंह, अकील, नरेश सिंह, थान सिंह और शौकीन खां समेत 25 किसानों की फसल जल गई है। यह जांच की जाएगी, इनमें कोई नाम गलत तो नही है और किसका कितना नुकसान हुआ है। उसके बाद मुआवजे की सिफारिश की जाएगी। संवाद
बिजली के तारों से निकली चिंगारी से
20 बीघा गेहूं की फसल में लगी आग
कुंदरकी में हाईटेंशन लाइन के तारों से निकली चिंगारी से सात किसानों के खेतों में खड़ी 20 बीघा गेेहूं की फसल जल गई। किसानों ने पेड़ों की टहनियों से पीट-पीटकर आग पर काबू पाया गया है। हालांकि सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ी भी पहुंची, लेकिन जब बुझ आग चुकी थी। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
मैनाठेर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तख्तपुर अल्ला उर्फ नानकार की पश्चिमी दिशा में गेहूं के खेतों ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे में बिजली करंट प्रवाहित तारों में अचानक स्पार्किंग हो गई। किसानों का कहना है कि तारों से निकली चिंगारी से गेेहूं के खेतों में आग लग गई। हवा चलने की वजह से आग तेजी फैल गई तो ग्रामीणों में खलबली मच गई। आनन फानन गांव की मस्जिदों से एलान हुआ तब गांव से लोग दौड़कर खेेतों पर पहुंचे। इसके बाद पेड़ की टहनियों से पीट-पीटकर आग पर काबू पाने की प्रयास किया गया, लेकिन आग विकराल रूप लेती जा रही थी।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद में आग पर काबू पाया गया। बाद में आग बुझने पर दमकल की गाड़ी पहुंच पाई। सूचना मिलने पर मैनाठेर पुलिस ने भी मौका मुआयना कर आग से हुए किसानों की फसलों के नुकसान की जानकारी ली है। आग से किसान कामिल और उसके भाई आकिल, राबिल और आमिल का बारह बीघा, मोहम्मद असलम का चार बीघा, मोहम्मद आसिम साढ़े तीन बीघा और सिफ्ते का साढ़े तीन बीघा गेहूं की फसल जली है। पीड़ित किसानों के चेहरों पर शिकन नजर आई।