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अधिकार के लिए करेंगे आंदोलन
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Sat, 11 Jul 2015 12:14 AM IST
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भाजपा एवं कांग्रेस तथा बसपा ने माझी बिरादरी को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए कभी प्रयास नहीं किया। जिस सरकार ने इन्हें दर्जा दिलाने का प्रयास किया उसे सिर्फ दबाने का काम करते रहे। उनके इस मंशा को देखकर 29 जुलाई के दिन मांझी समेत लगभग आधा दर्जन जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
ये बाते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने शुक्रवार की शाम नगर के पुलिस लाइन स्थित जयनाथ भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कही। कहा कि मांझी, कश्यप, बिंद, निषाद समेत लगभग आधा दर्जन जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए वह 32 वर्ष से लड़ाई लड़ते चले आ रहे हैं।
गरीबों के मसीहा मुलायम सिंह से मिलकर अपनी पीड़ा बताई तो उन्होंने पूर्व में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मांझी, निषाद, कश्यप, बिंद समेत लगभग आधा दर्जन जातियों को अनुसचित जाति में शामिल करने के लिए प्रस्ताव बनाकर पेश किया। लेकिन मायावती की सरकार आने पर उन्होंने इसे से दबा दिया। बताया कि देश में लगभग दो करोड़ मांझी बिदारी के लोग हैं। जिनको अभी तक कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है।
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नेता जी के प्रयास के बाद भी केंद्र की सरकारों ने इसे सहमति प्रदान करने की बजाय वोट बैंक की राजनीति करते रहे। जिससे मांझियों को अनुसचित जाति का दर्जा आजतक नहीं मिल पाया। इस दौरान राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया, सांसद राज्यसभा विश्वभंर नेता, चौधरी लालता निषाद, राजनारायण जिलाध्यक्ष जौनपुर, जिलाध्यक्ष आशीष यादव, अरूणकुमार दूबे आदि मौजूद रहे।
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ये बाते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने शुक्रवार की शाम नगर के पुलिस लाइन स्थित जयनाथ भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कही। कहा कि मांझी, कश्यप, बिंद, निषाद समेत लगभग आधा दर्जन जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए वह 32 वर्ष से लड़ाई लड़ते चले आ रहे हैं।
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गरीबों के मसीहा मुलायम सिंह से मिलकर अपनी पीड़ा बताई तो उन्होंने पूर्व में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मांझी, निषाद, कश्यप, बिंद समेत लगभग आधा दर्जन जातियों को अनुसचित जाति में शामिल करने के लिए प्रस्ताव बनाकर पेश किया। लेकिन मायावती की सरकार आने पर उन्होंने इसे से दबा दिया। बताया कि देश में लगभग दो करोड़ मांझी बिदारी के लोग हैं। जिनको अभी तक कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है।
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नेता जी के प्रयास के बाद भी केंद्र की सरकारों ने इसे सहमति प्रदान करने की बजाय वोट बैंक की राजनीति करते रहे। जिससे मांझियों को अनुसचित जाति का दर्जा आजतक नहीं मिल पाया। इस दौरान राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया, सांसद राज्यसभा विश्वभंर नेता, चौधरी लालता निषाद, राजनारायण जिलाध्यक्ष जौनपुर, जिलाध्यक्ष आशीष यादव, अरूणकुमार दूबे आदि मौजूद रहे।