फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   New breed of goat found in Sonbhadra, will be called Sonpari or Vindhi

Mirzapur News: सोनभद्र में मिली बकरी की नई नस्ल, कहलाएगी सोनपरी या विंधी

Sat, 21 Oct 2023 01:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Oct 2023 01:13 AM IST
विज्ञापन
New breed of goat found in Sonbhadra, will be called Sonpari or Vindhi
मिर्जापुर। मांस उत्पादन के लिए बेहतर बकरी की नई नस्ल की खोज की गई है। बीएचयू के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर पशु मादा रोग एंव प्रसूति विज्ञान विभाग के डाक्टरों की टीम ने तीन वर्ष के परिश्रम के बाद इसकी सोनभद्र से खोज की है। विंध्य क्षेत्र में किसान सदियों से इसे पालते रहे हैं पर उसके नस्ल के बारे में जानकारी नहीं थी। सोनपरी या विंधी के नाम पर पंजीकरण की पक्रिया चल रही है।
विज्ञापन

बकरी पालन करने वाले कम लोग ही इसकी नस्ल के बारे में जानते है। उन्हें या तो बकरी के दूध या मांस से मतलब रहता है। अलग-अलग क्षेत्रों में खोज के बाद जमुनापरी, बिटल, बारबरी आदि बकरियों की नस्ल मिली, जिनका नामकरण किया गया। पूर्वांचल के क्षेत्र में काफी लोग बकरी पालन करते है। बकरी की नई नस्ल की खोज करने के लिए उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद ने 2020 में पशु मादा रोग एंव प्रसूति विज्ञान विभाग को प्रोजेक्ट दिया। इसे 2023 तक पूरा करना था।
विज्ञापन

विभाग की टीम ने बकरी के नए नस्ल की खोजबीन शुरू की। मुख्य अन्वेषक डा. प्रिय रंजन कुमार, सह अन्वेषक महिपाल चौबे व डा. अंशुमान को शामिल किया गया। डा. प्रिय रंजन कुमार ने बताया कि नई नस्ल खोजने के लिए मिर्जापुर, चंदौली व सोनभद्र जिले को शामिल किया गया। अलग अलग क्षेत्र की नौ हजार बकरियों का डाटा एनालिसिस किया एक वर्ष तक मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली में खोजबीन की गई, पर यहां कई प्रकार की मिश्रित नस्ल मिली। इस दौरान सोनभद्र में बकरी की नई नस्ल मिली। विंध्य क्षेत्र में सोनभद्र आता है। इसलिए इसका नाम सोनपरी या विंधी रखने पर विचार चल रहा है। जल्द पंजीकरण की प्रकिया शुरु होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


.......................................
नई नस्ल के बकरी की खासियत

मिर्जापुर। डा. प्रिय रंजन कुमार ने बताया कि जो नई नस्ल की बकरी मिली है। वह मांस उत्पादन के लिए उपयुक्त है। यह बकरी छोटे कद की होती है। यह दो रंग काले और भूरे रंग में मिला है। इसका वजन लगभग 28 से 30 किलो का होता है। इसका कान पत्ती के आकार का होता है। नीचे के और झुका रहता है। इसका सींग चपटा है। ज़्यादातर बकरियों में टेढ़ा, बाहर की तरफ निकला हुआ, तथा घुमावदार होता है।


.......................................................

दिसंबर में कराया जाएगा रजिस्ट्रेशन
मिर्जापुर। डा. प्रिय रंजन कुमार ने बताया कि नई नस्ल के बकरी के एक वर्ष तक विश्लेषण करना है। तीन माह, छह माह, नौ माह तक के उसके ग्रोथ रेट का विश्लेषण कर लिया गया है। 12वें माह का विश्लेषण किया जाना बाकी है। इसके बाद नेशनल ब्यूरो आफ एनिमल जिनेटिक रिसोर्सेस संस्था में उसके फारमेट पर डाटा दिया जाएगा। उसके बाद संस्था की टीम जांच करने आएगी। अन्य नस्ल से मिलान के बाद नए नस्ल के रुप में पंजीकृत किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed