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Mirzapur News: दो वर्ष पहले 18 थानों क्षेत्रों में खुले 19 पिंक बूथ हो गए बंद
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लालगंज थाना में बापू उपरौध के पास पिंक बूथ में लटक रहा ताला। स्रोत- संवाद
कहीं लटकता रहा ताला, कहीं पुरुष तैनात तो कहीं दुकान खुलकर हो गई बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। महिला सुरक्षा के लिए जिले के 18 सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क और दो साल पहले भीड़-भाड़ वाले इलाके या बाजार में 20 पिंक बूथ खोले गए थे। महिलाओं में जागरूकता के अभाव और विभागीय उपेक्षा के कारण 19 पिंक बूथ बंद हो गए। एक क्रियाशील नहीं है। वहां कोरम पूरा किया जाता है।
जब इनकी शुरुआत हुई तो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि व्यस्त क्षेत्रों में महिलाएं, छात्राएं व बालिकाएं वहां अपनी समस्याएं बता सकें। थानों में महिला हेल्प डेस्क तो चल रहे हैं। प्रतिवर्ष महिला हेल्प डेस्क पर 250 से ज्यादा महिला संबंधी शिकायतें आती । वहीं, पिंक बूथ बंद हो गए। अधिकांश स्थानों पर बने पिंक बूथ का पता ही नहीं है। जहां पिंक बूथ अस्तित्व में है, वहां या तो ताला लगा है या दरवाजा बंद है। बूथ में कोई नहीं है। कहीं पुरुष पुलिसकर्मी सोते मिले। जबकि नियमत: यहां महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए थी।
पड़री : पुरुष पुलिसकर्मी तैनात हैं। जिगना में पिंक बूथ की जगह पर दुकान खुल गई थी, जो अब बंद है। शहर कोतवाली, विंध्याचल और कटरा कोतवाली में 24 घंटे एक उपनिरीक्षक और चार महिला कांस्टेबल की तैनाती रहनी थी। देहात कोतवाली, पड़री, चील्ह, कछवां, चुनार, अदलहाट, लालगंज, हलिया, जिगना, संतनगर, ड्रमंडगंज, अहरौरा, मड़िहान, जमालपुर और राजगढ़ थाना क्षेत्र में दिन के समय 12 घंटे एक उपनिरीक्षक और दो महिला कांस्टेबल तैनात रहनी थीं। चुनार और देहात कोतवाली क्षेत्र में तो दो-दो स्थानों पर पिंक बूथ खुले थे, जहां ताला लटक रहा है।
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कहीं ताला, कहीं पुरुष तो कहीं दुकान
लालगंज। लालगंज के बापू उपरौध के पास बने पिंक बूथ में सुबह ताला बंद मिला। बापू उपरौध के पास स्कूल और कॉलेज हैं। छात्राओं का आना-जाना लगा रहता है। इसके बाद भी वहां कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।
हलिया। हलिया बाजार में एक वर्ष पूर्व एक व्यक्ति के मकान में पिंक बूथ बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में कहीं भी पिंक बूथ नहीं है।
जमालपुर। जमालपुर क्षेत्र में बने पिंक बूथ पर कोई महिला कांस्टेबल नहीं मिली। उधर से आते-जाते ग्रामीण वहां सोते और आराम करते मिले।
पिंक बूथ पर सुबह फोटो खिंचाकर चली जाती हैं महिला सिपाही
फोटो-18
कछवां। थाना की कस्बा चौकी परिसर में पिंक बूथ का शिलान्यास धूमधाम से किया गया था, लेकिन इन दिनों इसे कस्बा चौकी का कार्यालय बना दिया गया है। बूढ़ेनाथ चौराहे पर बने पिंक बूथ पर ताला बंद रहा। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह दो-तीन महिला पुलिसकर्मी आती हैं। कुछ महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाकर वापस लौट जाती हैं। थानाध्यक्ष अमरजीत चौहान ने बताया कि बूढ़ेनाथ चौराहे पर स्थित पुलिस पिकेट को पिंक रंग से रंग-रोगन कर पिंक बूथ बनाया गया है।
जहां था पिंक बूथ, वहां खुली दुकान, अब शटर बंद
फोटो-19
जिगना। क्षेत्र के बिहसड़ा बाजार में बैंक के पास और हरगढ़ में पिंक बूथ चल रहा था जो कुछ दिनों बाद बंद हो गया। बिहसड़ा बाजार में जहां पिंक बूथ का बैनर लगा था, वहां कुछ दिन बाद कपड़े की दुकान खुल गई। अब कपड़े की दुकान भी बंद हो गई है। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि आरक्षी जाती हैं और वहीं पर मौखिक शिकायत का निस्तारण कर देती हैं।
पिंक बूथ में कभी नजर नहीं आतीं महिला पुलिसकर्मी
फोटो-20 व 21
चुनार। दुर्गा जी मोड़ और जमुई में पिंक बूथ खुले थे। जमुई में पिंक बूथ का बैनर लगा है, पर दरवाजा बंद रहता है। दुर्गा जी मोड़ पर भी पुलिस पिंक बूथ लिखा है, लेकिन वहां ताला लटकता मिला।
चुनार चौराहे के पास बना पिंक बूथ हर समय बंद रहता है
अहरौरा। वाराणसी-शक्तिनगर रोड स्थित चुनार चौराहे के पास बने पिंक बूथ में हर वक्त ताला बंद रहता है। कभी भी वहां कोई महिला पुलिसकर्मी नजर नहीं आती है। चुनार चौराहा नगर का व्यस्ततम क्षेत्र है। यहां महिलाओं और लड़कियों का बराबर आना-जाना होता है। छात्राएं भी काफी संख्या में रास्ते से आती-जाती हैं, लेकिन पिंक बूथ में ताला लटकता नजर आता है।
पिंक बूथ पर पुरुष तैनात, महिला कैसे कहेगी अपनी बात
फोटो-23
पड़री। पड़री के मोहनपुर कोटवा गांव के पास बने पिंक बूथ पर महिला पुलिसकर्मी के बजाय होमगार्ड नजर आया। होमगार्ड ने बताया कि महिला सिपाही भी आती हैं।
वर्जन
जिले के हर थाने पर महिला हेल्प डेस्क है। जहां पर महिला कांस्टेबल महिलाओं की समस्याओं को सुनकर निस्तारण करती हैं। पिंक बूथ पर दिन के समय महिला कांस्टेबल मौजूद रहकर और आस-पास के स्कूल और कालेजों में भ्रमण करके महिला सशक्तीकरण के बारे में जागरूक करती हैं। त्योहर व विशेष आयोजन में 24 घंटे पिंक बूथ पर तैनाती रहती है।
अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। महिला सुरक्षा के लिए जिले के 18 सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क और दो साल पहले भीड़-भाड़ वाले इलाके या बाजार में 20 पिंक बूथ खोले गए थे। महिलाओं में जागरूकता के अभाव और विभागीय उपेक्षा के कारण 19 पिंक बूथ बंद हो गए। एक क्रियाशील नहीं है। वहां कोरम पूरा किया जाता है।
जब इनकी शुरुआत हुई तो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि व्यस्त क्षेत्रों में महिलाएं, छात्राएं व बालिकाएं वहां अपनी समस्याएं बता सकें। थानों में महिला हेल्प डेस्क तो चल रहे हैं। प्रतिवर्ष महिला हेल्प डेस्क पर 250 से ज्यादा महिला संबंधी शिकायतें आती । वहीं, पिंक बूथ बंद हो गए। अधिकांश स्थानों पर बने पिंक बूथ का पता ही नहीं है। जहां पिंक बूथ अस्तित्व में है, वहां या तो ताला लगा है या दरवाजा बंद है। बूथ में कोई नहीं है। कहीं पुरुष पुलिसकर्मी सोते मिले। जबकि नियमत: यहां महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए थी।
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पड़री : पुरुष पुलिसकर्मी तैनात हैं। जिगना में पिंक बूथ की जगह पर दुकान खुल गई थी, जो अब बंद है। शहर कोतवाली, विंध्याचल और कटरा कोतवाली में 24 घंटे एक उपनिरीक्षक और चार महिला कांस्टेबल की तैनाती रहनी थी। देहात कोतवाली, पड़री, चील्ह, कछवां, चुनार, अदलहाट, लालगंज, हलिया, जिगना, संतनगर, ड्रमंडगंज, अहरौरा, मड़िहान, जमालपुर और राजगढ़ थाना क्षेत्र में दिन के समय 12 घंटे एक उपनिरीक्षक और दो महिला कांस्टेबल तैनात रहनी थीं। चुनार और देहात कोतवाली क्षेत्र में तो दो-दो स्थानों पर पिंक बूथ खुले थे, जहां ताला लटक रहा है।
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कहीं ताला, कहीं पुरुष तो कहीं दुकान
लालगंज। लालगंज के बापू उपरौध के पास बने पिंक बूथ में सुबह ताला बंद मिला। बापू उपरौध के पास स्कूल और कॉलेज हैं। छात्राओं का आना-जाना लगा रहता है। इसके बाद भी वहां कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।
हलिया। हलिया बाजार में एक वर्ष पूर्व एक व्यक्ति के मकान में पिंक बूथ बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में कहीं भी पिंक बूथ नहीं है।
जमालपुर। जमालपुर क्षेत्र में बने पिंक बूथ पर कोई महिला कांस्टेबल नहीं मिली। उधर से आते-जाते ग्रामीण वहां सोते और आराम करते मिले।
पिंक बूथ पर सुबह फोटो खिंचाकर चली जाती हैं महिला सिपाही
फोटो-18
कछवां। थाना की कस्बा चौकी परिसर में पिंक बूथ का शिलान्यास धूमधाम से किया गया था, लेकिन इन दिनों इसे कस्बा चौकी का कार्यालय बना दिया गया है। बूढ़ेनाथ चौराहे पर बने पिंक बूथ पर ताला बंद रहा। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह दो-तीन महिला पुलिसकर्मी आती हैं। कुछ महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाकर वापस लौट जाती हैं। थानाध्यक्ष अमरजीत चौहान ने बताया कि बूढ़ेनाथ चौराहे पर स्थित पुलिस पिकेट को पिंक रंग से रंग-रोगन कर पिंक बूथ बनाया गया है।
जहां था पिंक बूथ, वहां खुली दुकान, अब शटर बंद
फोटो-19
जिगना। क्षेत्र के बिहसड़ा बाजार में बैंक के पास और हरगढ़ में पिंक बूथ चल रहा था जो कुछ दिनों बाद बंद हो गया। बिहसड़ा बाजार में जहां पिंक बूथ का बैनर लगा था, वहां कुछ दिन बाद कपड़े की दुकान खुल गई। अब कपड़े की दुकान भी बंद हो गई है। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि आरक्षी जाती हैं और वहीं पर मौखिक शिकायत का निस्तारण कर देती हैं।
पिंक बूथ में कभी नजर नहीं आतीं महिला पुलिसकर्मी
फोटो-20 व 21
चुनार। दुर्गा जी मोड़ और जमुई में पिंक बूथ खुले थे। जमुई में पिंक बूथ का बैनर लगा है, पर दरवाजा बंद रहता है। दुर्गा जी मोड़ पर भी पुलिस पिंक बूथ लिखा है, लेकिन वहां ताला लटकता मिला।
चुनार चौराहे के पास बना पिंक बूथ हर समय बंद रहता है
अहरौरा। वाराणसी-शक्तिनगर रोड स्थित चुनार चौराहे के पास बने पिंक बूथ में हर वक्त ताला बंद रहता है। कभी भी वहां कोई महिला पुलिसकर्मी नजर नहीं आती है। चुनार चौराहा नगर का व्यस्ततम क्षेत्र है। यहां महिलाओं और लड़कियों का बराबर आना-जाना होता है। छात्राएं भी काफी संख्या में रास्ते से आती-जाती हैं, लेकिन पिंक बूथ में ताला लटकता नजर आता है।
पिंक बूथ पर पुरुष तैनात, महिला कैसे कहेगी अपनी बात
फोटो-23
पड़री। पड़री के मोहनपुर कोटवा गांव के पास बने पिंक बूथ पर महिला पुलिसकर्मी के बजाय होमगार्ड नजर आया। होमगार्ड ने बताया कि महिला सिपाही भी आती हैं।
वर्जन
जिले के हर थाने पर महिला हेल्प डेस्क है। जहां पर महिला कांस्टेबल महिलाओं की समस्याओं को सुनकर निस्तारण करती हैं। पिंक बूथ पर दिन के समय महिला कांस्टेबल मौजूद रहकर और आस-पास के स्कूल और कालेजों में भ्रमण करके महिला सशक्तीकरण के बारे में जागरूक करती हैं। त्योहर व विशेष आयोजन में 24 घंटे पिंक बूथ पर तैनाती रहती है।
अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक

लालगंज थाना में बापू उपरौध के पास पिंक बूथ में लटक रहा ताला। स्रोत- संवाद

लालगंज थाना में बापू उपरौध के पास पिंक बूथ में लटक रहा ताला। स्रोत- संवाद