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Mirzapur News: ढाई हजार पुलिसकर्मी लेकिन किसी की मूंछों पर ताव नहीं

Fri, 09 Jan 2026 12:46 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 12:46 AM IST
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Two and a half thousand policemen but no one has any patience.
मिर्जापुर। पुलिस में भर्ती होने वाले लोग पहले घनी मूंछे आमजन से अलग और दमदार दिखने के लिए रखते थे। बड़ी-बड़ी मूंछे रखने पर भत्ता भी दिया जाता है। यह परंपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही है। जब मूंछें शक्ति और अधिकार का प्रतीक थी लेकिन अब पुलिस विभाग में मूंछों पर ताव दिखाता कोई नहीं मिलता है। मानक के अनुसार मूंछे रखने पर पुलिस विभाग भत्ता भी देता है। जिले में ढाई हजार पुलिसकर्मियों की आबादी है पर किसी को मूंछ रखने का भत्ता नहीं मिलता है। विभाग का कहना है कि कोई मानक के अनुसार मूंछ रखकर आवेदन करता है तो उसे भत्ता मिलेगा।
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मिर्जापुर पुलिस में दो हजार कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल और 500 उप निरीक्षक, निरीक्षक व अन्य है। पुलिस की इस लंबी फौज में कोई मूंछ रखता दिखाई नहीं देता है। कुछेक रखते भी है तो मानक के अनुसार नहीं रहता। मानक के अनुसार मूंछ रखने पर पहले 50 रुपये भत्ता मिलता था। सरकार ने 2019 में ये भत्ता बढ़ाकर 250 रुपये प्रतिमाह कर दिया। दो वर्ष पहले तक जिले में एक-दो लोगों को मूंछ का भत्ता मिलता था पर अब मूंछ रखने के लिए भत्ता लेने वाला कोई नहीं है। थाने आदि का निरीक्षण करने पर अगर कोई सिपाही मानक के अनुसार मूंछ रखा दिख जाता है तो अधिकारी उसे पुरस्कृत कर देते हैं। बाकी अंग्रेजों के समय से पुलिस विभाग में मूंछ रखने की चली आ रही परंपरा अब दिखाई नहीं देती है।
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200 रुपये मिलता है साइकिल भत्ता -अंग्रेजों के समय से थाने और फील्ड में तैनात कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के लिए साइकिल भत्ते के रूप में 200 रुपये दिया जाता है। जिले के दो हजार पुलिसकर्मियों में से 11 सौ कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल ये भत्ता दिया जाता है। इसी तरह से बीट दरोगा को 400 रुपये बाइक का भत्ता मिलता है।
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मानक के अनुसार मूंछ रखने पर पुलिसकर्मी को भत्ता मिलता है, पर अभी किसी को इसका भत्ता जिले से नहीं दिया जा रहा है। कोई मानक के अनुसार मूंछ रखकर आवेदन करता है तो उसे भत्ता मिलेगा। सोमेन बर्मा, डीआईजी/एसएसपी
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