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परिसर को हरा-भरा बनाएंगे पर्यावरण मित्र
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मुरादाबाद।
स्नातक और परास्नातक कालेजों में अब गंदगी बिखरी नहीं रहेगी। परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए कालेजों में पर्यावरण क्लब का गठन किया जाएगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना इसका उद्देश्य है।
कालेजों में अभी कूड़ा-कचरा फैला रहता है। हरियाली की ओर भी खास ध्यान नहीं दिया जाता है। इसमें सुधार के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने पर्यावरण क्लब की पहल शुरू की है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर शासकीय और अशासकीय कालेजों में पर्यावरण क्लब की स्थापना की जा चुकी है। क्लब के लिए पर्यावरण शुल्क पांच रुपये रखा गया है, जिसे शुल्क निर्धारण समिति के निर्देशन में प्रस्तावित किया जाएगा। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण पर कार्य किया जाएगा। नए-नए पौधे रोपित करने के अलावा गमले आदि खरीदे जाएंगे और रख-रखाव के लिए माली रखे जाएं। निगरानी के लिए शिक्षकों को सदस्य बनाया जाएगा। विद्यार्थी भी पर्यावरण मित्र की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण दिवस पर सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से एक-एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी देना भी प्रक्रिया में शामिल है। जागरूकता के लिए वाद-विवाद, स्लोगन और पोस्टर आदि कार्यक्रम भी संचालित होंगे।
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स्नातक और परास्नातक कालेजों में अब गंदगी बिखरी नहीं रहेगी। परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए कालेजों में पर्यावरण क्लब का गठन किया जाएगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना इसका उद्देश्य है।
कालेजों में अभी कूड़ा-कचरा फैला रहता है। हरियाली की ओर भी खास ध्यान नहीं दिया जाता है। इसमें सुधार के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने पर्यावरण क्लब की पहल शुरू की है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर शासकीय और अशासकीय कालेजों में पर्यावरण क्लब की स्थापना की जा चुकी है। क्लब के लिए पर्यावरण शुल्क पांच रुपये रखा गया है, जिसे शुल्क निर्धारण समिति के निर्देशन में प्रस्तावित किया जाएगा। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण पर कार्य किया जाएगा। नए-नए पौधे रोपित करने के अलावा गमले आदि खरीदे जाएंगे और रख-रखाव के लिए माली रखे जाएं। निगरानी के लिए शिक्षकों को सदस्य बनाया जाएगा। विद्यार्थी भी पर्यावरण मित्र की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण दिवस पर सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से एक-एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी देना भी प्रक्रिया में शामिल है। जागरूकता के लिए वाद-विवाद, स्लोगन और पोस्टर आदि कार्यक्रम भी संचालित होंगे।
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