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भारत में रहते हैं सामाजिक, राजनीतिक दृष्टिकोण के लोग : तिलकधारी
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हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते वक्ता, स्रोत सोशल मीडिया
मिर्जापुर। सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में शुक्लहा बस्ती के अनगढ़ रोड स्थित एक लॉन में हिंदू सम्मेलन का आयोजन रविवार को आयोजित हुआ। हिंदू सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक वरिष्ठ अधिवक्ता तिलकधारी ने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से भारत में दो विचारधारा के लोग हैं।
एक वह, जो भारत और भारत मां का सम्मान करते हैं और दूसरे वह, जो भारत को केवल जमीन का एक टुकड़ा समझते हैं। जो इस देश को और देश की मिट्टी को मां मानता है। वह इस राष्ट्र के लिए बलिदान देता है और इस देश में रहने के योग्य है। दूसरी तरफ वह भी है जो विदेशियों की शह पर देश के अंदर जो देश को तोड़ने का प्लान करते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अब पूरे देश में या उद्घोष कर चुका है कि भारत जिसकी माता है वही हमारा भ्राता है।
विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने कहाकि भारतीय महिलाएं प्राचीन काल से पंच परिवर्तन की केंद्र बिंदु रही है। समाज में समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण और नागरिक कर्तव्य जैसे बिंदु उनके नित्य दिनचर्या में रही है।
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आवश्यकता है कि हम उसे संस्कृति और सभ्यता का अनुसरण करते हुए पांच परिवर्तन में अपना सहयोग करें।
अध्यक्षीय उद्बोधन में शिवधारी महाराज ने कहा कि हिंदू सनातन है और इसका कोई अंत नहीं है। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री परिवार के द्वारा हवन के साथ किया गया।
हिंदू समाज ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। कार्यक्रम संयोजक शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और भारत माता की आरती के साथ हिंदू सम्मेलन का समापन हुआ। संचालन एडवोकेट पवन कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार मौर्य, इंद्रजीत शुक्ला, प्रभात, संतोष कुमार मिश्रा, नगर प्रचारक अंजनी, विमलेश अग्रहरि आदि रहे।
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एक वह, जो भारत और भारत मां का सम्मान करते हैं और दूसरे वह, जो भारत को केवल जमीन का एक टुकड़ा समझते हैं। जो इस देश को और देश की मिट्टी को मां मानता है। वह इस राष्ट्र के लिए बलिदान देता है और इस देश में रहने के योग्य है। दूसरी तरफ वह भी है जो विदेशियों की शह पर देश के अंदर जो देश को तोड़ने का प्लान करते रहते हैं।
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उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अब पूरे देश में या उद्घोष कर चुका है कि भारत जिसकी माता है वही हमारा भ्राता है।
विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने कहाकि भारतीय महिलाएं प्राचीन काल से पंच परिवर्तन की केंद्र बिंदु रही है। समाज में समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण और नागरिक कर्तव्य जैसे बिंदु उनके नित्य दिनचर्या में रही है।
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आवश्यकता है कि हम उसे संस्कृति और सभ्यता का अनुसरण करते हुए पांच परिवर्तन में अपना सहयोग करें।
अध्यक्षीय उद्बोधन में शिवधारी महाराज ने कहा कि हिंदू सनातन है और इसका कोई अंत नहीं है। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री परिवार के द्वारा हवन के साथ किया गया।
हिंदू समाज ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। कार्यक्रम संयोजक शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और भारत माता की आरती के साथ हिंदू सम्मेलन का समापन हुआ। संचालन एडवोकेट पवन कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार मौर्य, इंद्रजीत शुक्ला, प्रभात, संतोष कुमार मिश्रा, नगर प्रचारक अंजनी, विमलेश अग्रहरि आदि रहे।