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लंका दहन कर हनुमान ने रावण को कराया श्रीराम की शक्ति का अहसास
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नगर व ग्रामीण इलाकों में सोमवार की रात जगह-जगह रामलीला का मंचन किया गया। कहीं सीता की खोज में राम दल निकला तो कुछ स्थानों पर लंका दहन का मंचन किया गया। नगर क्षेत्र में श्री त्रिमुहानी रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला का मंचन किया गया। इसमें प्रभु श्रीराम माता सीता की खोज में वन-वन भटकते हुए किष्किंधा पर्वत पहुंचते हैं। जहां बंदरों के राजा सुग्रीव से मित्रता करते हैं। बाली का वध कर सुग्रीव को किष्किंधा का राजा और बाली के पुत्र अंगद को वहां का युवराज बनाते हैं।
सुग्रीव के आदेश पर वानर दल माता जानकी की खोज में चारों दिशाओं में निकल पड़ता है। वानर दल जब माता जानकी की खोज में निकलते हैं, उसी दौरान गिद्ध राज जटायु के भाई संपाती से बानर दल की मुलाकात होती है। संपाती उन्हें बताते हैं कि माता जानकी लंका में अशोक वाटिका में मौजूद हैं। हनुमान समुद्र लांघ कर लंका पहुंचते हैं और माता जानकी का पता लगाकर प्रभु श्रीराम का संदेश उन्हें देते हैं। हनुमान लंका में प्रभु श्रीराम की शक्ति का प्रदर्शन कर अशोक वाटिका को क्षति पहुंचाते हैं। साथ ही अक्षय कुमार का वध व लंका को आग के हवाले कर वापस श्रीराम के पास पहुंचते हैं।
रामलीला पार्क में मंचन के दौरान ओम प्रकाश चौरसिया व शिवकुमार मुंदड़ा ने राम भक्तों का अभिनंदन किया। इस दौरान राजेश कुमार जोशी, टीएन शुक्ला, बच्चा लाल श्रीवास्तव, प्रभात मजूमदार आदि मौजूद रहे।
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जिगना क्षेत्र के पाली में रामलीला समिति की तरफ से अंगद-रावण संवाद का मंचन किया गया। जय बजरंग रामलीला समिति की तरफ से कटरा में लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। भारतीय संस्कृति सेवा संस्था की तरफ से बिहसडा बाजार, जय मां संतोषी आदर्श रामलीला समिति की तरफ से मोहनपुर, रामलीला समिति गौरा, गोगांव, खैरा, श्रीनिवासधाम, मनिकठी, खम्हरिया दमुआन में भी अंगद-रावण संवाद व लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया।
श्री बाल रामलीला समिति के तत्वावधान में अहरौरा क्षेत्र के चौक बाजार में मेघनाथ एवं कुंभ कर्ण वध का मंचन किया गया। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष आनंद कुमार, बृजेश, अश्वनी आदि मौजूद रहे। हलिया क्षेत्र के कोटा शिव प्रताप सिंह गांव में लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। कछवां के गड़ौली धाम परिसर में अयोध्या से आए कलाकारों की तरफ से लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, आशीष बघेल, सुरेश सिंह, प्रवीण सिंह, अमरेश केसरी आदि मौजूद रहे।
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सुग्रीव के आदेश पर वानर दल माता जानकी की खोज में चारों दिशाओं में निकल पड़ता है। वानर दल जब माता जानकी की खोज में निकलते हैं, उसी दौरान गिद्ध राज जटायु के भाई संपाती से बानर दल की मुलाकात होती है। संपाती उन्हें बताते हैं कि माता जानकी लंका में अशोक वाटिका में मौजूद हैं। हनुमान समुद्र लांघ कर लंका पहुंचते हैं और माता जानकी का पता लगाकर प्रभु श्रीराम का संदेश उन्हें देते हैं। हनुमान लंका में प्रभु श्रीराम की शक्ति का प्रदर्शन कर अशोक वाटिका को क्षति पहुंचाते हैं। साथ ही अक्षय कुमार का वध व लंका को आग के हवाले कर वापस श्रीराम के पास पहुंचते हैं।
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रामलीला पार्क में मंचन के दौरान ओम प्रकाश चौरसिया व शिवकुमार मुंदड़ा ने राम भक्तों का अभिनंदन किया। इस दौरान राजेश कुमार जोशी, टीएन शुक्ला, बच्चा लाल श्रीवास्तव, प्रभात मजूमदार आदि मौजूद रहे।
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जिगना क्षेत्र के पाली में रामलीला समिति की तरफ से अंगद-रावण संवाद का मंचन किया गया। जय बजरंग रामलीला समिति की तरफ से कटरा में लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। भारतीय संस्कृति सेवा संस्था की तरफ से बिहसडा बाजार, जय मां संतोषी आदर्श रामलीला समिति की तरफ से मोहनपुर, रामलीला समिति गौरा, गोगांव, खैरा, श्रीनिवासधाम, मनिकठी, खम्हरिया दमुआन में भी अंगद-रावण संवाद व लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया।
श्री बाल रामलीला समिति के तत्वावधान में अहरौरा क्षेत्र के चौक बाजार में मेघनाथ एवं कुंभ कर्ण वध का मंचन किया गया। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष आनंद कुमार, बृजेश, अश्वनी आदि मौजूद रहे। हलिया क्षेत्र के कोटा शिव प्रताप सिंह गांव में लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। कछवां के गड़ौली धाम परिसर में अयोध्या से आए कलाकारों की तरफ से लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, आशीष बघेल, सुरेश सिंह, प्रवीण सिंह, अमरेश केसरी आदि मौजूद रहे।