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न जांच की सुविधा न प्लेटलेट्स की उपलब्धता, कैसे होगा इलाज

Fri, 03 Sep 2021 11:32 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 11:32 PM IST
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Neither the facility of testing nor the availability of platelets, how will the treatment be done
मिर्जापुर। जिले में फिलहाल डेंगू के मरीज अधिक नहीं है, पर उनके उपचार और इलाज को लेकर सुविधाओं की कमी है। यहां तक कि जिले में डेंगू के जांच की कोई सुविधा नहीं है। मरीज में डेंगू की पुष्टि होने के बाद इलाज के नाम पर सिर्फ वार्ड है। इलाज में सबसे जरूरी प्लेटलेट्स की कमी है। ऐसे में भविष्य में यदि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ेगी तो मुसीबत खड़ी हो सकती है। मंडलीय अस्पताल में छह बेड का डेंगू वार्ड तो बना दिया गया है, पर अन्य कोई सुविधा नहीं है। अगर किसी में डेंगू के लक्षण नजर आते है तो मरीज का सैंपल वाराणसी स्थित बीएचयू भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही डेंगू की पुष्टि होती है। ऐसे में लोग मरीज को लेकर निजी या बाहर के अन्य दूसरे अस्पताल चले जा रहे है। डेंगू होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की कमी होती है। जीवन बचाने के लिए प्लेटलेट्स को अलग से चढ़ाया जाता है, पर मंडलीय अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स ही नहीं है। प्लेटलेट्स ही नहीं ब्लड बैंक में रक्त की भी कमी है। सिर्फ 12 यूनिट रक्त है। ब्लड बैंक में रक्त से सिर्फ प्लेटलेट्स निकालने की ब्लड एफरेसिस मशीन नहीं है। जब रक्तदान होता तभी प्लेटलेट्स बनाया जाता है। उसकी आयु पांच दिन की होती है।
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एक में डेंगू की पुष्टि, चार संदिग्ध
मिर्जापुर। जिले में डेंगू के एक रोगी की पुष्टि की गई है। सीएमओ डा. पीडी गुप्ता ने बताया कि चुनार निवासी एक युवक की एनएस-1 जांच के बाद डेंगू की पुष्टि की गई है। मरीज के घर के आस-पास के घरों में पाइरेथ्रम का स्प्रे, एंटीलार्वा का छिड़काव, सोर्सरिडक्शन की कार्रवाई की गई। डेेंगू के चार संदिग्ध मरीज जो चुनार के चकईपुर के निवासी है। उनके जांच का सैंपल बीएचयू के माइक्रो बायोलाजी लैब भेजा गया है।
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साफ पानी में पनपता है, सुबह-शाम काटता है डेंगू का मच्छर
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल के फिजीशियन डा. उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि एडिज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। डेंगू का एडिज मच्छर सुबह-शाम जब सूर्य की लालिमा रहती है तभी काटता है। सुबह-शाम टहलने वाले या बाहर निकलने वाले लोग फूल बांह का कपड़ा पहन कर निकलें। डेंगू होने पर तेज बुखार, बदन दर्द, कमजोरी, थकान, मिचली-उल्टी आना आदि है। बचाव के लिए पूरे बांह का कपड़ा पहने, शरीर ढका हो। पानी इकट्ठा न होने दें। एंटी लार्वा का छिड़काव करें। एंटी बाडी लोशन लगाकर सोएं, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। शरीर में डेंगू के लक्षण हो तो डाक्टर से सलाह लें। प्लेटलेट्स कम हो तो भर्ती हो जाएं।
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