चुनार। कृषि कानून के विरोध में भारतीय किसान सेना के कार्यकर्ताओं ने नगर में पद यात्रा निकाली। शनिवार की दोपहर किसान नगर के मुख्य मार्ग से नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे, जहां उन्होंने सभा कर किसान कानून निरस्त करने की मांग की। राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अरुण कुमार गिरि को सौंपा।
किसानों का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामराज पटेल ने सभा के दौरान कहा कि सरकार अंग्रेजी हुकूमत जैसा रवैया अपना रही है। किसानों को अपने हक व अधिकार के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है। ताज्जुब तो इस बात का है कि जहां सरकार को किसानों के हित की बात सोचनी चाहिए वही किसानों के संघर्ष को दबाया जा रहा है। किसान कानून के विरोध में सैकड़ों किलोमीटर दूर विरोध जताने पहुंचे तो उनके उपर पानी की बौछार, रास्ते में गड्ढे खोदवा कर उन्हें रोकने की कोशिश व उनके विरुद्ध फर्जी मुकदमे दर्ज करवाकर अंग्रेजी हुकूमत की याद दिला रही है। कहा कि नया कृषि कानून लागू होने से किसान कमजोर होगें व उनकी आर्थिक स्थिति खराब होगी। जब किसान खेती करना बंद देगें तो देश में भुखमरी फैलने लगेगी। इसलिए तीनों किसान विरोधी कानून को वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान अमरनाथ सिंह, अवधेश सिंह, मुन्ना चौबे, दीनानाथ सिंह सियाराम सिंह, हरिहर, कैलाश सिंह, जनमेजय सिंह आदि प्रमुख किसान मौजूद रहे ।

चुनार तहसील में किसान विरोधी कानून के विरोध में जूलूस निकालकर पहुचें भारतीय किसान सेना के सदस्य?- फोटो : MIRZAPUR