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विंध्याचल में उमड़ा भक्तों का रेला
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 04 Feb 2015 12:14 AM IST
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माघ पूर्णिमा पर विंध्य धाम में लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। मां के भव्य स्वरूप का दर्शन करने को दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
गंगा में डुबकी लगाने के बाद भक्त नारियल-चुनरी सहित प्रसाद लेकर विंध्य दरबार में पहुंचे, जहां मां विंध्यवासिनी का दर्शन कर निहाल हो गए।
घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और माता के जयघोष से पूरा विंध्यधाम परिसर गुंजायमान हो रहा था।
मंगलवार की प्रात:काल से ही विंध्याचल धाम में दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला आरंभ हो गया था, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा।
विंध्यधाम स्थित गर्भगृह में मां की मंगला आरती के उपरांत मां विंध्यवासिनी के जयकारे से पूरा धाम परिसर देवीमय हो रहा था। गुड़हल के साथ ही अन्य फूलों से मां का भव्य श्रृंगार किया गया था।
दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे। विंध्यधाम में उमड़े दर्शनार्थियों को दर्शन-पूजन कराने में पुलिस के जवान और तीर्थ पुरोहित पूरी सेवा भाव से डटे रहे। उमड़ी भक्तों की भीड़ के चलते विंध्यधाम क्षेत्र की सभी सातों गलियां श्रद्धालुओं से पटी रही। गंगा में डुबकी लगाने के बाद भक्त मंदिर पहुंचे।
वहां दर्शनार्थियाें ने विधि-विधान से मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि के लिए कामना किया। विंध्याचल के न्यू वीआईपी और पुरानी वीआईपी मार्ग सहित कोतवाली गली व पक्काघाट गली में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं।
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मंदिर के छत पर सुबह से लेकर शाम तक मुंडन संस्कार के साथ ही पूजन-पाठ व अनुष्ठान भी अनवरत चलते रहे। मां का दर्शन पूजन करने के बाद भक्तों ने विंध्य की गलियों में स्थित दुकानों से गृहपयोगी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की।
वाहनों के आवागमन पर रोक न लगने से कई मार्गों पर घंटो जाम की स्थिति बनी रही।
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गंगा में डुबकी लगाने के बाद भक्त नारियल-चुनरी सहित प्रसाद लेकर विंध्य दरबार में पहुंचे, जहां मां विंध्यवासिनी का दर्शन कर निहाल हो गए।
घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और माता के जयघोष से पूरा विंध्यधाम परिसर गुंजायमान हो रहा था।
मंगलवार की प्रात:काल से ही विंध्याचल धाम में दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला आरंभ हो गया था, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा।
विंध्यधाम स्थित गर्भगृह में मां की मंगला आरती के उपरांत मां विंध्यवासिनी के जयकारे से पूरा धाम परिसर देवीमय हो रहा था। गुड़हल के साथ ही अन्य फूलों से मां का भव्य श्रृंगार किया गया था।
दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे। विंध्यधाम में उमड़े दर्शनार्थियों को दर्शन-पूजन कराने में पुलिस के जवान और तीर्थ पुरोहित पूरी सेवा भाव से डटे रहे। उमड़ी भक्तों की भीड़ के चलते विंध्यधाम क्षेत्र की सभी सातों गलियां श्रद्धालुओं से पटी रही। गंगा में डुबकी लगाने के बाद भक्त मंदिर पहुंचे।
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वहां दर्शनार्थियाें ने विधि-विधान से मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि के लिए कामना किया। विंध्याचल के न्यू वीआईपी और पुरानी वीआईपी मार्ग सहित कोतवाली गली व पक्काघाट गली में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं।
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मंदिर के छत पर सुबह से लेकर शाम तक मुंडन संस्कार के साथ ही पूजन-पाठ व अनुष्ठान भी अनवरत चलते रहे। मां का दर्शन पूजन करने के बाद भक्तों ने विंध्य की गलियों में स्थित दुकानों से गृहपयोगी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की।
वाहनों के आवागमन पर रोक न लगने से कई मार्गों पर घंटो जाम की स्थिति बनी रही।