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बदलेगा मौसम का मिजाज, हो सकती है बारिश
Thu, 17 Jan 2019 02:06 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 17 Jan 2019 02:06 AM IST
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ठंड का कहर
- फोटो : अमर उजाला
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अपने उतार-चढ़ाव से छका रहे मौसम के एक बार फिर मिजाज बदलने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आगामी 21 जनवरी से बारिश के आसार हैं। 22 जनवरी को भी गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। मौसम के बदले मिजाज से एक बार फिर ठंड के लौटने के आसार हैं।
हर रोज पारे में उतार-चढ़ाव से मौसम सभी को चौंका रहा है। पूरे सीजन में पश्चिमी विक्षोभ अथवा चक्रवातीय हवाओं की सक्रियता मुरादाबाद मंडल में कम ही देखी गई। इस वजह से इस सीजन में बारिश नहीं हुई। बारिश के लिए रबी की फसल खास तौर पर गेहूं के खेत तरस गए। बुधवार को दिन का पारा मंगलवार की अपेक्षा लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। आए दिन तापमान का उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार बना रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि 21 जनवरी से पश्चिमी उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से मौसम बदलेगा। इस दिन तेज हवाओं के साथ बादलों की गर्जना हो सकती है। हल्की बारिश का भी अनुमान है। 22 जनवरी को भी मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इस दिन भी गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं।
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जाड़े की बारिश से मौसम ठंडा होने की आशंका है। लेकिन कृषि पंडितों के अनुसार यह बारिश रबी की फसलों के लिए अमृत साबित होगी। गेहूं की बढ़वार के लिए बारिश जरूरी है। अगर बारिश हुई तो किसानों को सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बारिश से वातावरण में आर्द्रता बढ़ने की संभावना है। इससे एक बार फिर कोहरा छाने के आसार हैं। कोहरे की वजह से ट्रेनों और बसों की रफ्तार थम सकती है।
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हर रोज पारे में उतार-चढ़ाव से मौसम सभी को चौंका रहा है। पूरे सीजन में पश्चिमी विक्षोभ अथवा चक्रवातीय हवाओं की सक्रियता मुरादाबाद मंडल में कम ही देखी गई। इस वजह से इस सीजन में बारिश नहीं हुई। बारिश के लिए रबी की फसल खास तौर पर गेहूं के खेत तरस गए। बुधवार को दिन का पारा मंगलवार की अपेक्षा लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। आए दिन तापमान का उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार बना रहा है।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि 21 जनवरी से पश्चिमी उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से मौसम बदलेगा। इस दिन तेज हवाओं के साथ बादलों की गर्जना हो सकती है। हल्की बारिश का भी अनुमान है। 22 जनवरी को भी मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इस दिन भी गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं।
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जाड़े की बारिश से मौसम ठंडा होने की आशंका है। लेकिन कृषि पंडितों के अनुसार यह बारिश रबी की फसलों के लिए अमृत साबित होगी। गेहूं की बढ़वार के लिए बारिश जरूरी है। अगर बारिश हुई तो किसानों को सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बारिश से वातावरण में आर्द्रता बढ़ने की संभावना है। इससे एक बार फिर कोहरा छाने के आसार हैं। कोहरे की वजह से ट्रेनों और बसों की रफ्तार थम सकती है।