मिर्जापुर। केंद्रीय बजट 2026-27 में व्यापारियों एवं एमएसएमई क्षेत्र के लिए कुछ सकारात्मक प्रावधान किया गया है। हालांकि व्यापार संगठनों का मानना है कि बजट में कई अहम सुविधाएं शामिल नहीं हो सकीं। यदि इन पर ध्यान दिया गया होता तो व्यापारी वर्ग को और मजबूती मिलती। उक्त बातें उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिला अध्यक्ष शिव मुंदड़ा ने सोमवार को अपने कार्यालय पर सोमवार को हुई बैठक में कही। जिलाध्यक्ष ने कहा जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों एवं उनके परिवारजनों के लिए 5 लाख रुपये तक की निशुल्क स्वास्थ्य बीमा योजना बजट का हिस्सा होनी चाहिए थी। बढ़ती महंगाई और इलाज के खर्च को देखते हुए यह योजना व्यापारियों के लिए बड़ी राहत बन सकती थी। उन्होंने कहा कि छोटे और मझोले व्यापारियों के लिए दुर्घटना बीमा योजना भी आवश्यक है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों व्यापारी आज भी किसी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में नहीं हैं, ऐसे में दुर्घटना बीमा उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक संबल दे सकता है। कहा कि जीएसटी दरों को और सरल करने, छोटे कारोबारियों के लिए कंपोजिशन स्कीम की सीमा बढ़ाने तथा जीएसटी रिटर्न और नोटिस प्रक्रिया को सहज बनाने की आवश्यकता है, जिससे व्यापारी बिना दबाव के अपना व्यवसाय चला सकें। बैठक में परिक्षीत पांडेय, सुनील मिश्रा, सुधीर सिंहानिया, सुरेंद्र रस्तोगी।