{"_id":"6033c6a98ebc3ee96731c6af","slug":"water-will-not-be-natural-property-its-privatization-mirzapur-news-vns576134123","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी प्राकृतिक संपदा, नहीं होने देंगे इसका निजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी प्राकृतिक संपदा, नहीं होने देंगे इसका निजीकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो-
पानी प्राकृतिक संपदा, नहीं होने देंगे निजीकरण
जल निगम कर्मियों का क्रमिक अनशन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के आह्वान पर संबंधित घटक संगठनों का क्रमिक अनशन सोमवार को भी जारी रहा। कार्यालय अधिशासी अभियंता अभाव खंड परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन विरोधी नारे लगाए।
भोजनावकाश के दौरान धरने को संबोधित करते हुए समिति संयोजक ऋषिकेश ने कहा कि कर्मचारियों के आंदोलन को देखकर मुख्यमंत्री जल निगम के पुर्नगठन को लेकर बैठक कर रहे हैं। सूत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा सरकार की मंशा जल निगम को निजी हाथो में सौपने की तैयारी हो सकती है। कहा यदि सरकार निजीकरण के प्रस्ताव को लाती है तो कर्मचारी इसका डटकर मुकाबला करेंगे। कहा जल प्राकृतिक संपदा है। इसका निजीकरण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयोजक ने कहा कि सरकार बिजली की तरह पानी को भी महंगा करने पर तुली है। पनी के निजीकरण से जनता के उपर एक और बोझ बढ़ेगा। मीडिया प्रभारी आशुतोष श्रीवास्तव ने तीन सूत्री मांग पत्र का हवाला देते हुए छह माह से बकाया वेतन भुगतान, सेवाकाल के दौरान मृत्यु के पश्चात मृतक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति तथा कर्मचारियों एवं पेशनरों का भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से किए जाने की मांग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. ऋषिकेश कुमार एवं संचालन मो. अशफाक ने की। अधिकारियों और कर्मचारियों के धरने में पहुंचकर अधिशासी अभियंता इं. संदीप सिंह ने हौसला बढ़ाया। इस दौरान महंथ सिंह, मनोज श्रीवास्तव, दीनानाथा पाल, आत्माराम दुबे, मनीष दुबे, उत्तम विश्वकर्मा, इं. संजय कुमार जायसवाल, इं. अरविंद राम, श्याम बचन, सुनील कुमार मिश्रा, श्रीगोपाल, आशुतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
पानी प्राकृतिक संपदा, नहीं होने देंगे निजीकरण
जल निगम कर्मियों का क्रमिक अनशन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के आह्वान पर संबंधित घटक संगठनों का क्रमिक अनशन सोमवार को भी जारी रहा। कार्यालय अधिशासी अभियंता अभाव खंड परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन विरोधी नारे लगाए।
भोजनावकाश के दौरान धरने को संबोधित करते हुए समिति संयोजक ऋषिकेश ने कहा कि कर्मचारियों के आंदोलन को देखकर मुख्यमंत्री जल निगम के पुर्नगठन को लेकर बैठक कर रहे हैं। सूत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा सरकार की मंशा जल निगम को निजी हाथो में सौपने की तैयारी हो सकती है। कहा यदि सरकार निजीकरण के प्रस्ताव को लाती है तो कर्मचारी इसका डटकर मुकाबला करेंगे। कहा जल प्राकृतिक संपदा है। इसका निजीकरण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयोजक ने कहा कि सरकार बिजली की तरह पानी को भी महंगा करने पर तुली है। पनी के निजीकरण से जनता के उपर एक और बोझ बढ़ेगा। मीडिया प्रभारी आशुतोष श्रीवास्तव ने तीन सूत्री मांग पत्र का हवाला देते हुए छह माह से बकाया वेतन भुगतान, सेवाकाल के दौरान मृत्यु के पश्चात मृतक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति तथा कर्मचारियों एवं पेशनरों का भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से किए जाने की मांग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. ऋषिकेश कुमार एवं संचालन मो. अशफाक ने की। अधिकारियों और कर्मचारियों के धरने में पहुंचकर अधिशासी अभियंता इं. संदीप सिंह ने हौसला बढ़ाया। इस दौरान महंथ सिंह, मनोज श्रीवास्तव, दीनानाथा पाल, आत्माराम दुबे, मनीष दुबे, उत्तम विश्वकर्मा, इं. संजय कुमार जायसवाल, इं. अरविंद राम, श्याम बचन, सुनील कुमार मिश्रा, श्रीगोपाल, आशुतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन