वाराणसी: अस्पतालों में लागू होगा इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम, एक ही जगह मिलेगी जांच से सर्जरी तक की सुविधा
अस्पतालों में जल्द इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत आपात स्थिति में मरीजों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही जगह जांच से लेकर सर्जरी तक की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में समय की बचत होगी और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सेवाएं मिल सकेंगी। व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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आईएमएस बीएचयू में इमरजेंसी मेडिसिन इंडिया (ईएमइंडिया) विषय पर पांच दिन (9 से 13 सितंबर) तक चली कार्यशाला में अस्पतालों में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के बेहतर इलाज को लेकर प्रोटोकॉल पर मंथन किया गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), स्वास्थ्य मंत्रालय, स्वास्थ्य से जुड़े संगठनों के लोगों ने इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम को अस्पतालों में लागू करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई। इसको स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जाएगा। सिस्टम के लागू होने के बाद इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें एक ही जगह सभी तरह की जरूरी इमरजेंसी सुविधाएं मिल जाएंगी।
इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम के तहत किसी मरीज के आने पर उसका सभी विभागों के समन्वय से बेहतर इलाज करने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। अगर किसी को सर्जरी की जरूरत हुई, जांच करवानी पड़ रही है तो उसको इमरजेंसी में ही एक टीम रहेगी, जो उसकी सर्जरी, जांच आदि करेगी।
क्रिटिकल केयर मेडिसिन के विशेषज्ञ और आयोजन सचिव प्रो. बिक्रम गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में अस्पतालों में इमरजेंसी सर्विस को पहले से और बेहतर बनाने की दिशा में मंथन में एक नया प्रोटोकॉल बनाए जाने पर सहमति बनी है। इसको स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसी को इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम नाम दिया गया है। इसके तहत अस्पतालों से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसी सिस्टम के तहत टेली आईसीयू को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
इमरजेंसी क्रिटिकल केयर एंड ऑपरेटिव का तैयार होगा नेटवर्क
इमरजेंसी क्रिटिकल केयर एंड ऑपरेटिव को लागू करने के लिए नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसमें आईएमएस बीएचयू भी पूरी तरह भागीदारी करेगा। देश में इस समय 14 चिकित्सा संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिला है। 15वां सेंटर आईएमएस बीएचयू को बनाया जाए, इस दिशा में एक कमिटी बनाकर प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जाएगा। प्रो. बिक्रम गुप्ता ने बताया कि आईएमएस बीएचयू सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग बनाए जाने पर भी सहमति बनी है।