{"_id":"59e64dfd4f1c1bda538b7de5","slug":"rounak-in-the-market-on-dense-tires","type":"story","status":"publish","title_hn":"घनतेरस पर हुई धनवर्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घनतेरस पर हुई धनवर्षा
mirzapur news
Updated Wed, 18 Oct 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपावली पर बाजार में धनवर्षा हुई। आधी रात तक बाजार गुलजार रहा। देर रात तक जिले में 75 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीददारी हुई जबकि पिछले साल महज 40 करोड़ की बिक्री हुई थी। वाहन, इलेक्ट्रानिक आइटम और सोने-चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं की ज्यादा बिक्री हुई। अकेले आटोमोबाइल बाजार में 50 करोड़ रुपये आए जबकि सर्राफा बाजार में 10 और इलेक्ट्रानिक आइटमों की सात करोड़ से ज्यादा की बिक्री हुई। मोबाइल, बर्तन, लाई-लावा, मिठाइयों की बिक्री आठ करोड़ के करीब रही।
धनतेरस के अवसर पर मंगलवार को बाजार खरीदारों से पटा रहा। सोने-चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं के साथ-साथ इस बार साथ हीरे जैसे रत्नों से जड़ित आभूषणों की भी बिक्री हुई। सबसे ज्यादा भीड़ बर्तन की दूकानों पर दिखी। पीतल व स्टील के बर्तन, मोमबत्ती, लाई, चिवड़ा, गट्टा, रेवड़ी, गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति, मिठाई, पटाखा, झालर, मिट्टी के दीये आदि की दूकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी पड़ी। घंटाघर, बसनई बाजार, त्रिमोहानी, संगमोहाल, वासलीगंज, बरियाघाट, ओलियर घाट आदि इलाकों में दूकानें सजी रहीं। पुलिस भीड़ को संभालने में जुटी रही।
सुबह से ही ग्रामीण इलाके के ग्राहक पहुंचने लगे थे। पीतल के बर्तन की अपेक्षा स्टील के बर्तन की दूकानों पर बर्तन खरीदने वालों की भीड़ ज्यादा रही। सोने व चांदी के दूकानों पर खरीदार अपनी पसंद के चैन, अंगूठी, लाकेट, गिन्नी एवं चांदी के बने पायल, बिछिया, चांदी के पुराने व नए सिक्के लेने के लिए जांचते परखते रहे। घंटाघर, ओलियर घाट एवं बरियाघाट में 25 रुपये से लेकर आठ सौ रुपये तक की गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति मिल रही थी। देशी घी से निर्मित मिठाईयों की दूकानों पर पांच सौ व मेवे की बनी मिठाई सात सौ से लेकर दो हजार तक प्रति किलो बिकी। मिठाई लेने के लिए लोग घंटों दूकानों पर खड़े रहे। डालडा घी से बना मिठाई दो सौ से 280 तक बिका। इसके अलावा लाई 40 से 60 रूपया प्रति किलो, भूना चना 120 रुपापया, चिवड़ा 35 से 45़ रूपया, लावा 100 रुपये, गट्टा 80 रुपया, रेवड़ी 100 रूपया, नानखटाई 75 रूपया, चीनी का खिलौना 75 रूपया प्रति किलो तथा मिट्टी का बना दियली 25 से 40 रूपया सैकड़े बिका। सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने पटाखा की दूकानें बीएलजे के मैदान में अस्थायी बनवा कर पटाखा व्यवसायियों को दी गई, जहां बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों ने उनके मन पसंद का पटाखा दिलाया। क्राकरीज की दूकानों से लोगों ने इंडक्शन चूल्हा, गैस चूल्हा, स्टील की बाल्टी, कूकर, कढ़ाई, मिक्सर, ओवन, स्टील के ड्रम, स्टील के बने बर्तन स्टैंड, गैस ओवन एवं वाटर प्यूरीफायर आदि की खरीदारी की।
विज्ञापन
सोने चांदी की दूकानें धनतेरस के मौके पर गुलजार रहीं लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में ग्राहक दूकानों पर कम संख्या में पहुंचे। मगर कीमतें ज्यादा होने के कारण इस बार कारोबार कुछ ज्यादा हुआ। देर रात दक 10 करोड़ से ज्यादा के आभूषणों की बिक्री हुई। सोने के जेवर का भाव प्रति दस ग्राम 27520 तथा चांदी के जेवर का भाव प्रति किलो 38 हजार रुपये रहा। चांदी की पुराने सिक्के आठ सौ रुपये में बिके। नए सिक्के 550 रुपये की दर से बेचे गए। शहर की नामी गिरामी जेवर की दूकानों पर परंपरागत रूप से धनतेरस के पर्व पर ग्राहक पहुंचे रहे। सुबह से ही खरीददारी का जो दौर चला वह देर रात तक चलता रहा। श्रीगणपित ज्वेलर्स के अधिष्ठाता गोपाल सोनी ने बताया कि जीएसटी, नोटबंदी और सूखे के हालात ने बिजनेस पर खासा असर डाला है लेकिन फिर भी परंपरा निभाने के लिए ग्राहक दूकानों पर पहुंचे थे।
धनतेरस पर 50 करोड़ रुपये के दोपहिया, कार, ट्रक और ट्रैक्टर आदि बिके। लोगों ने पहले से ही बुकिंग करा रखी थी। मंगलवार को शुभ मुर्हूत में वाहनों की डिलीवरी ली। आटो मोबाइल का मुख्य कारोबार मिर्जापुर-चुनार मार्ग पर भरुहना क्षेत्र में है। यह इलाका सुबह से ही गुलजार रहा। अग्रवाल आटो सेल्स के अधिष्ठाता शुभम अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां बोलेरो, स्कार्पियो, पिकअप आदि 56 वाहनों की बिक्री हुई। छह करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ। वाहनों की खरीद पर 20 से 30 हजार रुपये की छूट की स्कीम से ग्राहक खिंचे चले आए। हीरो एजेंसी के मैनेजर शरद श्रीवास्तव ने बताया कि लगभग चार करोड़ रुपये के 750 दुपहिया वाहन बिके। सरकारी नौकरी वालों के लिए विशेष छूट थी। टीवीएस के सात सौ वाहनों की बिक्री हुई। कुल तीन करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। दीपावली धमाका कूपन लांच किया गया था। अधिष्ठाता अजय शुक्ला ने बताया कि बुकिंग कराने पर चांदी का सिक्का दिया जा रहा है। बजाज शो रूम पर भी 70 वाहनों की बुकिंग की गई। यहां एक से दो हजार रुपये तक की छूट थी।
विज्ञापन
धनतेरस के अवसर पर मंगलवार को बाजार खरीदारों से पटा रहा। सोने-चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं के साथ-साथ इस बार साथ हीरे जैसे रत्नों से जड़ित आभूषणों की भी बिक्री हुई। सबसे ज्यादा भीड़ बर्तन की दूकानों पर दिखी। पीतल व स्टील के बर्तन, मोमबत्ती, लाई, चिवड़ा, गट्टा, रेवड़ी, गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति, मिठाई, पटाखा, झालर, मिट्टी के दीये आदि की दूकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी पड़ी। घंटाघर, बसनई बाजार, त्रिमोहानी, संगमोहाल, वासलीगंज, बरियाघाट, ओलियर घाट आदि इलाकों में दूकानें सजी रहीं। पुलिस भीड़ को संभालने में जुटी रही।
विज्ञापन
सुबह से ही ग्रामीण इलाके के ग्राहक पहुंचने लगे थे। पीतल के बर्तन की अपेक्षा स्टील के बर्तन की दूकानों पर बर्तन खरीदने वालों की भीड़ ज्यादा रही। सोने व चांदी के दूकानों पर खरीदार अपनी पसंद के चैन, अंगूठी, लाकेट, गिन्नी एवं चांदी के बने पायल, बिछिया, चांदी के पुराने व नए सिक्के लेने के लिए जांचते परखते रहे। घंटाघर, ओलियर घाट एवं बरियाघाट में 25 रुपये से लेकर आठ सौ रुपये तक की गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति मिल रही थी। देशी घी से निर्मित मिठाईयों की दूकानों पर पांच सौ व मेवे की बनी मिठाई सात सौ से लेकर दो हजार तक प्रति किलो बिकी। मिठाई लेने के लिए लोग घंटों दूकानों पर खड़े रहे। डालडा घी से बना मिठाई दो सौ से 280 तक बिका। इसके अलावा लाई 40 से 60 रूपया प्रति किलो, भूना चना 120 रुपापया, चिवड़ा 35 से 45़ रूपया, लावा 100 रुपये, गट्टा 80 रुपया, रेवड़ी 100 रूपया, नानखटाई 75 रूपया, चीनी का खिलौना 75 रूपया प्रति किलो तथा मिट्टी का बना दियली 25 से 40 रूपया सैकड़े बिका। सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने पटाखा की दूकानें बीएलजे के मैदान में अस्थायी बनवा कर पटाखा व्यवसायियों को दी गई, जहां बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों ने उनके मन पसंद का पटाखा दिलाया। क्राकरीज की दूकानों से लोगों ने इंडक्शन चूल्हा, गैस चूल्हा, स्टील की बाल्टी, कूकर, कढ़ाई, मिक्सर, ओवन, स्टील के ड्रम, स्टील के बने बर्तन स्टैंड, गैस ओवन एवं वाटर प्यूरीफायर आदि की खरीदारी की।
विज्ञापन
सोने चांदी की दूकानें धनतेरस के मौके पर गुलजार रहीं लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में ग्राहक दूकानों पर कम संख्या में पहुंचे। मगर कीमतें ज्यादा होने के कारण इस बार कारोबार कुछ ज्यादा हुआ। देर रात दक 10 करोड़ से ज्यादा के आभूषणों की बिक्री हुई। सोने के जेवर का भाव प्रति दस ग्राम 27520 तथा चांदी के जेवर का भाव प्रति किलो 38 हजार रुपये रहा। चांदी की पुराने सिक्के आठ सौ रुपये में बिके। नए सिक्के 550 रुपये की दर से बेचे गए। शहर की नामी गिरामी जेवर की दूकानों पर परंपरागत रूप से धनतेरस के पर्व पर ग्राहक पहुंचे रहे। सुबह से ही खरीददारी का जो दौर चला वह देर रात तक चलता रहा। श्रीगणपित ज्वेलर्स के अधिष्ठाता गोपाल सोनी ने बताया कि जीएसटी, नोटबंदी और सूखे के हालात ने बिजनेस पर खासा असर डाला है लेकिन फिर भी परंपरा निभाने के लिए ग्राहक दूकानों पर पहुंचे थे।
धनतेरस पर 50 करोड़ रुपये के दोपहिया, कार, ट्रक और ट्रैक्टर आदि बिके। लोगों ने पहले से ही बुकिंग करा रखी थी। मंगलवार को शुभ मुर्हूत में वाहनों की डिलीवरी ली। आटो मोबाइल का मुख्य कारोबार मिर्जापुर-चुनार मार्ग पर भरुहना क्षेत्र में है। यह इलाका सुबह से ही गुलजार रहा। अग्रवाल आटो सेल्स के अधिष्ठाता शुभम अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां बोलेरो, स्कार्पियो, पिकअप आदि 56 वाहनों की बिक्री हुई। छह करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ। वाहनों की खरीद पर 20 से 30 हजार रुपये की छूट की स्कीम से ग्राहक खिंचे चले आए। हीरो एजेंसी के मैनेजर शरद श्रीवास्तव ने बताया कि लगभग चार करोड़ रुपये के 750 दुपहिया वाहन बिके। सरकारी नौकरी वालों के लिए विशेष छूट थी। टीवीएस के सात सौ वाहनों की बिक्री हुई। कुल तीन करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। दीपावली धमाका कूपन लांच किया गया था। अधिष्ठाता अजय शुक्ला ने बताया कि बुकिंग कराने पर चांदी का सिक्का दिया जा रहा है। बजाज शो रूम पर भी 70 वाहनों की बुकिंग की गई। यहां एक से दो हजार रुपये तक की छूट थी।