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बाण सागर परियोजना में लापरवाही विफरे जल शक्ति मंत्री
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मिर्जापुर। जल शक्ति मंत्री उत्तर प्रदेश डॉ. महेन्द्र सिंह दो दिवसीय भ्रमण के दौरान मंगलवार को जनपद में पहुंचे। अष्टभुजा डाक बंगले पर हुई बैठक में बाण सागर नहर परियोजना का काम पूरा न होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उनको गैर जिम्मेदार बताते हुए यहां तक कहा कि ठेकेदारों से रिश्तेदारी निभाई जा रही है। बेहतर है उनके घर जाकर झाड़ू लगाएं।
डॉ. महेन्द्र सिंह (सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग) मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश सरकार की संयुक्त बाण सागर परियोजना प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली है। इसका काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की। और सभी कार्यों को जुलाई के अंत तक पूर्ण कराते हुए परियोजना के नहर में पानी छोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार से भी कहा कि बाण सागर के कार्यों का वे स्वयं निरीक्षण करे। संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जुलाई के अंत तक किसी भी दशा में काम पूर्ण किया जाए। जरगो डैम, मेजा डैम, सिरसी डैम एवं अदवा डैम सहित जनपद के सभी डैम एवं बंधो का अधिकारी भ्रमण कर परीक्षण करें। जिस भी डैम /बंधों एवं चेक डैम में पानी का रिसाव हो उसे शीघ्रातिशीघ्र मरम्मत कराकर ठीक किया जाए। साथ ही जनपद में ऐसे चेक डैम जिनका निर्माण पूरा करा लिया गया हो उसकी सूची ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल एवं संबंधित क्षेत्र के विधायक एवं जन प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं। अधिशाषी अभियंता सिरसी बांध प्रखंड मिथिलेश कुमार को कार्य में लापरवाही बरतने पर इस महीने का वेतन रोकने का आदेश दिया है।
सभी तालाबों और डैम पर पौधरोपण किया जाए
नहरों की सफाई का भी दिया निर्देश
बैठक के दौरान जल शक्ति मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी तालाबों एवं चेक डैम पर बोर्ड लगवाते हुए वृक्षारोपण कराया जाए। उन्होंने सभी चेक डैम पर सीसी कैमरा लगवाने का निर्देश दिया। नहरों की समीक्षा करते हुए कहा कि नहर किसानों की फसल उत्पादन की प्रमुख कड़ी है। अतएव सभी नहरों की समय पर सफाई कराते हुए रिसाव ठीक कराए जाए। जल जीवन मिशन’ हर घर जल के अंतर्गत ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना के सरफेस वाटर/ ग्राउंड वाटर के कार्यों के समीक्षा करते हुए कहा कि कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराते हुए अक्तूबर तक किसी भी दशा में पूरे कराए जाएं। समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के उर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल, जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल रमेश प्रसाद, अधिशासी अभियंता सिरसी बाढ़ प्रखंड, मिथलेश कुमार, नहर प्रखंड चुनार हरिशंकर प्रसाद, सिंचाई नहर प्रखंड वैभव सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत उपस्थित रहेे।
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सिंचाई मंत्री ने कहा कि
सिंचाई विभाग की प्राचीनता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए जल शक्ति मंत्री ने कहा कि 1881 में ही नहरों की रूपरेखा का सृजन हुआ तथा 1885 में नहरें साकार हुईं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 74000 पुल, पुलियां विद्यमान हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मात्र 100 दिन में 25 हजार पुल और पुलिया का निर्माण किया गया जो कि पूरे भारत में एक इतिहास बना।
इनसेट
नमामि गंगे परियोजना की हुई समीक्षा
मिर्जापुर। अष्टभुजा डाक बंगले में नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने बताया कि जनपद मे कुल 27 नाले हैं। इनमें 18 मिर्जापुर एवं नौ विंध्याचल में हैं। अधिकांश नालों पर कार्य पूर्ण कराया गया है। विंध्याचल में गंगा नदी के किनारे निर्माणाधीन घाटों एवं बाढ़ नियंत्रण प्रोजेक्ट के तहत गंगा नदी के कटान को रोकने के लिए कराए जाने वालेे कार्यों की प्रगति के बारे मे भी विस्तृत जानकारी ली। जल निगम की समीक्षा के दौरान अधिशाषी अभियंता जल निगम ने बताया कि कुल 62 टंकियों के सापेक्ष 44 टंकियां सुचारु रूप से पूर्ण क्षमता के संचालित की जा रही हैं। योजनांतर्गत 29 हजार कनेक्शन के सापेक्ष 25486 घरों को कनेक्शन भी दिए गए हैं। उन्होंने सिंचाई एवं जल निगम विभाग के अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
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डॉ. महेन्द्र सिंह (सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग) मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश सरकार की संयुक्त बाण सागर परियोजना प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली है। इसका काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की। और सभी कार्यों को जुलाई के अंत तक पूर्ण कराते हुए परियोजना के नहर में पानी छोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार से भी कहा कि बाण सागर के कार्यों का वे स्वयं निरीक्षण करे। संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जुलाई के अंत तक किसी भी दशा में काम पूर्ण किया जाए। जरगो डैम, मेजा डैम, सिरसी डैम एवं अदवा डैम सहित जनपद के सभी डैम एवं बंधो का अधिकारी भ्रमण कर परीक्षण करें। जिस भी डैम /बंधों एवं चेक डैम में पानी का रिसाव हो उसे शीघ्रातिशीघ्र मरम्मत कराकर ठीक किया जाए। साथ ही जनपद में ऐसे चेक डैम जिनका निर्माण पूरा करा लिया गया हो उसकी सूची ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल एवं संबंधित क्षेत्र के विधायक एवं जन प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं। अधिशाषी अभियंता सिरसी बांध प्रखंड मिथिलेश कुमार को कार्य में लापरवाही बरतने पर इस महीने का वेतन रोकने का आदेश दिया है।
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सभी तालाबों और डैम पर पौधरोपण किया जाए
नहरों की सफाई का भी दिया निर्देश
बैठक के दौरान जल शक्ति मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी तालाबों एवं चेक डैम पर बोर्ड लगवाते हुए वृक्षारोपण कराया जाए। उन्होंने सभी चेक डैम पर सीसी कैमरा लगवाने का निर्देश दिया। नहरों की समीक्षा करते हुए कहा कि नहर किसानों की फसल उत्पादन की प्रमुख कड़ी है। अतएव सभी नहरों की समय पर सफाई कराते हुए रिसाव ठीक कराए जाए। जल जीवन मिशन’ हर घर जल के अंतर्गत ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना के सरफेस वाटर/ ग्राउंड वाटर के कार्यों के समीक्षा करते हुए कहा कि कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराते हुए अक्तूबर तक किसी भी दशा में पूरे कराए जाएं। समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के उर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल, जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल रमेश प्रसाद, अधिशासी अभियंता सिरसी बाढ़ प्रखंड, मिथलेश कुमार, नहर प्रखंड चुनार हरिशंकर प्रसाद, सिंचाई नहर प्रखंड वैभव सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत उपस्थित रहेे।
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सिंचाई मंत्री ने कहा कि
सिंचाई विभाग की प्राचीनता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए जल शक्ति मंत्री ने कहा कि 1881 में ही नहरों की रूपरेखा का सृजन हुआ तथा 1885 में नहरें साकार हुईं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 74000 पुल, पुलियां विद्यमान हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मात्र 100 दिन में 25 हजार पुल और पुलिया का निर्माण किया गया जो कि पूरे भारत में एक इतिहास बना।
इनसेट
नमामि गंगे परियोजना की हुई समीक्षा
मिर्जापुर। अष्टभुजा डाक बंगले में नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने बताया कि जनपद मे कुल 27 नाले हैं। इनमें 18 मिर्जापुर एवं नौ विंध्याचल में हैं। अधिकांश नालों पर कार्य पूर्ण कराया गया है। विंध्याचल में गंगा नदी के किनारे निर्माणाधीन घाटों एवं बाढ़ नियंत्रण प्रोजेक्ट के तहत गंगा नदी के कटान को रोकने के लिए कराए जाने वालेे कार्यों की प्रगति के बारे मे भी विस्तृत जानकारी ली। जल निगम की समीक्षा के दौरान अधिशाषी अभियंता जल निगम ने बताया कि कुल 62 टंकियों के सापेक्ष 44 टंकियां सुचारु रूप से पूर्ण क्षमता के संचालित की जा रही हैं। योजनांतर्गत 29 हजार कनेक्शन के सापेक्ष 25486 घरों को कनेक्शन भी दिए गए हैं। उन्होंने सिंचाई एवं जल निगम विभाग के अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए।