{"_id":"5b3be53a4f1c1bad288b47b2","slug":"11530651962-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खोखली हैं शहर की सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खोखली हैं शहर की सड़कें
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
बरसात होने पर महानगर में सावधानी से चलने की जरूरत है। सीवर डालने के कारण सड़कों में जगह-जगह गड्ढ़े बन गए हैं। जिनको मिट्टी डालकर यों ही भर दिया गया। पानी भरने पर मिट्टी यह नीचे बैठ जाती है।
महानगर की सड़क आपको ऊपर से भले ही समतल दिखाई दें, लेकिन इन पर धोखा मत खाइए। शहर की ज्यादातर सड़कें नीचे से खोखली हैं। शहर के प्रथम जोन में सीवर लाइन डाली जा रही है। सीवर को छह मीटर गहराई के गड्ढे में डाला गया है। सीवर पाइप डालने के बाद गड्ढों को मिट्टी से भर दिया गया है। सूखे में इन सड़कों पर होकर चलने में कोई परेशानी नहीं है। लेकिन बरसात का पानी भरने से यह मिट्टी नीचे बैठ जाती है। ऊपर से पानी होने के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते। उसके बाद हादसा होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में पैदल यात्री और वाहन चालक इनमें गिर जाते हैं। सोमवार रात दो व्यक्ति सीवर की मिट्टी बैठने से बने गहरे गड्ढे में गिर गए। इनको मुश्किल से बाहर निकाला गया। जरा सी देर होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। आगे भी बारिश का जलभराव होने पर इन गड्ढों से खतरा हो सकता है।
विज्ञापन
बरसात होने पर महानगर में सावधानी से चलने की जरूरत है। सीवर डालने के कारण सड़कों में जगह-जगह गड्ढ़े बन गए हैं। जिनको मिट्टी डालकर यों ही भर दिया गया। पानी भरने पर मिट्टी यह नीचे बैठ जाती है।
महानगर की सड़क आपको ऊपर से भले ही समतल दिखाई दें, लेकिन इन पर धोखा मत खाइए। शहर की ज्यादातर सड़कें नीचे से खोखली हैं। शहर के प्रथम जोन में सीवर लाइन डाली जा रही है। सीवर को छह मीटर गहराई के गड्ढे में डाला गया है। सीवर पाइप डालने के बाद गड्ढों को मिट्टी से भर दिया गया है। सूखे में इन सड़कों पर होकर चलने में कोई परेशानी नहीं है। लेकिन बरसात का पानी भरने से यह मिट्टी नीचे बैठ जाती है। ऊपर से पानी होने के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते। उसके बाद हादसा होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में पैदल यात्री और वाहन चालक इनमें गिर जाते हैं। सोमवार रात दो व्यक्ति सीवर की मिट्टी बैठने से बने गहरे गड्ढे में गिर गए। इनको मुश्किल से बाहर निकाला गया। जरा सी देर होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। आगे भी बारिश का जलभराव होने पर इन गड्ढों से खतरा हो सकता है।
विज्ञापन