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फर्जी पुत्र बनकर पैसे एठने वाला जोगी गिरफ्तार
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स्थानीय थाना क्षेत्र के सहसपुरा गांव में एक व्यक्ति से उसका पुत्र बनकर एक लाख 86 हजार रुपये ठगने वाले जोगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान कर दिया। दस वर्ष पूर्व पीड़ित का पुत्र घर से कहीं चला गया था। इसी का फायदा उठाकर जोगी बनकर आए ठग ने ठगी की।
सहसपुरा गांव निवासी बुधराम विश्वकर्मा का पुत्र अन्नू उर्फ रवि विश्वकर्मा 16 अप्रैल 2011 को घर से कहीं चला गया था। जिसका अब तक पता नहीं चला। 10 वर्ष बाद 17 जुलाई 2021 को एक युवक गांव में साधु के रूप में भिक्षा मांगने गांव में पहुंचा। इसी दौरान वह बुधराम विश्वकर्मा के घर पहुंच गया और खुद को उनका लापता पुत्र बताते हुए उनके घर की सारी बातें बताने लगा। अपने साथ लाया एक शपथ पत्र भी दिखाया। इससे परिवार के लोगों को उस बहुरुपिये पर विश्वास हो गया। परिवार के लोगों द्वारा उसे घर रुक जाने की बात कहने पर उसने कहा कि हम मठ से जुड़ चुके हैं। मठ पर भंडारा हो जाएगा तब वह घर रह पाएगा। यदि मठ में पैसा नहीं दिया जाएगा तो कोई गंभीर क्षति हो सकती है। जिसके बाद बुधराम ने पुत्र मोह में एक लाख 46 रुपये उसके कहने पर उसके गुरुदेव को दे दिए। इसके बाद उसने भूत प्रेत भगाने व धन की वृद्धि करने के लिए घर के सारे गहने एक बक्से में बंद कराकर 11 दिन का पूजा-पाठ प्रारंभ किया। गांव वालों के कहने पर बक्से को खोलकर देखा तो उसमें गहने की जगह ईट-पत्थर मिला। इसके बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए। दो दिन पूर्व गांव में दोबारा आने पर लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी रशीद जोगी उर्फ काना पुत्र सिजाम निवासी टिकरिया विशुनपुरा थाना कोतवाली देहात जनपद गोंडा के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। एएसपी नक्सल महेश सिंह अत्रि ने बताया कि उसके पास से 70 हजार रुपये बरामद हुए हैं। आरोपी चोला बदल कर लोगों को धोखा देकर जानमाल का भय दिखाकर गहने व धन पर हाथ साफ करता है।
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सहसपुरा गांव निवासी बुधराम विश्वकर्मा का पुत्र अन्नू उर्फ रवि विश्वकर्मा 16 अप्रैल 2011 को घर से कहीं चला गया था। जिसका अब तक पता नहीं चला। 10 वर्ष बाद 17 जुलाई 2021 को एक युवक गांव में साधु के रूप में भिक्षा मांगने गांव में पहुंचा। इसी दौरान वह बुधराम विश्वकर्मा के घर पहुंच गया और खुद को उनका लापता पुत्र बताते हुए उनके घर की सारी बातें बताने लगा। अपने साथ लाया एक शपथ पत्र भी दिखाया। इससे परिवार के लोगों को उस बहुरुपिये पर विश्वास हो गया। परिवार के लोगों द्वारा उसे घर रुक जाने की बात कहने पर उसने कहा कि हम मठ से जुड़ चुके हैं। मठ पर भंडारा हो जाएगा तब वह घर रह पाएगा। यदि मठ में पैसा नहीं दिया जाएगा तो कोई गंभीर क्षति हो सकती है। जिसके बाद बुधराम ने पुत्र मोह में एक लाख 46 रुपये उसके कहने पर उसके गुरुदेव को दे दिए। इसके बाद उसने भूत प्रेत भगाने व धन की वृद्धि करने के लिए घर के सारे गहने एक बक्से में बंद कराकर 11 दिन का पूजा-पाठ प्रारंभ किया। गांव वालों के कहने पर बक्से को खोलकर देखा तो उसमें गहने की जगह ईट-पत्थर मिला। इसके बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए। दो दिन पूर्व गांव में दोबारा आने पर लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी रशीद जोगी उर्फ काना पुत्र सिजाम निवासी टिकरिया विशुनपुरा थाना कोतवाली देहात जनपद गोंडा के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। एएसपी नक्सल महेश सिंह अत्रि ने बताया कि उसके पास से 70 हजार रुपये बरामद हुए हैं। आरोपी चोला बदल कर लोगों को धोखा देकर जानमाल का भय दिखाकर गहने व धन पर हाथ साफ करता है।
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