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जवानों की सुरक्षा में आर्सेनिक रहा सफल, बचाई जवानों की जान
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मिर्जापुर। करोना वायरस के संक्रमण से बचाव में होम्योपैथिक दवा आर्सेनिक एल्बम 30 कारगर साबित हो रही है। आरोग्य भारती द्वारा आयोजित कोविड-19 का होम्योपैथिक समाधान विषयक राष्ट्रीय वेबीनार में भारत सरकार आयुष मंत्रालय के सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होम्योपैथी के पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. एके गुप्ता ने यह बातें कहीं।
लखनऊ नगर निगम के आठ जोन में कैंसर एड सोसायटी के सहयोग से 10 हजार लोगों को कोरोना से बचाव के लिए आर्सेनिक एल्बम-30 बांटा गया। 10 दिन बाद दूसरी खुराक दी गई, दवा लेने वाले अब तक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि जीआरपी चारबाग में जब 11 सिपाही संक्रमित हुए तब वहां 200 लोगों को दवा बांटी गई। उस समय 25 अनुपस्थित थे, जिन्हें दवा नहीं दी जा सकी। बाद में उनकी जांच हुई तो सभी अनुपस्थित 25 कर्मचारियों में कोरोना के लक्षण मिले। जबकि दवा लेने वाले सभी सिपाही सुरक्षित हैं। उनकी निगरानी करते हुए अनुसंधान पद्धति पर कार्य कर रहे हैं। वेबीनार में डॉ. बीएन आचार्य, डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी, सुनील वाजपेयी, होम्योपैथिक कॉलेज भोपाल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जूही गुप्ता, डॉ. अशोक वार्ष्णेय, डॉ. आरके मनचंदा, डॉ. अनिल मिश्र, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, डॉ. बीएन सिंह, काशी प्रांत अध्यक्ष डॉ. इंद्रनील बसु, डॉ. अनोखे लाल पाठक, डॉ. हरिश्चंद्र राय, डॉ. मनीष भारतीय, डा. दिवाकर पटेल, डॉ. स्वामीनारायण, डॉ. अवनीश पांडेय, डॉ. राम कुमार वशिष्ठ, डॉ. नंदिनी सिंह, डॉ. विशाल चड्ढा, डॉ. सुनील मंगल, डॉ. एके श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त किए।
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लखनऊ नगर निगम के आठ जोन में कैंसर एड सोसायटी के सहयोग से 10 हजार लोगों को कोरोना से बचाव के लिए आर्सेनिक एल्बम-30 बांटा गया। 10 दिन बाद दूसरी खुराक दी गई, दवा लेने वाले अब तक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि जीआरपी चारबाग में जब 11 सिपाही संक्रमित हुए तब वहां 200 लोगों को दवा बांटी गई। उस समय 25 अनुपस्थित थे, जिन्हें दवा नहीं दी जा सकी। बाद में उनकी जांच हुई तो सभी अनुपस्थित 25 कर्मचारियों में कोरोना के लक्षण मिले। जबकि दवा लेने वाले सभी सिपाही सुरक्षित हैं। उनकी निगरानी करते हुए अनुसंधान पद्धति पर कार्य कर रहे हैं। वेबीनार में डॉ. बीएन आचार्य, डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी, सुनील वाजपेयी, होम्योपैथिक कॉलेज भोपाल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जूही गुप्ता, डॉ. अशोक वार्ष्णेय, डॉ. आरके मनचंदा, डॉ. अनिल मिश्र, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, डॉ. बीएन सिंह, काशी प्रांत अध्यक्ष डॉ. इंद्रनील बसु, डॉ. अनोखे लाल पाठक, डॉ. हरिश्चंद्र राय, डॉ. मनीष भारतीय, डा. दिवाकर पटेल, डॉ. स्वामीनारायण, डॉ. अवनीश पांडेय, डॉ. राम कुमार वशिष्ठ, डॉ. नंदिनी सिंह, डॉ. विशाल चड्ढा, डॉ. सुनील मंगल, डॉ. एके श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त किए।
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