मिर्जापुर। केबीपीजी कॉलेज में शुक्रवार को प्राचार्य प्रो.रवींद्र कुमार द्विवेदी ने स्वर्ण-झनक पुस्तक का लोकार्पण किया। प्रो.रवींद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि पुस्तक के विचार नये आयाम खोलती है। मुख्यतः काशी की केंद्रीयता के लिए हिंदी साहित्य की परंपरा की आद्योपांत व्याख्या पुस्तक में उपलब्ध हैं। साहित्य-समाज में यह अवश्य ही प्रशंसनीय एवं प्रासंगिक होगी।
लेखक डॉ. अंबुज कुमार पांडेय और प्रचंड प्रवीर ने पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पुस्तक विशेष साहित्य संदर्भ को लेकर आलोचकीय अंतर्दृष्टि का आख्यान है। यह पुस्तक परंपरा को नए मानकों के आधार पर व्याख्यायित करने का प्रयास है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. गौरी शंकर द्विवेदी, प्रो. राकेश शुक्ल, प्रो. ज्योतीश्वर मिश्र, डॉ. प्रतिमा भारतीया, डॉ. अमर बहादुर सरोज आदि मौजूद रहे।