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जिपं अध्यक्ष के लिए जोड़-तोड़ शुरू
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मिर्जापुर। जिला पंचायत सदस्यों के निर्वाचन की सूची फाइनल होते ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जोड़ तोड़ शुरू हो गई है। विभिन्न पार्टियों के चुनावी महारथी मैदान में डट गए हैं। परिणाम के जारी होते ही निर्दल प्रत्याशियों पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।
इस बार पार्टी के रूप में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सपा सामने आई है। उसके 12 जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अधिक सदस्यों की जरूरत होगी। इसी प्रकार भाजपा के केवल पांच, अद एस के चार व कांग्रेस के तीन सदस्य चुनाव जीते हैं। वहीं बसपा भी सपा की आधी अर्थात छह सीटें ही जीत सकी है। इन सभी को देखते हुए अध्यक्ष पद के लिए गुणाभाग करने वालों को निर्दल सदस्य ही अधिक सरल टार्गेट दिखाई दिए। इसको देखते हुए अब उनको लुभाने का काम शुरू हो गया है। इस काम में पुराने धुरंधर दूर से ही बैठकर अपना काम शुरू कर चुके हैं। उनका प्रयास है कि किसी तरह अध्यक्ष पद की कुर्सी हथिया ली जाए। पहले भी ऐसा होता रहा है। यदि अपने को कुर्सी न मिल सके तो अपने ही किसी खास को मोहरा बनाकर सामने लाया जा सकता है। पर्दे के पीछे का खेल शुरू हो चुका है। लोगों का कहना है कि इसमें विभिन्न दलों के सदस्य भी उनके साथ जा सकतेे हैं क्यों कि इसमें पार्टी सिंबल पर तो चुनाव हुआ नहीं है किसी कानून की बंदिश होगी।
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इस बार पार्टी के रूप में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सपा सामने आई है। उसके 12 जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अधिक सदस्यों की जरूरत होगी। इसी प्रकार भाजपा के केवल पांच, अद एस के चार व कांग्रेस के तीन सदस्य चुनाव जीते हैं। वहीं बसपा भी सपा की आधी अर्थात छह सीटें ही जीत सकी है। इन सभी को देखते हुए अध्यक्ष पद के लिए गुणाभाग करने वालों को निर्दल सदस्य ही अधिक सरल टार्गेट दिखाई दिए। इसको देखते हुए अब उनको लुभाने का काम शुरू हो गया है। इस काम में पुराने धुरंधर दूर से ही बैठकर अपना काम शुरू कर चुके हैं। उनका प्रयास है कि किसी तरह अध्यक्ष पद की कुर्सी हथिया ली जाए। पहले भी ऐसा होता रहा है। यदि अपने को कुर्सी न मिल सके तो अपने ही किसी खास को मोहरा बनाकर सामने लाया जा सकता है। पर्दे के पीछे का खेल शुरू हो चुका है। लोगों का कहना है कि इसमें विभिन्न दलों के सदस्य भी उनके साथ जा सकतेे हैं क्यों कि इसमें पार्टी सिंबल पर तो चुनाव हुआ नहीं है किसी कानून की बंदिश होगी।
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