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Mirzapur News: युवा न हों अवसाद के शिकार, लगेगी मानसिक स्वास्थ्य की चौपाल
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बीते समय में काफी संख्या में युवा मानसिक बीमारियों की चपेट में आए हैं। रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि कॉलेज में पढ़ने वाले प्रथम वर्ष के आसपास के अधिक छात्रों ने आत्महत्या का प्रयास किया है। इसके लिए कॉलेज के अध्यापक व मानसिक स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों को लखनऊ में ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद अध्यापक जिले के विभिन कॉलेजों एक हजार बच्चों का चयन कर उनको मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी देंगे। जिन छात्रों में मानसिक बीमारी पाई जाएगी, उनका विशेषज्ञ चिकित्सक से इलाज कराया जाएगा।
कोरोना संक्रमण के दौरान स्कूल, कॉलेज बंद थे। इस दौरान कई लोग मानसिक बीमारियों की चपेट में आए। इसके लिए मानसिक रोग चिकित्सा विभाग की ओर से लोगों की काउंसिलिंग की जा रही थी। मानसिक बीमारियों की चपेट में आने के साथ ही कई युवाओं ने आत्महत्या भी की। प्रदेश स्तर पर एक सर्वे के बाद युवाओं को मानसिक बीमारियों और अवसाद की चपेट में आने से बचाने के लिए सिफ्सा की ओर से लखनऊ में ट्रेनिंग का आयोजन किया गया।
मंडलीय अस्पताल के मानसिक रोग चिकित्सा विभाग की डॉ. पूजा सिंह और डॉ. राहुल सिंह के अलावा जिले के दो कॉलेजों के छह अध्यापक भी गए। इसमें बिनानी महाविद्यालय के डॉ. ऋषभ, असिस्टेंट प्रो. विद्या, राजीव सिंह, शिवलाक श्रीनेत महाविद्यालय के डॉ. चंद्र बहादुर सिंह, डॉ. विजय दुबे और विभा सिंह को कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया गया।
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मानसिक रोग चिकित्सा विभाग के डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बताया गया। छात्रों में तनाव, डिप्रेशन, एंजाइटी की समस्या को कैसे दूर करना है, इस बारे में बताया गया। एक रिपोर्ट में कॉलेज में पढ़ने वाले प्रथम वर्ष के एक हजार छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बताया जाएगा। जिन अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया है, वे एक हजार छात्रों का चयन कर उनको प्रशिक्षित करेंगे। इस दौरान अगर किसी छात्र में मानसिक बीमारी पाई जाएगी तो उसका इलाज किया जाएगा।
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कोरोना संक्रमण के दौरान स्कूल, कॉलेज बंद थे। इस दौरान कई लोग मानसिक बीमारियों की चपेट में आए। इसके लिए मानसिक रोग चिकित्सा विभाग की ओर से लोगों की काउंसिलिंग की जा रही थी। मानसिक बीमारियों की चपेट में आने के साथ ही कई युवाओं ने आत्महत्या भी की। प्रदेश स्तर पर एक सर्वे के बाद युवाओं को मानसिक बीमारियों और अवसाद की चपेट में आने से बचाने के लिए सिफ्सा की ओर से लखनऊ में ट्रेनिंग का आयोजन किया गया।
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मंडलीय अस्पताल के मानसिक रोग चिकित्सा विभाग की डॉ. पूजा सिंह और डॉ. राहुल सिंह के अलावा जिले के दो कॉलेजों के छह अध्यापक भी गए। इसमें बिनानी महाविद्यालय के डॉ. ऋषभ, असिस्टेंट प्रो. विद्या, राजीव सिंह, शिवलाक श्रीनेत महाविद्यालय के डॉ. चंद्र बहादुर सिंह, डॉ. विजय दुबे और विभा सिंह को कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया गया।
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मानसिक रोग चिकित्सा विभाग के डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बताया गया। छात्रों में तनाव, डिप्रेशन, एंजाइटी की समस्या को कैसे दूर करना है, इस बारे में बताया गया। एक रिपोर्ट में कॉलेज में पढ़ने वाले प्रथम वर्ष के एक हजार छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बताया जाएगा। जिन अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया है, वे एक हजार छात्रों का चयन कर उनको प्रशिक्षित करेंगे। इस दौरान अगर किसी छात्र में मानसिक बीमारी पाई जाएगी तो उसका इलाज किया जाएगा।