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गोदाम में हफ्तों से बंद पशुओं की हुई मौत
mirzapur
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:13 AM IST
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मवेशियों
- फोटो : अमर उजाला
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मड़िहान थाना क्षेत्र के दाढ़ीराम गांव से एक जुलाई की रात चुराए गए 25 पशुओं को चोर दाढ़ीराम गरीबबवा जंगल में बाणसागर के गोदाम में बंद कर गायब हो गए थे। तीन हफ्ते तक बिना चारा-पानी के बंद रहने से इनमें से अधिकांश पशुओं की मौत हो गई। दुर्गंध फैलने पर परेशान गांव वाल ने शनिवार पता लगाते हुए मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ताला तोड़वाया गोदाम एक दर्जन पशु मरणासन्न अवस्था में बाहर निकाले गए। मृत पशुओं की गिनती नहीं हो पाई है।
दाढ़ीराम गांव निवासी रमपत्ती, दुर्गावती, मिश्रीलाल व गुड्डू तिवारी के पशु एक जुलाई की रात अबूझ हाल में गुम हो गए थे। पशुपालकों ने समझा की चोर पशुओं को चोरी कर ले गए। कुल 25 पशु गायब थे। हांलाकि पशुपालकों ने दूसरे दिन मड़िहान थाने पर पशु चोरी की तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तीन हफ्ते बीतने के बाद भी पशु बरामद नहीं हुए।
पिछले तीन-चार दिनों से जंगल की ओर से भीषण दुर्गंध उठने लगी। हालत यहां तक पहुंच गई कि गांव में भी जीना मुहाल हो गया था। गांव वाले दुर्गंध का पता लगाते हुए गोदाम तक पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोदाम का ताला तोेड़वाया। उसमें से 11 मरणासन्न पशु निकले, जिन्हें जंगल में चरने के लिए छोड़ दिया गया। क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को पशुओं की पहचान के लिए रविवार को बुलाया गया है। उसके बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस से सेटिंग नहीं हो पाने के कारण पशु गोदाम में ही बंद रह गए।
दाढ़ीराम गांव निवासी रमपत्ती, दुर्गावती, मिश्रीलाल व गुड्डू तिवारी के पशु एक जुलाई की रात अबूझ हाल में गुम हो गए थे। पशुपालकों ने समझा की चोर पशुओं को चोरी कर ले गए। कुल 25 पशु गायब थे। हांलाकि पशुपालकों ने दूसरे दिन मड़िहान थाने पर पशु चोरी की तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तीन हफ्ते बीतने के बाद भी पशु बरामद नहीं हुए।
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पिछले तीन-चार दिनों से जंगल की ओर से भीषण दुर्गंध उठने लगी। हालत यहां तक पहुंच गई कि गांव में भी जीना मुहाल हो गया था। गांव वाले दुर्गंध का पता लगाते हुए गोदाम तक पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोदाम का ताला तोेड़वाया। उसमें से 11 मरणासन्न पशु निकले, जिन्हें जंगल में चरने के लिए छोड़ दिया गया। क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को पशुओं की पहचान के लिए रविवार को बुलाया गया है। उसके बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस से सेटिंग नहीं हो पाने के कारण पशु गोदाम में ही बंद रह गए।
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