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बंदूक लूट मामले की जांच करने घटना स्थल पर पहुंचे एसपी

Thu, 15 Oct 2020 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2020 12:03 AM IST
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SP arrives at the scene to investigate the gun robbery case
मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के इटावा के पास मंगलवार की शाम निजी सुरक्षा गार्ड की बंदूक लूट ली गई। मामले में बुधवार का सुबह पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह, सीओ सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। छानबीन की। गार्ड से भी जानकारी ली। एसपी ने देहात कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच को जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने का निर्देश दिया। मंगलवार की रात को भी पुलिस मौके पर जाकर छानबीन किया था।
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विंध्याचल कोतवाली क्षेत्र के मगरदा कला गांव निवासी 55 वर्षीय रामराज इटावा के पास सूजी मिल में गार्ड के पद पर कार्य करते हैं। प्रतिदिन की तरह वह शाम को सूजी मिल में नाइट ड्यूटी के लिए अपने लाइसेंसी बंदूक के साथ बाइक से जा रहे थे। वह इटावा के पास पहुंचे थे कि पीछे से आ रहे बाइक सवार दो युवकों ने पैर से बाइक में धक्का मारा। जिससे रामराज सड़क पर गिर गए। इसके बदमाश उनकी बंदूक लूट कर फरार हो गए। बंदूक में गोली नहीं थी। रामराज में स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को घटना की सूचना दिया। रात में एएसपी सिटी संजय कुमार, सीओ सदर अरुण कुमार सिंह, देहात कोतवाली अभय सिंह मौके पर पहुंचकर छानबीन किया, पर कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार की सुबह एसपी अजय कुमार सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच कर पीड़ित रामराज से घटना की जानकारी लिया। निर्देश दिया कि बाइक सवार बदमाशों को जल्द पकड़कर बंदूक बरामद किया जाए।
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13 वर्ष बाद भी एएसपी के गनर की लूटी गई एके-47 नहीं हुई बरामद
मिर्जापुर। एएसपी के गनर की हत्या हुए 13 वर्ष बीत गए लेकिन न तो पुलिस उसकी हत्या का पर्दाफाश नहीं कर सकी, न ही लूटी गई एके- 47 व कारतूस को ही बरामद कर सकी। एएसपी सिटी के गनर की वर्ष 2007 में देहात कोतवाली क्षेत्र के सततखवा पुल पर सरेशाम गोली मारकर बदमाश उसकी एके- 47 व कारतूस की पेटी लूट ले गए थे। इस घटना को लेकर उस समय पुलिस प्रशासन में काफी हाय तौबा मचा था। मामले की छानबीन के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई, एसओजी टीम को लगाया गया। इसके बाद इस मामले की गोपनीय जांच, सीबीसीआईडी व अंत में एसटीएफ की टीम लगा दी गई, लेकिन 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो हत्याकांड का खुुलासा नहीं हो सका। पुलिस लूटी गई एके-47 को भी बरामद नहीं कर सकी। चर्चा रही कि लूटी गई एके-47 मुन्ना बजरंगी गिरोह में पहुंच गया था। अहरौरा में हुए तिहरे हत्याकांड में भी उसका प्रयोग हुआ, पर पुलिस ने 13 वर्ष बाद भी एके-47 को बरामद नहीं कर सकी है।
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